Culture

क्या बॉलीवुड में मुस्लिम एक्टर्स को नीचा दिखाने का दौर फिर से शुरू हो गया ?

मुंबई, मुस्लिम नाउ ब्यूरो

बॉलीवुड में चर्चित सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है: क्या वह दौर फिर लौट आया है, जब मुस्लिम अभिनेता को नीचा दिखाने की कोशिशें होती थीं? तीनों बड़े खान — सलमान, शाहरूख और आमिर — के खिलाफ फिल्ममेकर अभिनव कश्यप द्वारा जारी विवाद ने इस सवाल को नई तवज्जो दी है। लेकिन क्या यह केवल व्यक्तिगत मतभेद हैं या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश चल रही है?

पाकिस्तानी पॉडकास्टर का दावा है कि बॉलीवुड में मुस्लिम स्टार्स को पीछे करने की रणनीति पुराने जमाने से चली आ रही है। उनका कहना है कि दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार की ख्याति को कम करने के लिए कुछ लोगों ने राज कुमार को बढ़ावा दिया था। इसी तरह, हाल ही में एक सिंगर ने पॉडकास्ट में बिना नाम लिए बताया कि मोहम्मद रफी को लंबे समय तक काम नहीं दिया गया था, ताकि कोई और गायक उभर सके।

इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन के दौर में भी फारुख शेख और अन्य मुस्लिम कलाकारों को उभरने नहीं दिया गया था।

आज की स्थिति यह है कि बॉलीवुड में सुपरस्टार्स की सूची में केवल तीन खान हैं — सलमान, शाहरूख और आमिर। इनके अलावा कोई ऐसा स्टार नहीं है, जिस पर निर्माता करोड़ों रुपये का दांव खेल सके। अक्षय कुमार और अजय देवगन को बढ़ाने की कोशिशें की गईं, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। अक्षय ने तो लगातार आठ से अधिक फिल्में फ्लॉप दीं, लेकिन सलमान खान अपनी दमदार फैन फॉलोइंग और स्टार पावर से किसी भी फिल्म को दो-ढाई सौ करोड़ की कमाई करा सकते हैं। शाहरूख खान की ग्लोबल छवि इतनी बड़ी है कि कोई अभी उनके मुकाबले नहीं खड़ा हो सकता।

इसी पृष्ठभूमि में, अभिनव कश्यप ने तीनों खान और उनके परिवार पर लगातार हमले किए हैं। पॉडकास्ट में वह सलमान खान और उनके परिवार को गालियों तक के साथ निशाना बना रहे हैं, आमिर खान को लोमड़ी और चोर नंबर एक कह रहे हैं, और शाहरूख खान के बारे में ऐसे राज खोलने की बात कर रहे हैं, जिससे वह “मुंह दिखाने लायक नहीं” रहेंगे।

सलमान खान के साथ अभिनव का विवाद उनकी फिल्म ‘दबंग’ के दौरान हुआ था, इसलिए सलमान की आलोचना का तर्क कुछ हद तक बनता है। लेकिन शाहरूख और आमिर के साथ उन्होंने कभी काम नहीं किया। तो सवाल उठता है — उनके पास इन सुपरस्टार्स के बारे में इतनी जानकारी कैसे है? क्या पीछे कोई जासूस या तंत्र है जो उन्हें सबूत मुहैया करवा रहा है?

तीनों खान न केवल बॉलीवुड की सबसे बड़ी हस्तियां हैं, बल्कि उनके काम से हजारों लोगों की रोज़ी-रोटी भी जुड़ी है। इसके बावजूद, अभिनव कश्यप के हमलों के बाद भी सलमान, आमिर और शाहरूख चुप हैं। सवाल उठता है कि जब किसी फिल्मी आइकन को सार्वजनिक रूप से गाली दी जा रही है, तो पुलिस और अदालत क्यों संज्ञान नहीं ले रहे?

अभिनव के छोटे भाई का कहना है कि उनका भाई मानसिक रूप से अस्थिर है। लेकिन अगर यह सच है, तो वह खुलकर पॉडकास्ट में इंटरव्यू कैसे दे रहा है और खुलेआम घूम रहा है?

ये सभी सवाल हमें वापस उस शुरुआती प्रश्न पर ले जाते हैं: क्या बॉलीवुड में फिर से मुस्लिम स्टार्स को नीचा दिखाने का खेल शुरू हो गया है, जैसा कि दिलीप कुमार के जमाने में हुआ करता था?