जामिया मिल्लिया इस्लामिया में UPSC मेला 2.0, सिविल सेवा के लिए युवाओं को मिला अनूठा मार्गदर्शन
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नई दिल्लीI
देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने हाल ही में प्रतियोगी उत्कृष्टता, समान अवसर और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यूनिवर्सिटी के डॉ. एम. ए. अंसारी ऑडिटोरियम में UPSC मेला 2.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना, तैयारी के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करना और देश के भावी प्रशासनिक अधिकारियों को सही मंच प्रदान करना था।
इस कार्यक्रम में जामिया के अलावा दिल्ली और अन्य विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 1,150 छात्र और सिविल सेवा के आकांक्षी उम्मीदवार शामिल हुए। इस आयोजन ने युवाओं को सफल आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से सीधे जुड़ने, मेंटरशिप प्राप्त करने और अपने करियर को एक नई दिशा देने का बेहतरीन अवसर मुहैया कराया।

समावेशी शिक्षा और समान अवसरों पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से पवित्र कुरान की आयतों के पाठ और जामिया तराना के गायन के साथ हुई। इसके बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए नोडल और शिकायत निवारण अधिकारी डॉ. मो. फैजुल्लाह खान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए एक अनुकूल और सुलभ माहौल तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूनिवर्सिटी का सहयोग केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी हमारा दायित्व है कि हर छात्र को समान अवसर और विश्वसनीय जानकारी मिले।
वाइस-चांसलर प्रो. मज़हर आसिफ़ का प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वाइस-चांसलर प्रो. मज़हर आसिफ़ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कढ़ी मेहनत, अनुशासन और देश के प्रति निष्ठा की भावना के बिना किसी भी बड़े लक्ष्य को पाना असंभव है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे सही रणनीति और पक्के इरादे के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करें, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में एक सार्थक योगदान दे सकें।
सफल उम्मीदवारों के साथ इंटरेक्टिव सेशन
UPSC मेला 2.0 का सबसे आकर्षक हिस्सा सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले चुनिंदा युवाओं के साथ हुआ संवाद सत्र था। इस सत्र में हालिया वर्षों के सफल उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- जयंत गर्ग (AIR 64)
- ध्वनिश पोलावरपु (AIR 108)
- शादाब अली खान (AIR 415)
- शाहरुख खान (AIR 575)
- मो. इरफ़ान कायमखानी (AIR 646)
- मो. अबूज़र अंसारी (AIR 671)
- मुस्कान वर्मा (AIR 771)
- स्नेहा यादव (AIR 782)
- अरुण रंभा (UPSC CSE 2024 सफल उम्मीदवार)
इन सभी ने अपनी सफलता के संघर्ष, उत्तर-लेखन की कला, समय प्रबंधन, और मानसिक तनाव से निपटने के तरीकों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह सही योजना और निरंतरता के साथ इस कठिन परीक्षा को पास किया जा सकता है।

‘द बिग बॉसेस’ टाउन हॉल: प्रशासनिक अनुभव का सार
कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण “द बिग बॉसेस” टाउन हॉल रहा, जिसमें सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री जलज श्रीवास्तव (1984 बैच) और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी सुश्री मंजू सेठ (1983 बैच) ने शिरकत की।
इन दिग्गजों ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के आधार पर छात्रों को लोक प्रशासन, नेतृत्व कौशल, गवर्नेंस और नीति निर्माण की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने समझाया कि किस तरह एक सिविल सेवक को जमीनी स्तर पर जनता की भलाई के लिए कड़े और निष्पक्ष निर्णय लेने होते हैं।
रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) की महत्वपूर्ण भूमिका
इस आयोजन के दौरान जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) के योगदान को भी सराहा गया। RCA पिछले कई वर्षों से अल्पसंख्यक, एससी, एसटी और महिला वर्ग के छात्रों को मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग और हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
इस इवेंट का आयोजन जामिया UPSC सोसाइटी द्वारा किया गया था, जो RCA के पूर्व छात्रों की ही एक पहल है। यह इस बात का प्रमाण है कि जामिया का पूर्व छात्र नेटवर्क नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देने के लिए किस प्रकार सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।

दिव्यांग छात्रों की सुगम भागीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम की एक बड़ी खूबी यह रही कि इसमें दिव्यांग छात्रों की भागीदारी और उनकी शिक्षा से जुड़ी सुगमता (Accessibility) पर विशेष ध्यान दिया गया। यूनिवर्सिटी के शिकायत निवारण अधिकारी कार्यालय ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक सेवाओं में दिव्यांग युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
एकेडमिक सत्रों के साथ-साथ छात्रों के लिए संगीत, नृत्य और UPSC की चुनौतियों पर आधारित एक विशेष नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने इस सफल आयोजन के जरिए एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह देश के हर वर्ग के युवाओं को बेहतरीन शिक्षा, मजबूत मार्गदर्शन और समान अवसर देने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी बांधा समां
शैक्षणिक और मार्गदर्शन सत्रों के अलावा UPSC मेला 2.0 में संगीत, नृत्य और सिविल सेवा परीक्षा पर आधारित नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को केवल परीक्षा और करियर संबंधी चर्चा तक सीमित नहीं रहने दिया।
पूरे आयोजन में विद्यार्थियों, सफल अभ्यर्थियों, पूर्व अधिकारियों और विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को एक मंच पर आने का अवसर मिला। इससे तैयारी करने वाले युवाओं को अपने सवाल पूछने और अलग अलग अनुभवों से सीखने का मौका मिला।
जामिया UPSC सोसाइटी, रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी और दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े कार्यालय के संयुक्त प्रयासों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शन को व्यापक बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय की पहल को सामने रखा।
UPSC मेला 2.0 का संदेश स्पष्ट रहा। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में मेहनत और अनुशासन के साथ सही जानकारी, अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन और समान अवसर भी महत्वपूर्ण हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया की यह पहल युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और सार्वजनिक सेवाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है।

