गुरुग्राम में नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय ने HSVP के साथ मिलकर चलाया सफाई अभियान
नई दिल्ली / गुरुग्राम:
दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम (Gurugram) से सांप्रदायिक सौहार्द और नागरिक जिम्मेदारी की एक बेहद खूबसूरत और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। अक्सर खुले में जुमे की नमाज (Juma Namaz in Gurugram) और ईद-बकरीद की नमाज को लेकर चर्चा में रहने वाले इस आधुनिक शहर में इस बार प्रशासन और जनता के बीच कमाल का तालमेल देखने को मिला। गुरुग्राम के सेक्टर 29 स्थित हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन (Huda City Center Metro Station) के पास एक विशाल मैदान में नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के साथ मिलकर एक वृहद सफाई अभियान (Cleanliness Drive) चलाया।
इस मुहिम की सबसे खास बात यह रही कि शहर के जिला नोडल अधिकारी (प्रवर्तन) और वरिष्ठ डीटीपी आर.एस. बाठ (R S Batth DTP) ने खुद मौके पर पहुंचकर न केवल स्थानीय लोगों की हौसलाअफजाई की, बल्कि अपने हाथों से कूड़ा उठाकर इस अभियान की अगुवाई भी की।
नमाज के बाद स्वच्छता का संकल्प: 40 एकड़ मैदान की बदली सूरत
भौगोलिक और आर्थिक रूप से देश के अग्रणी शहरों में शुमार गुरुग्राम में मुस्लिम आबादी के अनुपात में मस्जिदों और ईदगाहों की भारी कमी है। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर से रोजाना लाखों लोग नौकरी और रोजगार के सिलसिले में साइबर सिटी आते हैं। पर्याप्त जगह न होने के कारण अक्सर सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर विवाद की स्थिति बन जाती है। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा रखी है।
इन्हीं चुनौतियों के बीच, प्रशासन ने सेक्टर 29 में करीब 40 एकड़ का एक मैदान ईद और बकरीद जैसी विशेष नमाजों के लिए चिन्हित कर रखा है। आगामी त्योहार बकरीद (Bakrid 2026) के मद्देनजर इस मैदान में काफी गंदगी जमा थी। इसे देखते हुए मुस्लिम समाज ने आगे आकर हर शुक्रवार को नमाज के बाद इस मैदान की सफाई करने का जिम्मा उठाया और HSVP विभाग से सहयोग मांगा।
विभाग के जेई रामपाल जी ने इस पूरी मुहिम को धरातल पर कोऑर्डिनेट किया। इस पहल से प्रभावित होकर जिला नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। देखते ही देखते हजारों नमाजियों ने प्रशासन के साथ मिलकर पूरे 40 एकड़ के मैदान को कचरा मुक्त कर दिया।

अतिक्रमण और अवैध मीट की दुकानों पर खुली चर्चा
सफाई अभियान के बाद जिला नोडल अधिकारी और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच शहर की व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बेहद सार्थक और सकारात्मक संवाद हुआ। इस पब्लिक इंटरेक्शन (Public Interaction) के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी:
- सड़कों पर अतिक्रमण से तौबा: स्थानीय नागरिकों और नमाजियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया कि सड़कों पर किसी भी तरह का अवैध अतिक्रमण (Encroachment) नहीं होना चाहिए।
- बिरयानी और मीट की दुकानों पर नियम: बैठक में विशेष रूप से चर्चा की गई कि सड़कों के किनारे और विशेषकर मंदिरों व धार्मिक स्थलों के पास अवैध रूप से बिरयानी या मीट की दुकानें न खोली जाएं। समुदाय के प्रबुद्ध लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने रिश्तेदारों और करीबियों को इस बारे में जागरूक करेंगे।
- माफिया राज के खिलाफ एकजुटता: प्रशासन ने लोगों को भू-माफिया और अवैध कब्जा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रति आश्वस्त किया, जो आम जनता और शहर की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
“अगर गुरुग्राम को अतिक्रमण मुक्त करना है और सुंदर बनाना है, तो हर नागरिक का साथ जरूरी है। पब्लिक पार्टिसिपेशन (जनभागीदारी) से ही बड़ा बदलाव मुमकिन है। जब प्रशासन और जनता का मन मिल जाए, तो शहर की हर समस्या का समाधान चुटकियों में हो जाता है।” — आर.एस. बाठ, जिला नोडल अधिकारी (प्रवर्तन), गुरुग्राम
जनभागीदारी का एक अनोखा और अनुकरणीय मॉडल
गुरुग्राम में चलाया गया यह सफाई अभियान सिर्फ एक दिन की गतिविधि नहीं है, बल्कि मुस्लिम समाज ने अब हर शुक्रवार को नमाज के बाद इस मैदान की सफाई करने का लिखित संकल्प लिया है। सोशल मीडिया पर इस पहल की जमकर तारीफ हो रही है और लोग हैशटैग #rsbatth, #publicparticipation और #togetherness के साथ इसे शेयर कर रहे हैं।
यह घटना दर्शाती है कि जब कानून प्रवर्तन (Enforcement) के साथ जनभागीदारी और आपसी संवाद जुड़ जाता है, तो वह शहर के विकास का एक बेहतरीन मॉडल बन जाता है। गुरुग्राम ने पूरे देश के सामने यह मिसाल पेश की है कि धार्मिक कर्तव्यों को निभाने के साथ-साथ नागरिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को कैसे शिद्दत से पूरा किया जा सकता है।

