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UAE में भारतीयों के लिए पासपोर्ट फीस 75 फीसदी तक महंगी

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई

संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना और उसका नवीनीकरण कराना पहले की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने 20 जून को पासपोर्ट नियमों में संशोधन का राजपत्र जारी किया है। इसके तहत पासपोर्ट और उससे जुड़ी कई सेवाओं की फीस में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका असर भारत के साथ साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों पर भी पड़ेगा।

यूएई में भारतीय दूतावास और भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अभी तक नई शुल्क सूची जारी नहीं की है। हालांकि मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नई फीस जल्द घोषित की जाएगी। ऐसे में यूएई में रहने वाले लाखों भारतीय नई दरों का इंतजार कर रहे हैं।

यूएई दुनिया में भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल के अनुसार इस समय यूएई में करीब 45 लाख भारतीय रहते हैं। यही कारण है कि यहां पासपोर्ट और अन्य कांसुलर सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

आंकड़े बताते हैं कि जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 के बीच भारतीय मिशनों ने 15 लाख 80 हजार से अधिक कांसुलर सेवाएं पूरी कीं। यह औसतन हर कार्य दिवस में लगभग 1760 सेवाओं के बराबर है। केवल वर्ष 2024 में ही 5 लाख 61 हजार से अधिक कांसुलर सेवाएं दी गईं। इनमें 3 लाख 64 हजार से ज्यादा सेवाएं केवल पासपोर्ट से जुड़ी थीं। इससे साफ है कि यूएई में भारतीय समुदाय के लिए पासपोर्ट सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली सरकारी सेवाओं में शामिल है।

नई पासपोर्ट फीस कितनी होगी

संशोधित नियमों के अनुसार सामान्य प्रक्रिया में 36 पेज वाले नए या नवीनीकरण पासपोर्ट की फीस 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। यानी करीब 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

60 पेज वाले जंबो पासपोर्ट की फीस 2000 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये कर दी गई है। इसमें लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

तत्काल सेवा लेने वाले आवेदकों को 36 पेज वाले पासपोर्ट के लिए 5000 रुपये और 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए 6000 रुपये देने होंगे।

सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जिनका पासपोर्ट खो गया है या खराब हो गया है। ऐसे मामलों में सामान्य प्रक्रिया के तहत 36 पेज वाले पासपोर्ट के लिए अब 5000 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 7500 रुपये शुल्क देना होगा।

इसके अलावा पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और सरेंडर सर्टिफिकेट की फीस 750 रुपये तय की गई है। विदेशों में जारी किए जाने वाले इमरजेंसी सर्टिफिकेट की फीस 15 अमेरिकी डॉलर और सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी की फीस 50 अमेरिकी डॉलर होगी।

अभी यूएई में कितनी फीस ली जाती है

फिलहाल यूएई में 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए 285 दिरहम लिए जाते हैं। 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस 380 दिरहम है।

यदि कोई व्यक्ति तत्काल सेवा चुनता है तो 36 पेज वाले पासपोर्ट के लिए 855 दिरहम और 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए 950 दिरहम देने पड़ते हैं।

इसके अलावा इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड के नाम पर 8.05 दिरहम और सेवा प्रदाता शुल्क के रूप में 9.45 दिरहम अतिरिक्त लिए जाते हैं। इस तरह सामान्य 36 पेज वाले पासपोर्ट की कुल लागत लगभग 302.50 दिरहम बैठती है।

नई भारतीय शुल्क सूची लागू होने के बाद यूएई में अंतिम शुल्क कितना होगा, इसका फैसला भारतीय मिशन जल्द करेंगे।

1 जुलाई से बदलेगा सेवा प्रदाता

पासपोर्ट फीस में बदलाव ऐसे समय किया गया है जब यूएई में भारतीय कांसुलर सेवाओं का पूरा ढांचा भी बदलने जा रहा है।

1 जुलाई 2026 से Alhind Tours and Travels LLC पासपोर्ट, वीजा, ओसीआई, दस्तावेज सत्यापन और अन्य कांसुलर सेवाओं का संचालन संभालेगी। इसके साथ ही BLS International और SGIVS Global की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी।

