एएमयू के प्रोफेसर आसिफ हसन को लंदन से मिला बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, अलीगढ़
मुस्लिम नाउ की विशेष श्रृंखला ‘नई उम्मीद’ उन भ्रामक धारणाओं और दुष्प्रचार को खारिज करती है, जिनमें एक पूरे समुदाय को नीचा दिखाने का प्रयास किया जाता है। समाज की प्रगति और उपलब्धियों को सामने लाने की इस कड़ी में आज कहानी है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के प्रोफेसर आसिफ हसन की। उनकी इस सफलता ने देश और समाज के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) के कार्डियोलॉजी विभाग में कार्यरत प्रोफेसर आसिफ हसन को रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस, लंदन की प्रतिष्ठित फेलोशिप से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान इंटरनल मेडिसिन, मेडिकल रिसर्च, अकादमिक प्रोजेक्ट्स और पब्लिश अनुसंधान पत्रों में उनके दीर्घकालिक और उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है।

लंदन में मिला वैश्विक सम्मान
लंदन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान 7 अक्टूबर को उन्हें इस फेलोशिप की उपाधि दी गई। रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस के अध्यक्ष प्रोफेसर मुमताज पटेल और रजिस्ट्रार प्रोफेसर उमर मुस्तफा ने उन्हें औपचारिक रूप से सम्मानित किया। चिकित्सा जगत में इस फेलोशिप को अत्यंत सम्मानजनक माना जाता है।
प्रोफेसर आसिफ हसन के पास मेडिसिन में एमडी (MD) और कार्डियोलॉजी में डीएम (DM) की डिग्री है। इसके अतिरिक्त वे कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मेडिकल निकायों से जुड़े हुए हैं। उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं में FACC, FESC, FISC, FICP, FAPSC, FCSAI और MRCP जैसी प्रतिष्ठित उपलब्धियां शामिल हैं।
विभाग और संस्थान में खुशी की लहर
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एएमयू मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मलिक एम. अजहरुद्दीन ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि कार्डियोलॉजी के प्रभावी इस्तेमाल के लिए इंटरनल मेडिसिन का ज्ञान बेहद आवश्यक है। प्रोफेसर हसन की यह उपलब्धि विभाग और पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है।
प्रोफेसर हसन की यह सफलता साबित करती है कि लगन, योग्यता और मेहनत के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा युवाओं के लिए एक बड़ा मार्गदर्शन है।

