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फुटबॉलर बनने का सपना देखने वाली नोरा फतेही कैसे बनीं बॉलीवुड स्टार ?

मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली

बॉलीवुड की ‘डांसिंग क्वीन’ नोरा फतेही आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना किसी भी बाहरी शख्स (आउटसाइडर) के लिए एक सपने जैसा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों दिलों पर राज करने वाली नोरा कभी फिल्मी दुनिया का हिस्सा नहीं बनना चाहती थीं? उनका असली जुनून तो फुटबॉल के मैदान में बसता था। हाल ही में नोरा ने अपने संघर्ष और फुटबॉलर से बॉलीवुड सुपरस्टार बनने के सफर के दिलचस्प किस्से साझा किए हैं।


जब 11 साल की उम्र में टूटा ‘फुटबॉलर’ बनने का सपना

मोरक्को मूल की कनाडाई अभिनेत्री नोरा फतेही ने खुलासा किया कि बचपन में वह एक पेशेवर फुटबॉलर बनने की ट्रेनिंग ले रही थीं। खेल के प्रति उनकी दीवानगी ऐसी थी कि वह घंटों मैदान पर पसीना बहाती थीं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

महज 11 साल की उम्र में एक अभ्यास सत्र के दौरान नोरा एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गईं। इस चोट ने न केवल उन्हें मैदान से दूर कर दिया, बल्कि एक एथलीट बनने के उनके सपने को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। नोरा बताती हैं:

“वह मेरे जीवन का सबसे दुखद दौर था। जिस उम्र में बच्चे खेलना सीखते हैं, उस उम्र में मैंने अपना सबसे बड़ा सपना टूटते देखा। लेकिन आज मैं समझती हूं कि उस संघर्ष ने मुझे मानसिक रूप से इतना मजबूत बना दिया कि मैं बॉलीवुड की अनिश्चितताओं का सामना कर सकी।”


‘रोर’ से शुरुआत और ‘बाहुबली’ का तड़का

नोरा का भारतीय मनोरंजन जगत में सफर आसान नहीं था। उन्होंने फिल्म ‘रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन’ से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन पहचान की तलाश जारी रही। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा का रुख किया।

तेलुगु हिट फिल्मों जैसे ‘टेम्पर’, ‘किक 2’ और ऐतिहासिक फिल्म ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ के गानों में उनकी स्पेशल अपीयरेंस ने दर्शकों को उनका दीवाना बना दिया। उनके ग्रेस और डांसिंग स्टाइल ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई।


‘दिलबर’ गर्ल ने जब रचा इतिहास

नोरा फतेही के करियर का टर्निंग पॉइंट साल 2018 में आया, जब फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ का गाना ‘दिलबर’ रिलीज हुआ। इस गाने के रीमेक में नोरा के बेली डांस ने इंटरनेट पर आग लगा दी।

  • रिकॉर्ड तोड़ व्यूज: रिलीज के महज 24 घंटों में इस गाने को यूट्यूब पर 2 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया।
  • यह उस समय किसी भी हिंदी गाने के लिए एक अभूतपूर्व वैश्विक रिकॉर्ड था। इसके बाद नोरा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और ‘ओ साकी साकी’, ‘गर्मी’ और ‘कमरिया’ जैसे ब्लॉकबस्टर गानों की झड़ी लगा दी।

फुटबॉल से रिश्ता अब भी है बरकरार

भले ही चोट के कारण नोरा पेशेवर खिलाड़ी नहीं बन सकीं, लेकिन फुटबॉल के प्रति उनका प्यार कम नहीं हुआ।

  1. फीफा विश्व कप 2022: नोरा ने कतर में आयोजित फीफा विश्व कप फैन फेस्टिवल में परफॉर्म कर भारत और मोरक्को का मान बढ़ाया।
  2. थीम सॉन्ग: उन्होंने फीफा के आधिकारिक थीम सॉन्ग ‘लाइट द स्काई’ में भी अपनी आवाज और कला का जादू बिखेरा।

आज नोरा फतेही न केवल एक बेहतरीन डांसर और अभिनेत्री हैं, बल्कि वह दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के उद्घाटन समारोहों की पहली पसंद बन चुकी हैं।


संघर्ष से सफलता तक

नोरा फतेही की कहानी इस बात का सबूत है कि जब एक दरवाजा बंद होता है, तो दूसरा जरूर खुलता है। अगर 11 साल की उम्र में वह चोट न लगी होती, तो शायद दुनिया को एक अच्छी फुटबॉलर तो मिलती, लेकिन बॉलीवुड को उसकी ‘दिलबर गर्ल’ कभी नहीं मिल पाती। उनकी ताकत उनका अनुशासन है, जो उन्होंने खेल के मैदान से सीखा और आज वह उसी दम पर दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचा रही हैं।

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