MANUU रेडियो 90 एफएम बना देश में सामुदायिक प्रसारण का नया उदाहरण
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, हैदराबाद
हैदराबाद स्थित मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (मानू) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर सोच व्यापक और उद्देश्य स्पष्ट हो, तो किसी भी संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली यह यूनिवर्सिटी अब अपने कम्यूनिटी रेडियो ‘रेडियो मानू 90.0 एफएम’ के जरिए देशभर की यूनिवर्सिटियों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है।

मानू का कम्यूनिटी रेडियो न केवल छात्रों और युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है, बल्कि यह समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम भी बन चुका है। खास बात यह है कि यह रेडियो स्टेशन विविध विषयों पर आधारित कार्यक्रमों के जरिए न सिर्फ मनोरंजन करता है, बल्कि ज्ञानवर्धन और सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है।
रेडियो मानू 90.0 एफएम के अंतर्गत प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की सूची काफी समृद्ध और विविधतापूर्ण है। इनमें ‘सलाम सिनेमा’, ‘काबुलीवाला’, ‘थिएटर की दुनिया’, ‘सोसायटी मैटर्स’, ‘जासूसी दुनिया’, ‘अदबनामा’ और ‘द ग्रेट डिस्कवरी’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जो अलग-अलग रुचियों और विषयों को केंद्र में रखकर तैयार किए गए हैं।

‘सलाम सिनेमा’ कार्यक्रम हर गुरुवार सुबह 11 बजे प्रसारित होता है, जिसका पुनः प्रसारण उसी दिन शाम 6 बजे किया जाता है। इसके अलावा अगले दिन रात 9 बजे इसका पॉडकास्ट आईएमसी मानू के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराया जाता है। यह कार्यक्रम सिनेमा की दुनिया के अनछुए पहलुओं को उजागर करता है—चाहे वह मशहूर फिल्मों की कहानियां हों, कलाकारों के अनुभव हों या पर्दे के पीछे की दिलचस्प बातें।
इसी तरह ‘काबुलीवाला’ कार्यक्रम दास्तानगोई की परंपरा को जीवित रखने का प्रयास करता है। हर गुरुवार सुबह 10:30 बजे प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम श्रोताओं को कहानी कहने की प्राचीन कला से जोड़ता है। इसमें दिलचस्प कथाएं, जीवंत प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलती है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करती है।

‘थिएटर की दुनिया’ कार्यक्रम हर मंगलवार को प्रसारित होता है, जिसमें रंगमंच से जुड़े कलाकारों के इंटरव्यू और उनके अनुभव साझा किए जाते हैं। यह कार्यक्रम थिएटर की रचनात्मक प्रक्रिया, पर्दे के पीछे की कहानियों और मंचीय जीवन के विविध पहलुओं को सामने लाता है।
‘सोसायटी मैटर्स’ नामक कार्यक्रम सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित है, जिसमें विशेषज्ञों और आम लोगों की राय के माध्यम से समाज से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा की जाती है। यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाता है, बल्कि सकारात्मक बदलाव के लिए संवाद को भी प्रोत्साहित करता है।

वहीं ‘जासूसी दुनिया’ कार्यक्रम मशहूर लेखक इब्ने सफी की जासूसी कहानियों पर आधारित है, जो रहस्य, रोमांच और दिलचस्प मोड़ों से भरपूर होती हैं। यह कार्यक्रम श्रोताओं को एक अलग ही रोमांचक दुनिया में ले जाता है, जहां हर कहानी में सस्पेंस और थ्रिल का अनोखा मिश्रण होता है।
‘अदबनामा’ कार्यक्रम भाषा और साहित्य के प्रेमियों के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है। इसमें उर्दू, हिंदी, अंग्रेजी, फारसी और अरबी भाषाओं की साहित्यिक परंपराओं को प्रस्तुत किया जाता है। कविता, कहानियां और साहित्यिक चर्चाओं के जरिए यह कार्यक्रम भाषाई विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देता है।

वहीं ‘द ग्रेट डिस्कवरी’ कार्यक्रम विज्ञान और इतिहास के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण खोजों पर आधारित है। हर शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम श्रोताओं में जिज्ञासा जगाने और ज्ञान का विस्तार करने का कार्य करता है। इसमें प्राचीन आविष्कारों से लेकर आधुनिक तकनीकी उपलब्धियों तक की रोचक जानकारियां दी जाती हैं।

रेडियो मानू की एक और खासियत यह है कि यह सभी कार्यक्रमों को रेडियो प्रसारण के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराता है। आईएमसी मानू के यूट्यूब चैनल पर इन कार्यक्रमों के पॉडकास्ट प्रसारित किए जाते हैं, जिससे श्रोता अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इन्हें सुन सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सहायक होते हैं, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम भी बन सकते हैं। मानू का यह प्रयास इस दिशा में एक सराहनीय कदम है, जो अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

कुल मिलाकर, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का रेडियो मानू 90.0 एफएम आज न सिर्फ एक प्रसारण मंच है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति, मनोरंजन और सामाजिक जागरूकता का संगम बन चुका है। यह पहल यह साबित करती है कि जब शिक्षा और संचार का सही समन्वय होता है, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव हो जाता है।

