एएमयू में विश्व जनसंख्या दिवस पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का शानदार आयोजन
अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सतत एवं वयस्क शिक्षा और विस्तार केंद्र ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर एक विशेष पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस रचनात्मक पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कला के जरिए जनसंख्या वृद्धि और उससे जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में केंद्र के छात्र-छात्राओं और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से समाज को एक जागरूक संदेश देने का बेहतरीन प्रयास किया।
युवाओं ने कला के जरिए दिखाई वैश्विक चुनौतियां
इस प्रतियोगिता में कुल 32 शिक्षार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। छात्रों ने रंग और ब्रश की मदद से चार्ट पेपर पर जनसंख्या विस्फोट के खतरों को बखूबी उकेरा। उन्होंने दिखाया कि किस तरह लगातार बढ़ती आबादी हमारे प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण और देश के विकास को प्रभावित कर रही है। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ललित कला विभाग की अतिथि संकाय सदस्य डॉ अतिया परवीन ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की रचनात्मकता और विचारों की अनूठी प्रस्तुति की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में सामाजिक मुद्दों को लेकर गहरी समझ है और उनकी कला में यह साफ दिखाई देता है।

मदीहा तनवीर ने जीता पहला पुरस्कार
कड़े मुकाबले के बाद जजों ने विजेताओं के नामों की घोषणा की। कंप्यूटर फंडामेंटल्स एंड एमएस ऑफिस बेसिक्स कोर्स की छात्रा मदीहा तनवीर ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इसी कोर्स की छात्रा तूबा खान दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं साइजीन ने तीसरा स्थान प्राप्त कर केंद्र का नाम रोशन किया। खास बात यह है कि शीर्ष तीनों विजेता एक ही कंप्यूटर कोर्स से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य होनहार छात्रों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। कंप्यूटर कोर्स के छात्र जैद और फंक्शनल इंग्लिश की छात्रा मुस्कान फातिमा को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।
सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बेहद जरूरी
सतत एवं वयस्क शिक्षा और विस्तार केंद्र के निदेशक डॉ शमीम अख्तर ने सभी विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी शिक्षार्थियों के उत्साह की सराहना की। डॉ शमीम अख्तर ने समकालीन सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए ऐसी गतिविधियों को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ इस तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताएं छात्रों के मानसिक विकास और उनकी नागरिक चेतना को जगाने में मदद करती हैं। जनसंख्या नियंत्रण जैसे वैश्विक विषय पर युवाओं का सोचना और अपनी कला के जरिए समाज को सचेत करना एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत है। कार्यक्रम के अंत में निदेशक ने सभी अतिथियों, जजों और प्रतिभागियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

