मसौली में पॉलिटेक्निक खुलने की तैयारी, शिक्षा को बढ़ावा
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, बाराबंकी
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के मसौली क्षेत्र से शिक्षा और तकनीकी विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रफी अहमद किदवई मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की गई कि क्षेत्र में जल्द ही एक पॉलिटेक्निक संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस पहल को इलाके के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मसौली स्थित रफी अहमद किदवई मेमोरियल ट्रस्ट परिसर में नवनिर्मित प्रशासनिक हॉल के उद्घाटन समारोह के दौरान सामाजिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय माहौल में हुआ, जहां शिक्षा, सामाजिक विकास और क्षेत्रीय प्रगति को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
समारोह की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता और भारत सरकार में पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे स्वर्गीय रफी अहमद किदवई की मजार पर पुष्पांजलि और फातिहा के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए देश की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के लिए उनकी सेवाओं को प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री Farid Mahfooz Kidwai, ट्रस्ट से जुड़े कई सदस्य, शिक्षाविद और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सामाजिक सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना समय की जरूरत है।
रफी अहमद किदवई मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहे Dr. Ammar Rizvi ने अपने संबोधन में मसौली के लिए बड़े शैक्षणिक विजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द यहां पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी और रोजगार आधारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
डॉ. अम्मार रिजवी ने कहा कि आज के दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को तकनीकी दक्षता और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी हो गया है। पॉलिटेक्निक संस्थान शुरू होने के बाद इंजीनियरिंग, टेक्निकल ट्रेनिंग, कंप्यूटर एजुकेशन और इंडस्ट्री आधारित कोर्स स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे छात्रों को बड़े शहरों की ओर पलायन कम करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ट्रस्ट के अंतर्गत पहले से एक इंटर कॉलेज, निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज और कंप्यूटर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। अब पॉलिटेक्निक कॉलेज शुरू होने से तकनीकी शिक्षा की कमी को भी काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
अपने संबोधन में डॉ. रिजवी ने स्वर्गीय रफी अहमद किदवई की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश और समाज के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। विशेष रूप से कश्मीर मुद्दे सहित राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रफी अहमद किदवई का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी सोच को आगे बढ़ाना ट्रस्ट की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट की वार्षिक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा के विस्तार, संस्थागत विकास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मसौली जैसे क्षेत्र में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। इससे न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो बाराबंकी और आसपास के जिलों के छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। खासकर उन छात्रों को, जो आर्थिक कारणों से बड़े शहरों में पढ़ाई नहीं कर पाते।

