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WHCD शूटिंग: हमले के बाद भी ईरान पर ट्रंप के तेवर कड़े, वार्ता की उम्मीदें धुंधली

वाशिंगटन/तेहरान:

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी उस समय दहल उठी जब ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन’ (WHCD) के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान गोलियों की गूँज सुनाई दी। इस हमले ने न केवल अमेरिकी सत्ता के गलियारों को हिला दिया है, बल्कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध और शांति वार्ताओं के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को खुद को डराने की कोशिश बताया है, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ अपने सैन्य और कूटनीतिक रुख से पीछे नहीं हटेंगे।

डिनर टेबल से सुरक्षित ठिकाने तक: वो खौफनाक रात

शनिवार की रात वाशिंगटन हिल्टन होटल का बॉलरूम पत्रकारों, मशहूर हस्तियों और देश के शीर्ष नेताओं से खचाखच भरा था। राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन का इंतजार हो रहा था, तभी बाहर अचानक 5 से 8 राउंड गोलियां चलने की आवाज आई। देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने तुरंत मोर्चा संभाला और राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सुरक्षित बाहर निकाला।

इस भगदड़ में राष्ट्रपति ट्रंप मामूली रूप से लड़खड़ा कर गिर भी गए, लेकिन उन्हें तुरंत सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया का रहने वाला है। वह कई हथियारों से लैस था। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी को गोली लगी, लेकिन बुलेट-प्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई।

ट्रंप का बयान: ‘राष्ट्रपति होना एक खतरनाक पेशा है’

व्हाइट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने बेहद गंभीर लहजे में कहा, “जब आप प्रभावशाली होते हैं, तो लोग आपके पीछे पड़ते हैं। राष्ट्रपति होना एक खतरनाक पेशा है, और यह हिंसा इस नौकरी का हिस्सा है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या इस हमले के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है, तो उन्होंने कहा, “फिलहाल मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन कुछ कहा नहीं जा सकता। जांच जारी है। जो भी हो, यह हमला मुझे ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने से नहीं रोक पाएगा।”

ईरान का रुख: ‘दबाव में नहीं होगी कोई बातचीत’

दूसरी ओर, ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के “दबाव और घेराबंदी” वाले रवैये की कड़ी आलोचना की है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में पेजेशकियान ने स्पष्ट किया कि ईरान धमकियों के साये में कोई समझौता नहीं करेगा।

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, पेजेशकियान ने अमेरिका पर युद्धविराम की शर्तों के उल्लंघन और समुद्री प्रतिबंधों के जरिए अंतरराष्ट्रीय चार्टर के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वाशिंगटन की बयानबाजी और प्रतिबंधों ने कूटनीतिक प्रक्रिया पर संदेह पैदा कर दिया है। हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

शांति वार्ता के वो ‘रोड़े’ जो बन रहे हैं सिरदर्द

ट्रंप ने पहले ही पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के लिए अपने दूतों का दौरा रद्द कर दिया है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खाई बहुत गहरी हो चुकी है। मुख्य विवाद के बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह निलंबित करे, जबकि तेहरान इसे केवल सीमित समय के लिए मानने को तैयार है।
  • यूरेनियम का भंडार: वाशिंगटन ईरान के 400 किलोग्राम उच्च-संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहता है, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का कहना है कि जब तक उसके बंदरगाहों से अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटती, वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध जारी रखेगा।
  • मुआवजे की मांग: ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों से हुए नुकसान के बदले 270 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग की है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस समय सक्रिय हैं। उन्होंने मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात कर क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की है। तेहरान का मानना है कि अमेरिका और इजरायल का गठबंधन मध्य पूर्व की शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। वहीं, ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ‘अधिकतम दबाव’ (Maximum Pressure) ही ईरान को झुकाने का एकमात्र रास्ता है।

प्रेस और राष्ट्रपति: एक जटिल रिश्ता

इस हमले ने प्रेस की आजादी और सुरक्षा के सवाल को भी दोबारा खड़ा कर दिया है। WHCD डिनर, जो अक्सर पत्रकारों और सत्ता के बीच एक अनौपचारिक मिलन का जरिया होता है, इस बार तनाव की भेंट चढ़ गया। करीब 500 सेवानिवृत्त पत्रकारों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर कर ट्रंप द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता को ‘कुचलने’ के प्रयासों का विरोध किया। हालांकि, एसोसिएशन की अध्यक्ष वेइजिया जियांग ने कहा कि रिश्ता जटिल हो सकता है, लेकिन यह लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या होगा आगे?

शूटिंग की इस घटना ने अमेरिका के भीतर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, तो वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के बादलों को और गहरा कर दिया है। हमलावर ‘लोन वुल्फ’ था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसकी जांच संघीय अदालत में सोमवार को होने वाली पेशी के बाद साफ हो पाएगी। लेकिन एक बात साफ है—ट्रंप के सख्त तेवर और ईरान की ‘न झुकने’ की जिद दुनिया को एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की ओर धकेल रही है।


मुख्य बिंदु (Bullet Points for Quick Read):

  • घटना: WHCD डिनर के दौरान वाशिंगटन हिल्टन के बाहर फायरिंग।
  • आरोपी: 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन गिरफ्तार।
  • ट्रंप की प्रतिक्रिया: युद्ध से पीछे नहीं हटेंगे, हमला मुझे नहीं डरा सकता।
  • ईरान की शर्त: प्रतिबंध हटने तक कोई बातचीत नहीं; 270 अरब डॉलर मुआवजे की मांग।
  • कूटनीति: पाकिस्तान में होने वाली वार्ता रद्द, मध्य पूर्व में तनाव चरम पर।

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