मेरठ का ‘जूनियर रैना’: पिता की बीमारी और संघर्षों को मात देकर चमका समीर रिज़वी
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
कहते हैं कि प्रतिभा कभी छिपती नहीं, और अगर इरादों में फौलाद जैसी मजबूती हो, तो किस्मत की लकीरें खुद-ब-खुद बदल जाती हैं। आईपीएल 2026 के रोमांचक सत्र में एक ऐसा नाम गूंज रहा है, जिसने न केवल अपनी टीम को हार के जबड़े से बाहर निकाला, बल्कि अपनी मेहनत से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। यह कहानी है मेरठ के उस जांबाज क्रिकेटर समीर रिज़वी की, जिसे दुनिया आज ‘दाएं हाथ का सुरेश रैना’ और दिल्ली कैपिटल्स का ‘नया फिनिशर’ कह रही है।
मैदान पर धमाका: जब हारी हुई बाजी पलट दी
आईपीएल 2026 का वह ऐतिहासिक मुकाबला एकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ खेला जा रहा था। दिल्ली कैपिटल्स (DC) के सामने जीत के लिए महज 142 रनों का मामूली लक्ष्य था। लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। देखते ही देखते दिल्ली की टीम ने सिर्फ 26 रन पर अपने 4 अहम विकेट गंवा दिए। स्टेडियम में सन्नाटा था और प्रशंसकों ने मान लिया था कि दिल्ली यह मैच हार चुकी है।
तभी मैदान पर उतरे 22 वर्षीय समीर रिज़वी। उनके चेहरे पर दबाव का कोई निशान नहीं था। उन्होंने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर न केवल पारी को संभाला, बल्कि लखनऊ के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। रिज़वी ने 47 गेंदों में 70 रनों की नाबाद और बेहद संयमित पारी खेली। 119 रनों की अटूट साझेदारी के दम पर दिल्ली ने 17 गेंदें शेष रहते यह मुकाबला जीत लिया। इस पारी ने साबित कर दिया कि समीर रिज़वी अब आईपीएल के सबसे भरोसेमंद ‘मैच फिनिशर’ बन चुके हैं।
Sameer Rizvi मिया ने मैच एकतरफा दिया..
— Ranjan Singh (@RanjanSinghh_) April 1, 2026
Dhoni ने अपनी CSK से निकल दिया था
Virat Kohli ने सपोर्ट किया टिप्स दिया मोटिवेट किया आज समीर रिज़वी Star प्लेयर बन गया
Delhi capital को हारा हुआ मैच जीता दिया ..
धोनी ने बहुत खिलाड़ी का करियर ख़त्म किया है pic.twitter.com/NsHcMnoopX
ब्रेन हेमरेज, जिम्मेदारी और क्रिकेट से दूरी: संघर्ष की दास्तान
समीर की सफलता की चमक के पीछे अंधेरी रातों का लंबा संघर्ष छिपा है। मेरठ के एक साधारण परिवार में जन्मे समीर ने 11 साल की उम्र में बल्ला थामा था। उनके मामा तनकीब अख्तर ने गांधीबाग अकादमी में उन्हें तराशा। लेकिन 2020 में उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।
समीर के पिता को ब्रेन हेमरेज हो गया। घर की माली हालत बिगड़ने लगी और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। महज 16-17 साल की उम्र में समीर के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें क्रिकेट छोड़कर घर चलाने के लिए काम-धंधा शुरू करना पड़ा। वह मैदान से दूर हो गए थे, लेकिन उनके भीतर का क्रिकेटर हार मानने को तैयार नहीं था। पिता की बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच समीर ने खुद को संभाला और फिर से मैदान पर वापसी की।
धोनी की प्रेरणा और रैना का वो ‘धूप का चश्मा’
समीर रिज़वी के करियर में ‘मिस्टर आईपीएल’ सुरेश रैना का खास योगदान रहा है। साल 2011 में एक रणजी मैच के दौरान 8 साल के नन्हे समीर की फील्डिंग देखकर रैना इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना धूप का चश्मा (सनग्लासेस) उसे तोहफे में दे दिया। वह पल समीर के लिए किसी ऑस्कर से कम नहीं था। आज जब वह स्पिनर्स के खिलाफ कदमों का इस्तेमाल कर लंबे छक्के लगाते हैं, तो फैंस उन्हें ‘दाएं हाथ का सुरेश रैना’ बुलाते हैं।
समीर खुद महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। धोनी के साथ चेन्नई सुपर किंग्स के ड्रेसिंग रूम में बिताया गया समय उनके लिए किसी यूनिवर्सिटी की पढ़ाई जैसा था। उन्होंने माही से सीखा कि दबाव के क्षणों में खुद को शांत कैसे रखा जाता है और मैच को अंत तक ले जाकर कैसे खत्म किया जाता है।
