यूएन सुरक्षा परिषद में सऊदी का बड़ा बयान, अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई जारी
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, वाॅशिंगटन
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हूती विद्रोहियों के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सऊदी अरब का कहना है कि यमनी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के दावे भ्रामक और झूठे प्रचार का हिस्सा हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को और सख्त कर दिया है।
अमेरिकी सेना ने पिछले नौ दिनों में बारह व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला है। इसके अलावा एक जहाज को निष्क्रिय भी किया गया है। लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है।
यूएन सुरक्षा परिषद में सऊदी अरब का रुख
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान सऊदी अरब के प्रतिनिधि फैसल मशारी टी अलमादी ने अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हूती गुट द्वारा फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद है। इस साल की पहली छमाही में तीन सौ से अधिक व्यावसायिक जहाज यमन के बंदरगाहों पर पहुंचे हैं। इनमें भोजन, सामान, ईंधन और निर्माण सामग्री शामिल थी।
सऊदी प्रतिनिधि ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने शांति के सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया है। वे लाल सागर और बाब अल मंदेब में अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बना रहे हैं। यह हरकत समुद्री डकैती के दायरे में आती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 और 2722 को सख्ती से लागू करने की जरूरत है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की नौसैनिक कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर नया अपडेट जारी किया है। अमेरिकी सेना ने नौ दिन पहले ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा शुरू की थी। इस दौरान बारह व्यावसायिक जहाजों का मार्ग परिवर्तित किया गया। एक जहाज को आगे बढ़ने से रोकने के लिए निष्क्रिय किया गया।
अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही रोकना है। साथ ही गैर ईरानी व्यावसायिक जहाजों के लिए रास्ते को सुरक्षित बनाना है। अमेरिकी वायुसेना ने लगातार तेरहवीं रात भी ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे। इन हमलों में मिसाइल ठिकानों, ड्रोन लॉन्च पैड और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया गया है।
रणनीतिक जलमार्गों पर गहराता संकट
मध्य पूर्व के दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग इस समय भारी तनाव में हैं। पहला होर्मुज जलडमरूमध्य है और दूसरा बाब अल मंदेब है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इन्हीं रास्तों से होकर गुजरता है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य: यहां अमेरिकी सेना गैर ईरानी जहाजों की सुरक्षा में जुटी है।
- बाब अल मंदेब: हूती खतरों को देखते हुए सऊदी गठबंधन ने कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है।
- तेल बाजार पर असर: तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
वैश्विक व्यापार पर असर और भविष्य की राह
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में रुकावट से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है। जहाजों को लंबे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। इससे ईंधन का खर्च और बीमा लागत दोनों बढ़ रहे हैं।
सऊदी अरब ने दोहराया है कि वह यमन में शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि हूती विद्रोहियों के अड़ियल रवैये से शांति वार्ता बाधित हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वह जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए। अगर समुद्री रास्तों पर हमले जारी रहे तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Houthis Announce Saudi Naval Blockade यह वीडियो पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव, हूती विद्रोहियों की समुद्री गतिविधियों और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर प्रत्यक्ष ग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
Houthis Announce Saudi Naval Blockade | US Renews Strikes on Iran | West Asia Tensions Escalate
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