फीफा विश्व कप में सलह की चोट से मिस्र की बढ़ी चिंता
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काहिरा।
फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण से पहले मिस्र की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान और स्टार फुटबॉलर मोहम्मद सलह हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ 32 मुकाबले में उनके खेलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मिस्र फुटबॉल संघ ने फिलहाल उनकी उपलब्धता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
सलह को ईरान के खिलाफ खेले गए ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले के दौरान मैदान छोड़ना पड़ा था। मैच के दौरान उन्होंने अपनी जांघ के पिछले हिस्से में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच में हैमस्ट्रिंग में खिंचाव की पुष्टि हुई।
टीम डॉक्टर मोहम्मद अबू एल एला ने बताया कि सलह का इलाज शुरू कर दिया गया है। मेडिकल टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। हालांकि यह नहीं बताया गया कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान पर उतर पाएंगे या नहीं।
मिस्र के लिए सबसे अहम खिलाड़ी हैं सलह
मोहम्मद सलह केवल मिस्र के कप्तान ही नहीं बल्कि टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी भी हैं। पूरे ग्रुप चरण में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने तीन मुकाबलों में एक गोल किया और दो गोल करने में साथियों की मदद की। उनके प्रदर्शन की बदौलत मिस्र पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने में सफल रहा।
सलह का अनुभव और नेतृत्व टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। ऐसे में यदि वह अगले मैच में नहीं खेलते हैं तो मिस्र की रणनीति पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान के खिलाफ मैच में लगी चोट
ईरान के खिलाफ मुकाबला मिस्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। दोनों टीमों के बीच मुकाबला एक एक की बराबरी पर समाप्त हुआ।
इसी मैच के दौरान सलह ने दौड़ते समय असहजता महसूस की। उन्होंने मेडिकल स्टाफ को संकेत दिया जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया।
पहले उम्मीद थी कि यह मामूली समस्या होगी। लेकिन बाद में हुई स्कैन रिपोर्ट में हैमस्ट्रिंग में खिंचाव सामने आया।
अब टीम प्रबंधन किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं दिख रहा है।
इलाज शुरू हो चुका है
मिस्र फुटबॉल संघ के अनुसार सलह ने पुनर्वास कार्यक्रम शुरू कर दिया है।
उनकी रिकवरी को लेकर रोजाना मेडिकल जांच की जा रही है। फिटनेस विशेषज्ञ उनकी मांसपेशियों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
टीम प्रबंधन चाहता है कि यदि सलह पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर न उतारा जाए।
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अधूरी फिटनेस के साथ खेलने से चोट और गंभीर हो सकती है।
टीम को एक और बड़ा झटका
सलह के अलावा मिस्र की टीम को एक और महत्वपूर्ण खिलाड़ी की चोट ने परेशान कर दिया है।
नियमित लेफ्ट बैक अहमद फतूह भी हैमस्ट्रिंग फटने की वजह से बाहर होने की कगार पर हैं।
मिस्र फुटबॉल संघ का कहना है कि उनके ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने की संभावना बेहद कम है।
फतूह की अनुपस्थिति टीम की रक्षात्मक रणनीति को प्रभावित कर सकती है क्योंकि वह पिछले कई वर्षों से टीम के प्रमुख डिफेंडर रहे हैं।
मोहम्मद अब्देलमोनेम की फिटनेस पर उम्मीद
मिस्र के लिए राहत की खबर यह है कि सेंटर बैक मोहम्मद अब्देलमोनेम की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।
ईरान के खिलाफ मुकाबले में उनके टखने में गंभीर चोट लगी थी। दर्द के कारण उन्हें केवल चौदह मिनट बाद ही मैदान छोड़ना पड़ा।
अब्देलमोनेम पहले से ही चोटों से प्रभावित सीजन के बाद विश्व कप खेलने पहुंचे थे।
इसके बावजूद मिस्र फुटबॉल संघ ने कहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले के लिए फिट होने की तैयारी कर रहे हैं।
यदि वह वापसी करते हैं तो मिस्र की रक्षापंक्ति को मजबूती मिलेगी।
पहली बार नॉकआउट में पहुंचा मिस्र
मिस्र ने इस बार विश्व कप में यादगार प्रदर्शन किया है।
टीम ने ग्रुप जी में पांच अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई।
यह पहली बार है जब मिस्र फीफा विश्व कप के नॉकआउट दौर तक पहुंचा है।
इस उपलब्धि ने देश के करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों में नया उत्साह पैदा किया है।
अब टीम की नजर ऑस्ट्रेलिया को हराकर अगले दौर में पहुंचने पर है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कठिन चुनौती
राउंड ऑफ 32 का मुकाबला अमेरिका के डलास शहर में खेला जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया भी इस विश्व कप में संतुलित और अनुशासित फुटबॉल खेल रहा है।
उसकी रक्षा पंक्ति मजबूत मानी जाती है। साथ ही टीम तेज पलटवार करने में भी माहिर है।
ऐसे में मिस्र के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा।
यदि सलह मैदान पर उतरते हैं तो मिस्र के आक्रमण को नई धार मिलेगी।
अगर वह नहीं खेलते हैं तो बाकी खिलाड़ियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी होगी।
सलह की गैरमौजूदगी कितना असर डालेगी
मोहम्मद सलह पिछले कई वर्षों से मिस्र फुटबॉल की सबसे बड़ी पहचान रहे हैं।
उनकी गति, गोल करने की क्षमता और बड़े मैचों का अनुभव टीम को अलग स्तर पर ले जाता है।
उनकी मौजूदगी विरोधी टीम पर मानसिक दबाव भी बनाती है।
यदि वह उपलब्ध नहीं रहते हैं तो मिस्र को नई रणनीति अपनानी पड़ सकती है।
कोच को आक्रमण की जिम्मेदारी दूसरे खिलाड़ियों में बांटनी होगी।
मेडिकल टीम पर टिकी उम्मीद
फिलहाल मिस्र की पूरी उम्मीद मेडिकल टीम पर टिकी हुई है।
आने वाले दिनों में सलह की फिटनेस का अंतिम आकलन किया जाएगा।
यदि उनकी रिकवरी उम्मीद के मुताबिक होती है तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने की अनुमति मिल सकती है।
लेकिन यदि दर्द पूरी तरह खत्म नहीं होता तो टीम प्रबंधन कोई जोखिम नहीं उठाएगा।
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की लंबी अवधि की फिटनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पूरी दुनिया की नजर सलह पर
मोहम्मद सलह दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल हैं।
उनकी फिटनेस पर केवल मिस्र ही नहीं बल्कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला मिस्र के विश्व कप अभियान का सबसे अहम मैच साबित हो सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सलह समय रहते पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी करेंगे या मिस्र को अपने सबसे बड़े सितारे के बिना नॉकआउट मुकाबला खेलना पड़ेगा। इसका जवाब टीम की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