समीर रिजवी ने गर्दा उड़ा दिया
— Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं) (@IAbhay_Pratap) April 1, 2026
LSG के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन, 5 चौके और 4 छक्के जड़ते हुए DC को जीत दिलाई
Sameer Rizvi एक तूफान है, जलजला है
मजा आ गया लड़के की बल्लेबाजी में pic.twitter.com/09aPcdz63Y
8.4 करोड़ का बोझ और 95 लाख का पुनर्जन्म
समीर रिज़वी का आईपीएल सफर किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं रहा।
- CSK का दौर: 2024 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा। वह उस साल के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने। राशिद खान जैसे दिग्गज गेंदबाज की पहली ही गेंद पर छक्का मारकर उन्होंने सनसनी फैला दी थी। हालांकि, उम्मीदों का दबाव उन पर भारी पड़ा और 8 मैचों में वह सिर्फ 51 रन बना सके, जिसके बाद उन्हें रिलीज कर दिया गया।
- DC में वापसी: 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें महज 95 लाख रुपये में खरीदा। यहाँ से समीर का पुनर्जन्म हुआ। कम कीमत का मतलब था कम दबाव और अधिक आजादी। उन्होंने पिछले सीजन के अंत में पंजाब के खिलाफ 25 गेंदों में 58 रन बनाकर अपनी वापसी का बिगुल फूंका था।
- 2026 का ‘बीस्ट मोड’: इस सीजन में समीर का औसत 63.6 और स्ट्राइक रेट 151 के पार है। वह अब केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि दिल्ली की जीत की गारंटी बन गए हैं।
घरेलू क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’
समीर की ताकत उनकी निडर बल्लेबाजी है। घरेलू क्रिकेट में उनके आंकड़े किसी को भी हैरान कर सकते हैं:
- सबसे तेज दोहरा शतक: U23 स्टेट ‘A’ ट्रॉफी में उन्होंने मात्र 97 गेंदों में 201 रन बनाए, जिसमें 20 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
- UP T20 लीग: इस लीग में उन्होंने 47 गेंदों में शतक जड़ा और एक सीजन में सबसे ज्यादा 491 रन बनाकर अपनी काबिलियत साबित की।
- विजय हजारे ट्रॉफी: उत्तर प्रदेश के लिए खेलते हुए उन्होंने कई बार मुश्किल परिस्थितियों में 80+ रनों की पारियां खेलकर टीम को जीत दिलाई।
पढ़ाई के लिए नहीं मिला समय, पर मैदान पर बने ‘मास्टर’
समीर के लिए क्रिकेट ही उनकी पूजा और उनकी शिक्षा रही है। खेल के प्रति उनके समर्पण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 20 साल की उम्र पार करने के बाद अपनी 10वीं की परीक्षा पूरी की। उनके पिता अक्सर उनके मामा से इस बात पर नाराज होते थे कि क्रिकेट समीर की पढ़ाई खराब कर रहा है, लेकिन आज वही पिता अपने बेटे की सफलता पर गर्व से सिर ऊंचा करके चलते हैं।
🚨KEVIN PIETERSEN ON SAMEER RIZVI🚨
— Sam (@Cricsam01) April 1, 2026
He said🎙️- “He’s a highly talented player who finished last IPL strongly and has carried that form forward. Delivered a brilliant knock under pressure when DC were struggling — looks set for a big season.”🔥pic.twitter.com/9vtH2aDIVR
निष्कर्ष: भारतीय क्रिकेट का भविष्य
समीर रिज़वी की कहानी सिर्फ रनों और रुपयों की नहीं है, बल्कि यह उस जज्बे की कहानी है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता। मेरठ की गलियों से निकलकर आईपीएल के चकाचौंध भरे मैदान तक का सफर समीर ने अपनी मेहनत, पसीने और आंसुओं से तय किया है।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए वह एक हीरा साबित हुए हैं, और जिस तरह से वह प्रदर्शन कर रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब नीली जर्सी पहनकर वह टीम इंडिया के लिए मैदान पर उतरेंगे। समीर रिज़वी ने साबित कर दिया है कि अगर आपमें हुनर है और आप कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं, तो पूरी दुनिया आपके कदमों में होगी।