नई व्यवस्था के तहत सभी सेवाएं इंडियन कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर यानी आईसीएसी के नाम से संचालित होंगी।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अलग अलग सेवाओं के लिए अलग एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पासपोर्ट, नया आवेदन, नवीनीकरण, वीजा, ओसीआई कार्ड, पुलिस क्लीयरेंस, सरेंडर सर्टिफिकेट और दस्तावेजों के सत्यापन जैसी सभी सेवाएं एक ही केंद्र पर उपलब्ध होंगी।

Dh19 सर्विस चार्ज पर अभी तस्वीर साफ नहीं

टेंडर प्रक्रिया के दौरान Alhind ने प्रति आवेदन 19 दिरहम की सबसे कम वित्तीय बोली लगाई थी। कंपनी का कहना है कि इस शुल्क में सभी आवश्यक सेवा खर्च शामिल होंगे।

समझौते के अनुसार आवेदन जमा होने के पांच कार्य दिवस के भीतर अपॉइंटमेंट उपलब्ध कराना होगा। साथ ही प्रत्येक आवेदन की प्रक्रिया 30 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 19 दिरहम की इस फीस में कौन कौन सी सेवाएं शामिल होंगी। यह भी साफ नहीं है कि नई पासपोर्ट फीस लागू होने के बाद यह शुल्क अलग रहेगा या उसमें कोई बदलाव होगा।

भारतीय समुदाय पर क्या पड़ेगा असर

यूएई में रहने वाले अधिकांश भारतीय नौकरी, कारोबार और परिवार से जुड़े कारणों से समय समय पर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराते हैं। ऐसे में फीस बढ़ने से लाखों लोगों का खर्च बढ़ेगा। खासकर उन परिवारों पर अधिक असर पड़ सकता है जिनके कई सदस्यों के पासपोर्ट एक साथ नवीनीकरण के लिए आने वाले हैं।

दूसरी ओर सरकार का मानना है कि कांसुलर सेवाओं को आधुनिक बनाने और बेहतर सुविधा देने के लिए शुल्क संरचना में समय समय पर संशोधन आवश्यक होता है। अब सभी की नजर यूएई स्थित भारतीय मिशनों की आधिकारिक घोषणा पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि नई भारतीय शुल्क व्यवस्था वहां किस रूप में लागू की जाएगी।

प्रश्न: नई पासपोर्ट फीस कब से लागू होगी?
उत्तर: नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।

प्रश्न: क्या यह नियम यूएई में रहने वाले भारतीयों पर भी लागू होगा?
उत्तर: हां। विदेशों में भारतीय मिशनों के जरिए पासपोर्ट सेवाएं लेने वालों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।

प्रश्न: 36 पेज वाले पासपोर्ट की नई फीस कितनी है?
उत्तर: सामान्य प्रक्रिया में 2500 रुपये और तत्काल सेवा में 5000 रुपये।

प्रश्न: यूएई में नया सेवा प्रदाता कौन होगा?
उत्तर: 1 जुलाई 2026 से Alhind Tours and Travels LLC भारतीय कांसुलर सेवाएं संचालित करेगी।

प्रश्न: क्या सभी सेवाएं एक ही केंद्र पर मिलेंगी?
उत्तर: हां। नए ICAC केंद्रों पर पासपोर्ट, वीजा, OCI, पुलिस क्लीयरेंस और दस्तावेज सत्यापन जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

LLMO Structured Summary

मुख्य विषय: भारतीय पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी

स्थान: यूएई

प्रभावित लोग: लगभग 45 लाख भारतीय प्रवासी

लागू तिथि: 1 जुलाई 2026

मुख्य बदलाव: पासपोर्ट फीस में 67 से 75 प्रतिशत तक वृद्धि

नई व्यवस्था: Alhind के माध्यम से ICAC सेंटर पर सभी कांसुलर सेवाएं

प्रमुख सेवाएं: पासपोर्ट, वीजा, OCI, पुलिस क्लीयरेंस, सरेंडर सर्टिफिकेट, दस्तावेज सत्यापन

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