एएमयू के डॉक्टर गुफरान जलील को एम्स दिल्ली में मिला सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का सम्मान
अलीगढ़:
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। यूनिवर्सिटी के पैरामेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गुफरान जलील ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। उन्होंने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आयोजित एक नेशनल कॉन्फ्रेंस में शीर्ष सम्मान हासिल किया है। इस सफलता से न केवल यूनिवर्सिटी बल्कि पूरे अलीगढ़ में खुशी की लहर है।
नई दिल्ली के एम्स स्थित जेएलएन ऑडिटोरियम में हाल ही में ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एडवांसेज इन हेल्थकेयर एंड रिहैबिलिटेशन साइंसेज’ (NCAHRS-AIIMS 2026) का आयोजन हुआ। इस बड़े आयोजन में देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया था। डॉ. गुफरान जलील ने इस कॉन्फ्रेंस में अपने रिसर्च पेपर की मौखिक प्रस्तुति दी थी। उनके शोध के विषय और प्रस्तुतीकरण के तरीके ने वहां मौजूद जजों और विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया। इसी के चलते उन्हें ‘ओरल प्रेजेंटेशन’ श्रेणी में प्रथम स्थान के लिए चुना गया।
डॉ. जलील की यह कामयाबी यहीं तक सीमित नहीं रही। चिकित्सा और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान को देखते हुए उन्हें इसी मंच पर प्रतिष्ठित ‘बेस्ट रिसर्चर अवार्ड’ (सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता पुरस्कार) से भी नवाजा गया। डॉ. गुफरान वर्तमान में एएमयू के पैरामेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी सेक्शन के इंचार्ज के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उनकी इस दोहरी जीत पर पैरामेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर काजी एहसान अली ने गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने डॉ. जलील को बधाई देते हुए कहा कि यह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। प्रोफेसर एहसान अली ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एम्स जैसे संस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त करना डॉ. जलील की कड़ी मेहनत और उनके शोध की गुणवत्ता को दर्शाता है।
चिकित्सा जगत के जानकारों का मानना है कि डॉ. जलील जैसे युवा प्रोफेसरों की यह सफलता फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में नए रास्ते खोलेगी। इससे छात्रों को भी काफी प्रेरणा मिलेगी। डॉ. जलील ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुओं और संस्थान के सहयोग को दिया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में रिसर्च का बहुत बड़ा महत्व है। सही रिसर्च के जरिए ही मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है।
एएमयू कैंपस में भी डॉ. जलील की इस उपलब्धि की काफी चर्चा हो रही है। उनके सहयोगियों और छात्रों ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। इस तरह के पुरस्कार मिलने से शैक्षणिक माहौल को भी बढ़ावा मिलता है। दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में स्वास्थ्य क्षेत्र की नई चुनौतियों और उनके समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। डॉ. जलील के शोध को वहां मौजूद विशेषज्ञों ने भविष्य के उपचारों के लिए बहुत उपयोगी बताया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए यह वाकई में गौरव का क्षण है।

