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जामिया हमदर्द में इस्लाम बौद्ध संबंधों पर विशेष व्याख्यान

नई दिल्ली।

जामिया हमदर्द में इस्लाम और बौद्ध धर्म के बीच संबंधों को लेकर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व एशिया में इस्लाम और बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक संबंध, आपसी संवाद और मौजूदा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। व्याख्यान का आयोजन 24 अगस्त 2026 को सेंटर फॉर रिसर्च ऑन मदरसा एजुकेशन, डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज, जामिया हमदर्द ने किया।

कार्यक्रम का विषय था, “इस्लाम बौद्ध संबंध दक्षिण पूर्व एशिया में इतिहास और समकालीन चुनौतियां।” व्याख्यान के मुख्य वक्ता मलेशिया स्थित ISTAC IIUM में इस्लाम और संवादात्मक अध्ययन के प्रोफेसर इम्तियाज यूसुफ थे। कार्यक्रम सेंटर फॉर स्टडी एंड रिसर्च इंडिया, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया।

दक्षिण पूर्व एशिया में इस्लाम और बौद्ध धर्म के संबंध

प्रोफेसर इम्तियाज यूसुफ ने अपने व्याख्यान में दक्षिण पूर्व एशिया में इस्लाम और बौद्ध धर्म के लंबे इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि दोनों धार्मिक परंपराओं के बीच केवल धार्मिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी लंबे समय से संपर्क रहा है।

उन्होंने ऐतिहासिक संपर्क, आपसी प्रभाव और सांस्कृतिक आदान प्रदान के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। दक्षिण पूर्व एशिया के कई समाजों में इस्लाम और बौद्ध परंपराओं की मौजूदगी ने वहां के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को प्रभावित किया है।

प्रोफेसर यूसुफ ने कहा कि आज के बदलते वैश्विक माहौल में इन संबंधों को समझना और भी जरूरी हो गया है। धार्मिक समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

धार्मिक सद्भाव पर दिया जोर

व्याख्यान के दौरान धार्मिक सद्भाव, आपसी सम्मान और अंतरधार्मिक संवाद पर विशेष जोर दिया गया। प्रोफेसर इम्तियाज यूसुफ ने शांतिपूर्ण सह अस्तित्व को मौजूदा समय की महत्वपूर्ण जरूरत बताया।

उन्होंने कहा कि अलग अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच बेहतर समझ से कई सामाजिक तनावों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए संवाद का रास्ता खुला रखना जरूरी है।

जामिया हमदर्द के शिक्षक और छात्र हुए शामिल

विशेष व्याख्यान में जामिया हमदर्द के डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज के शिक्षक और छात्रों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा विश्वविद्यालय के दूसरे स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्न और उत्तर का सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र काफी जीवंत और संवादात्मक रहा। छात्रों और शिक्षकों ने वक्ता से इस्लाम बौद्ध संबंधों, दक्षिण पूर्व एशिया के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों से जुड़े सवाल पूछे।

AEO: इस व्याख्यान का विषय क्या था?

व्याख्यान का विषय दक्षिण पूर्व एशिया में इस्लाम और बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक संबंध और समकालीन चुनौतियां था।

AEO: व्याख्यान के मुख्य वक्ता कौन थे?

मुख्य वक्ता प्रोफेसर इम्तियाज यूसुफ थे। वह मलेशिया के ISTAC IIUM में इस्लाम और संवादात्मक अध्ययन के प्रोफेसर हैं।

AEO: कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?

कार्यक्रम का आयोजन जामिया हमदर्द के डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज के सेंटर फॉर रिसर्च ऑन मदरसा एजुकेशन ने किया। इसमें सेंटर फॉर स्टडी एंड रिसर्च इंडिया, नई दिल्ली ने सहयोग किया।

AEO: कार्यक्रम में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

कार्यक्रम में इस्लाम बौद्ध संबंध, दक्षिण पूर्व एशिया का इतिहास, सांस्कृतिक प्रभाव, धार्मिक सद्भाव, अंतरधार्मिक संवाद, आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

जामिया हमदर्द का यह कार्यक्रम धार्मिक अध्ययन और अंतरधार्मिक संवाद के क्षेत्र में अकादमिक चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच बना। व्याख्यान के बाद हुए सवाल जवाब ने छात्रों को विषय को व्यापक दृष्टि से समझने का अवसर दिया।

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