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इसराइल-ईरान संघर्ष के बीच यूएई के लिए उड़ानों का संकट: अमेरिका और यूरोप की कई एयरलाइनों ने रद्द की सेवाएं

दुबई

— इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र की हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गई है। अमेरिका के कतर स्थित अल उदीद एयरबेस पर ईरान की मिसाइलों की बौछार के बाद यूएई सहित खाड़ी के अन्य देशों ने हमले की निंदा करते हुए शांति और कूटनीतिक समाधान की अपील की है।

फ्लाइट संचालन पर गहरा असर

बीते दस दिनों से ईरान, इराक से लेकर भूमध्यसागर तक के आम तौर पर व्यस्त आकाश मार्गों में हवाई ट्रैफिक बेहद घट गया है। सुरक्षा कारणों, वायु क्षेत्र के अस्थायी बंद होने और मिसाइल व ड्रोन हमलों के जोखिम के चलते कई प्रमुख एयरलाइनों ने उड़ानें या तो रद्द की हैं या नए मार्गों से मोड़ी हैं।

प्रमुख अमेरिकी और यूरोपीय एयरलाइनों की स्थिति

एयर फ्रांस-केएलएम (Air France-KLM):

  • 22 और 23 जून को दुबई और रियाद के लिए उड़ानें रद्द की गईं।
  • रॉयटर्स के अनुसार कंपनी हालात की समीक्षा कर रही है।

ब्रिटिश एयरवेज (British Airways):

  • 22 जून को दुबई और दोहा के लिए उड़ानें रद्द।
  • 23 जून से सेवाएं आंशिक रूप से फिर शुरू, लेकिन लगातार स्थिति की निगरानी।
  • प्रभावित यात्रियों को 6 जुलाई तक लचीलापन दिया गया है — वे अपनी बुकिंग में बदलाव कर सकते हैं।
  • बहरीन के लिए उड़ानें 30 जून तक स्थगित

सिंगापुर एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस, एयर कनाडा और फिन्नएयर जैसी कंपनियों ने भी मध्य पूर्व के लिए अपनी सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है।

उड़ानों के मोड़ और लागत में वृद्धि

यूक्रेन और रूस के हवाई क्षेत्र पहले से ही बंद होने के कारण यूरोप और एशिया के बीच कनेक्टिविटी के लिए खाड़ी देशों का मार्ग अहम बन गया था। अब इन रास्तों के भी असुरक्षित होने से एयरलाइंस को कास्पियन सागर के ऊपर से या मिस्र और सऊदी अरब होते हुए दक्षिणी मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं। इससे उड़ानों का समय और लागत दोनों बढ़ रहे हैं।

भारतीय एयरलाइनों पर भी असर पड़ा है, जो कतर और यूएई होते हुए चलने वाली उड़ानों को या तो मोड़ रही हैं या अस्थायी रूप से रोक रही हैं।

यूएई और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

यूएई सरकार ने कतर पर हुए मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है।
कतर, बहरीन और कुवैत ने भी हमले के बाद अपने-अपने हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद कर दिए थे, हालांकि अब ये फिर से खुल चुके हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

  • यात्रा करने वालों को सलाह दी गई है कि वे अपनी एयरलाइनों की वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखें।
  • सभी एयरलाइनों ने यात्रियों को रीबुकिंग और रिफंड विकल्पों की पेशकश की है।

निष्कर्ष

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक हवाई यात्रा एक बार फिर संकट में है। जैसे-जैसे अमेरिका, इसराइल और ईरान की गतिविधियां तेज होती जा रही हैं, खाड़ी के हवाई मार्गों की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ रही है। यात्रियों और एयरलाइनों दोनों को निकट भविष्य में और सावधानी बरतनी होगी।