SportsTOP STORIES

फीफा विश्व कप में चमकेंगे कौन से मुस्लिम सितारे

नंबर 10 जर्सी पहनने वाले खिलाड़ियों पर दुनिया की नजर

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, वॉशिंगटन

फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत में अब कुछ ही घंटे शेष हैं। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें उन खिलाड़ियों पर टिकी हैं जो इस बार टूर्नामेंट के सबसे बड़े सितारे बन सकते हैं। खास तौर पर मुस्लिम फुटबॉलरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया, खेल विशेषज्ञों और फुटबॉल विश्लेषकों के बीच यह सवाल लगातार पूछा जा रहा है कि आखिर इस विश्व कप में कौन सा मुस्लिम खिलाड़ी सबसे ज्यादा चमकेगा।

फीफा विश्व कप 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार 48 राष्ट्रीय टीमें इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। इसके साथ ही दुनिया के लगभग हर महाद्वीप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस महाकुंभ में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं।

इन खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा चर्चा नंबर 10 जर्सी पहनने वाले सितारों की हो रही है। फुटबॉल की दुनिया में नंबर 10 जर्सी केवल एक नंबर नहीं बल्कि रचनात्मकता, नेतृत्व, तकनीकी कौशल और मैच का रुख बदलने की क्षमता का प्रतीक मानी जाती है। पेले, डिएगो माराडोना, जिनेदिन जिदान, रोनाल्डिन्हो और लियोनेल मेस्सी जैसे महान खिलाड़ियों ने इस जर्सी को विश्व फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित पहचान बना दिया है।

इस बार भी कई मुस्लिम खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीमों के लिए नंबर 10 जर्सी पहनते नजर आएंगे। इनमें कुछ खिलाड़ी पहले से सुपरस्टार हैं, जबकि कुछ युवा प्रतिभाएं पहली बार वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करेंगी।

सबसे ज्यादा चर्चा फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन म्बाप्पे की हो रही है। फ्रांस के लिए नंबर 10 जर्सी पहनने वाले म्बाप्पे पहले ही विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े नामों में शामिल हो चुके हैं। दो विश्व कप फाइनल खेल चुके म्बाप्पे के पास गति, तकनीक और गोल करने की असाधारण क्षमता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वह इस विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।

जर्मनी की उम्मीदें भी एक युवा मुस्लिम सितारे पर टिकी हैं। जमाल मुसियाला पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय फुटबॉल के सबसे चमकदार नामों में उभरे हैं। उनकी ड्रिब्लिंग, रचनात्मकता और डिफेंस को तोड़ने की क्षमता उन्हें विश्व कप के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल करती है। रूस 2018 और कतर 2022 की निराशा के बाद जर्मनी को फिर से खिताब की दौड़ में लाने की जिम्मेदारी काफी हद तक मुसियाला के कंधों पर होगी।

मोरक्को के ब्राहिम डियास भी इस सूची में प्रमुख नाम हैं। यूरोप के शीर्ष क्लब फुटबॉल में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले डियास से मोरक्को को काफी उम्मीदें हैं। 2022 विश्व कप में इतिहास रचने वाली मोरक्को टीम इस बार भी बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखती है।

मिस्र के मोहम्मद सलाह को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लंबे समय से अफ्रीकी फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शामिल सलाह अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के दम पर मिस्र को आगे ले जाने की कोशिश करेंगे। दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता किसी परिचय की मोहताज नहीं है।

सेनेगल के सादियो माने भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। अफ्रीकी फुटबॉल के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल माने अपने अंतिम विश्व कप अभियानों में से एक खेल सकते हैं। उनकी गति, मेहनत और निर्णायक मौकों पर प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें बेहद खास बनाती है।

ईरान की टीम में मेहदी ग़ैदी पर सबकी नजरें होंगी। हाल के वर्षों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है और ईरानी फुटबॉल के नए चेहरे के रूप में उभरे हैं। पश्चिम एशिया के फुटबॉल प्रेमियों को उनसे काफी उम्मीदें हैं।

ट्यूनीशिया के हैनिबल मेजबारी भी उन युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन पर फुटबॉल विशेषज्ञों की विशेष नजर है। उनकी रचनात्मक शैली और आक्रमण में योगदान ट्यूनीशिया को मजबूत बना सकता है।

सऊदी अरब के सलेम अल दौसारी एक और ऐसा नाम हैं जिन्हें दुनिया पहले से जानती है। विश्व कप में बड़े मौकों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अल दौसारी इस बार भी अपनी टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल होंगे।

जॉर्डन के मूसा अल तमारी को भी मध्य पूर्व का उभरता सितारा माना जा रहा है। उनकी तकनीकी क्षमता और आक्रमण में योगदान जॉर्डन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

इसके अलावा कतर के हसन अल हैदोस, बोस्निया के एर्मेडिन डेमिरोविक, तुर्किये के हाकान कल्हानोग्लू, अल्जीरिया के फ़ारेस चाईबी और उज्बेकिस्तान के ज़ालोलिद्दीन मशारीपोव जैसे खिलाड़ी भी अपने देशों की उम्मीदों का केंद्र होंगे।

हालांकि मुस्लिम खिलाड़ियों के अलावा विश्व कप में कई अन्य सुपरस्टार भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी अपने संभावित अंतिम विश्व कप में उतर सकते हैं। वहीं ब्राजील के नेमार चोट से उबरने के बाद अपने अधूरे सपने को पूरा करना चाहेंगे। इंग्लैंड के जूड बेलिंघम, पुर्तगाल के बर्नार्डो सिल्वा और स्पेन के दानी ओल्मो भी टूर्नामेंट के बड़े नामों में शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 विश्व कप केवल स्थापित सितारों का मंच नहीं होगा। यह युवा प्रतिभाओं के उभरने का भी अवसर है। कई खिलाड़ी पहली बार विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे और संभव है कि टूर्नामेंट समाप्त होने तक फुटबॉल दुनिया को नया सुपरस्टार मिल जाए।

फुटबॉल प्रेमियों के लिए सबसे दिलचस्प सवाल यही है कि क्या किलियन म्बाप्पे अपनी विरासत को और मजबूत करेंगे, क्या जमाल मुसियाला जर्मनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे, क्या मोहम्मद सलाह और सादियो माने अफ्रीका का सपना पूरा कर पाएंगे या फिर कोई नया मुस्लिम खिलाड़ी पूरी दुनिया को चौंका देगा।

विश्व कप का इतिहास बताता है कि बड़े टूर्नामेंट अक्सर नए नायकों को जन्म देते हैं। यही वजह है कि फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से पहले मुस्लिम फुटबॉलरों को लेकर उत्साह और उम्मीदें अपने चरम पर हैं। आने वाले दिनों में दुनिया को इसका जवाब मैदान पर मिलने वाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *