मदीना हादसे पर हैदराबाद में स्पेशल कंट्रोल रूम, परिवारों को तत्काल मदद शुरू
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, हैदराबाद
हैदराबाद में सोमवार तड़के सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना के पास हुए भयावह बस हादसे की खबर ने पूरे शहर को शोक में डूबो दिया है। उमरा ज़ियारत पर गए हैदराबाद के 45 ज़ायरीन की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष (स्पेशल कंट्रोल रूम) स्थापित कर दिया है। हादसा इतना विनाशकारी था कि आसिफ नगर, झिर्रा, मेहदीपट्टनम और टोलीचौकी के कई परिवारों की तीन-तीन पीढ़ियाँ एक साथ खत्म हो गईं। दस मासूम बच्चों की मौत ने त्रासदी को और भी दिल दहला देने वाला बना दिया। इस दुर्घटना का एकमात्र जीवित बचा व्यक्ति 24 वर्षीय अब्दुल शुएब मोहम्मद है, जिनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है। उन्हें मदीना के एक जर्मन अस्पताल में गहन चिकित्सा दी जा रही है।
हैदराबाद पुलिस का विशेष नियंत्रण कक्ष सक्रिय
परिवार अपनी किसी भी सहायता के लिए यहाँ संपर्क कर सकते हैं:
📞 040-27852333
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय के लिए इंस्पेक्टर शेख जाकिर हुसैन को नियुक्त किया गया है:
📞 8712660381
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह नियंत्रण कक्ष पासपोर्ट, वीज़ा, कागज़ी कार्यवाही, यात्रा और कानूनी औपचारिकताओं में पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगा।
तेलंगाना भवन, नई दिल्ली में भी सहायता केंद्र स्थापित
राजधानी दिल्ली में स्थित तेलंगाना भवन में भी आपातकालीन समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है:
- वंधना, PS to Resident Commissioner: +91 98719 99044
- सीएच. चक्रवर्ती, PRO: +91 99583 22143
- रक्षित नैल, Liaison Officer: +91 96437 23157
जेद्दा में भारतीय दूतावास का 24×7 कंट्रोल रूम
- 0556122301 (WhatsApp)
- 8002440003 (Toll-free)
- 0122614093
- 0126614276
राज्य सरकार की सहायता और अगला कदम
तेलंगाना सरकार ने हादसे में मारे गए सभी लोगों के परिजनों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को मध्य पूर्व भेजने का निर्णय लिया है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन करेंगे। AIMIM के विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और हर पीड़ित परिवार के दो प्रतिनिधि भी उनके साथ जाएंगे।
अंतिम संस्कार सऊदी अरब में ही होंगे
पहली सूचना के अनुसार, मृतकों के जनाज़े और दफन की रस्में मदीना में ही अदा की जाएँगी। परिवारों की सहमति और स्थानीय प्रावधानों के अनुरूप पूरी धार्मिक और कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएँगी।

