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दिल्ली कैपिटल्स को मिला नया तेज गेंदबाज सितारा: आकिब नबी दार पर कोच हेमांग बदानी को बड़ा भरोसा

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) अपने नए संयोजन और रणनीति को लेकर चर्चा में है। टीम के मुख्य कोच हेमांग बदानी ने जम्मू-कश्मीर के उभरते तेज गेंदबाज आकिब नबी दार और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मिचेल स्टार्क की संभावित तेज गेंदबाजी जोड़ी को लेकर गहरा उत्साह व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल की बल्लेबाजी पोजीशन पर भी संकेत दिया कि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

दिल्ली कैपिटल्स के कोच का मानना है कि टीम के पास इस बार एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार हो रहा है, जिसमें युवा प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का बेहतरीन मिश्रण दिखाई देता है।

रणजी ट्रॉफी में चमके आकिब नबी दार

जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी दार ने हाल ही में संपन्न रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीता।

आकिब ने 12.56 की औसत से विकेट लिए और इस दौरान सात बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया, जबकि दो बार चार विकेट भी झटके। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/24 रहा। गेंदबाजी के अलावा उन्होंने बल्ले से भी उपयोगी योगदान देते हुए 245 रन बनाए।

उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे चर्चित तेज गेंदबाजों में शामिल कर दिया है।

‘बहुत पहले पहचान ली थी प्रतिभा’

दिल्ली कैपिटल्स के कोच हेमांग बदानी ने कहा कि टीम प्रबंधन ने आकिब नबी की प्रतिभा को काफी पहले पहचान लिया था।

उन्होंने बताया कि आकिब को जून-जुलाई में ही दिल्ली कैपिटल्स के कैंप में बुलाया गया था। बदानी ने कहा कि उसी समय उन्हें लगा था कि यह गेंदबाज खास प्रतिभा रखता है और भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

कोच के मुताबिक, टीम ने यह भी कोशिश की थी कि अन्य फ्रेंचाइजियों की नजर आकिब पर जल्दी न पड़े ताकि उन्हें टीम में शामिल करने का मौका मिल सके।

नॉकआउट मैचों में दिखाया दम

रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों में आकिब नबी ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 12 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीता। इस मुकाबले में उन्होंने एक पारी में सात विकेट भी लिए।

इसके बाद सेमीफाइनल में बंगाल के खिलाफ उन्होंने नौ विकेट झटके और बल्ले से भी 42 रनों की उपयोगी पारी खेली। इस मैच में भी उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

ऐसे प्रदर्शन ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में एक भरोसेमंद मैच विजेता के रूप में स्थापित कर दिया है।

लाल गेंद क्रिकेट के प्रति समर्पण

हेमांग बदानी ने आकिब नबी की सबसे बड़ी खासियत उनके काम के प्रति समर्पण को बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कई युवा गेंदबाज चार दिन के क्रिकेट से दूरी बनाते हैं, क्योंकि इसमें अधिक मेहनत और लंबी स्पेल की जरूरत होती है।

लेकिन आकिब उन खिलाड़ियों में से हैं जो रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप में खेलने का आनंद लेते हैं। बदानी के अनुसार, वह लगातार गेंदबाजी करने और टीम के लिए पूरा योगदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

कोच ने कहा कि इस तरह की प्रतिबद्धता आज के दौर में बहुत कम देखने को मिलती है और यही गुण उन्हें एक विशेष प्रतिभा बनाता है।

स्टार्क के साथ तेज गेंदबाजी आक्रमण

दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि आकिब नबी की युवा ऊर्जा और मिचेल स्टार्क के अनुभव का संयोजन टीम की गेंदबाजी को बेहद खतरनाक बना सकता है।

मिचेल स्टार्क को विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। उनकी तेज गति, स्विंग और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें टी-20 क्रिकेट में भी बेहद प्रभावी बनाती है।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह जोड़ी सही तालमेल के साथ खेलती है तो दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी इस सीजन में कई मजबूत टीमों के लिए चुनौती बन सकती है।

केएल राहुल की बल्लेबाजी पोजीशन पर सस्पेंस

दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक और बड़ा सवाल यह है कि टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल को किस भूमिका में उतारा जाएगा।

हाल के वर्षों में राहुल ने कई भूमिकाएं निभाई हैं। वह ओपनर के तौर पर भी सफल रहे हैं और मध्यक्रम में फिनिशर की भूमिका भी निभा चुके हैं।

हेमांग बदानी ने कहा कि फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। टीम प्रबंधन आने वाले एक सप्ताह में इस बारे में स्पष्टता हासिल कर सकता है।

फिनिशर की भूमिका के कई विकल्प

दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी लाइनअप में इस बार कई दमदार फिनिशर मौजूद हैं। दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स, भारतीय युवा खिलाड़ी आशुतोष शर्मा और अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड मिलर टीम के लिए मजबूत विकल्प बन सकते हैं।

हालांकि आईपीएल के नियमों के अनुसार किसी भी टीम को केवल चार विदेशी खिलाड़ियों को ही प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की अनुमति होती है। ऐसे में टीम प्रबंधन को हर मैच के अनुसार रणनीतिक फैसला लेना होगा।

कोच बदानी का कहना है कि विपक्षी टीम की ताकत, मैच की परिस्थितियों और टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए हर मैच के लिए अलग रणनीति बनाई जाएगी।

पिछले सीजन की निराशा, इस बार उम्मीद

पिछले आईपीएल सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार शुरुआत की थी और लगातार पांच मैच जीतकर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई थी। हालांकि बाद के मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन कमजोर पड़ गया और वह प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई।

टीम ने कुल सात मैच जीते, छह हारे और एक मैच बेनतीजा रहा। वह प्लेऑफ में जगह बनाने से केवल एक जीत दूर रह गई थी।

हेमांग बदानी का मानना है कि टीम के पास इस बार भी मजबूत संयोजन है और अगर खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करते हैं तो दिल्ली कैपिटल्स पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीत सकती है।

उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य केवल प्लेऑफ में पहुंचना नहीं बल्कि खिताब जीतना है और इसके लिए सभी खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे।