क़तर की राजधानी दोहा में इज़रायल का हवाई हमला, हमास नेताओं को निशाना बनाने का दावा
दोहा
इज़रायल ने मंगलवार को क़तर की राजधानी दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने का दावा किया है। यह पहली बार है जब इज़रायल ने खाड़ी के पश्चिमी समर्थित देश क़तर की ज़मीन पर हमला किया है। इस कार्रवाई के बाद खाड़ी और अरब देशों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
हवाई हमलों के दौरान हमास का शीर्ष नेतृत्व सुरक्षित बच गया, लेकिन संगठन के पाँच निचले स्तर के सदस्यों और एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं। हमले के तुरंत बाद दोहा के एक रिहायशी इलाके से धुएँ का गुबार उठते देखा गया।
क़तर ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इज़रायल ने “कायराना हमला” कर रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया, जहाँ हमास राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य रहते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने इसे क़तर की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया।
इज़रायली सेना ने इस अभियान को “समिट ऑफ़ फ़ायर” नाम दिया और कहा कि ये वही नेता हैं जो 7 अक्टूबर 2023 के “नरसंहार” और मौजूदा युद्ध की रणनीति के ज़िम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि यह “पूरी तरह स्वतंत्र” इज़रायली कार्रवाई थी।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को दोहा में shelter-in-place की सलाह दी है। व्हाइट हाउस ने यह भी दावा किया कि उसने क़तर को हमले की जानकारी पहले ही दे दी थी, हालाँकि क़तर ने इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा कि चेतावनी हमले की शुरुआत के बाद आई।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
- सऊदी अरब ने क़तर के साथ पूर्ण एकजुटता जताई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस “घृणित आक्रमण” की निंदा करने की अपील की।
- ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और क़तर की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया।
- जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इसे “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ख़तरा” कहा।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी इज़रायल पर “क़तर की संप्रभुता का खुला उल्लंघन” करने का आरोप लगाया।
इस बीच, ग़ाज़ा पट्टी में भी इज़रायली हमले तेज़ हो गए हैं। केवल मंगलवार को ही 42 फ़िलिस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें 9 लोग मदद लेने पहुँचे नागरिक भी शामिल थे। अक्टूबर 2023 से अब तक ग़ाज़ा में 64,605 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1.63 लाख से अधिक घायल हुए हैं।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ग़ाज़ा शहर के निवासियों को संदेश दिया है—
“आपको चेतावनी दी जाती है, तुरंत शहर छोड़ दें। यह तो सिर्फ़ शुरुआत है, हमारी ज़मीनी कार्रवाई अभी आगे बढ़नी है।”

