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गुलमर्ग की अफरवात चोटी पर बिछी बर्फ की सफेद चादर, सैलानियों के चेहरे खिले

गुलमर्ग, जम्मू कश्मीर।

कश्मीर की वादियों में मौसम ने करवट ले ली है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग की ऊंची अफरवात चोटी पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इस बर्फबारी से पूरा पहाड़ी इलाका रुई जैसी सफेद चादर में लिपट गया है। चोटियों पर छाई धुंध और बादलों के बीच से झांकते पहाड़ों के नजारे पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। यहां पहुंचे देश-विदेश के सैलानी ठंड के बीच बर्फ का आनंद ले रहे हैं।

मैदानों में जहां अब भी हल्की गर्मी का असर है, वहीं गुलमर्ग में अचानक गिरी बर्फ ने शुरुआती सर्दियों का अहसास करा दिया है। अफरवात चोटी पर बर्फबारी की खबर मिलते ही पर्यटकों का जमावड़ा लग गया। लोग स्कीइंग और स्लेज राइड का मजा ले रहे हैं। बच्चे और बड़े सभी बर्फ के गोले बनाकर एक-दूसरे पर फेंक रहे हैं और यादगार तस्वीरें खींच रहे हैं।

बारिश की चिंता दूर, बेंगलुरु के सैलानी बोले- यात्रा सफल हुई

गुलमर्ग पहुंचे पर्यटकों के लिए यह अनुभव बेहद खास बन गया है। बेंगलुरु से अपने परिवार के साथ आए पर्यटक मिसेज मोहन ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि यात्रा पर निकलने से पहले उन्हें मौसम को लेकर काफी डर था।

मोहन के मुताबिक, गुलमर्ग पहुंचने से एक दिन पहले वहां रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। बारिश देखकर उन्हें लगा था कि पहाड़ों पर बर्फ देखने की उनकी हसरत अधूरी रह जाएगी। उन्हें डर था कि कहीं मौसम खराब होने से उनका टूर प्लान रद्द न करना पड़े। हालांकि, रात में अचानक तापमान गिरा और सुबह अफरवात चोटी पर बर्फबारी शुरू हो गई।

उन्होंने बताया कि वे इस समय परिवार के साथ गुलमर्ग में हैं। यहां की बर्फ बेहद शानदार है। उनके बच्चे बर्फ देखकर बेहद खुश हैं और जमकर मजे कर रहे हैं। बारिश का डर खत्म होने के बाद अब वे सुकून से छुट्टी बिता रहे हैं।

स्विट्जरलैंड से भी ज्यादा खास लगा गुलमर्ग का नजारा

गुलमर्ग की खूबसूरती केवल पहली बार आने वालों को ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कई देश घूम चुके लोगों को भी प्रभावित कर रही है। बेंगलुरु के ही एक अन्य सैलानी ने बताया कि उनकी यह यात्रा बेहद खास रही है। कश्मीर में यह उनका तीसरा दिन है और हर दिन नए अनुभव दे रहा है।

उन्होंने कहा कि वे स्विट्जरलैंड जैसी विदेशी जगहों पर भी बर्फबारी देख चुके हैं। लेकिन गुलमर्ग का अपना एक अलग ही आकर्षण है। यहां के ऊंचे पहाड़, विशाल वादियां और देवदार के पेड़ों के बीच ढकी बर्फ का नजारा दुनिया में सबसे अलग है। उनका मानना है कि गुलमर्ग किसी जन्नत से कम नहीं है और हर भारतीय को जीवन में एक बार यहां की बर्फबारी देखने जरूर आना चाहिए।

कश्मीर का यह शीतकालीन पर्यटन स्थल अपनी प्राकृतिक बनावट के लिए जाना जाता है। जब हरी-भरी ढलानें और मैदान सफेद बर्फ से ढकी चादर में बदल जाते हैं, तो पूरे इलाके का रूप बदल जाता है। यही वजह है कि गुलमर्ग भारत के सबसे पसंदीदा विंटर डेस्टिनेशन में गिना जाता है।

ब्रिटेन की पर्यटक हिना मज़ारिया बोलीं- भारत में बर्फ देखना यादगार रहा

गुलमर्ग में केवल देश के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। ब्रिटेन से आई महिला पर्यटक हिना मज़ारिया ने भारत में पहली बार बर्फ देखने के अपने अनुभव को बेहद रोमांचक बताया।

हिना अपने परिवार के साथ 14 दिनों की कश्मीर यात्रा पर भारत आई हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने घाटी के कई इलाकों का दौरा किया। वे स्थानीय पर्यटन स्थलों पर घूमीं, घुड़सवारी की और एक ग्लेशियर का नजारा भी देखा।

हिना के अनुसार, उन्होंने ब्रिटेन और फ्रांस में भी कई बार बर्फबारी देखी है। इसके बावजूद भारत के गुलमर्ग में बर्फ देखने का अनुभव कुछ अलग ही है। अफरवात चोटी की ऊंचाई, बर्फ की मोटी परत और चारों तरफ फैले हिमालय के पहाड़ बेहद भव्य दिखाई देते हैं। उन्होंने कश्मीर के लोगों के व्यवहार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां के लोग बेहद दोस्ताना और मददगार हैं। पूरे दौरे के दौरान उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहा है। हिना ने कहा कि वे भविष्य में दोबारा कश्मीर आना पसंद करेंगी।

क्यों खास है अफरवात चोटी और गुलमर्ग गोंडोला?

गुलमर्ग जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह अपनी ठंडी जलवायु, ऊंचे घास के मैदानों और शीतकालीन खेलों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।

अफरवात चोटी इस पूरे इलाके का सबसे मुख्य आकर्षण है। यह काफी अधिक ऊंचाई पर स्थित है। इस वजह से यहां तापमान निचले इलाकों की तुलना में बहुत जल्दी गिरता है। जब भी मौसम बदलता है, सबसे पहले इसी चोटी पर बर्फबारी शुरू होती है।

पर्यटकों को अफरवात चोटी तक पहुंचाने के लिए एशिया की सबसे मशहूर गोंडोला केबल कार सेवा उपलब्ध है। गुलमर्ग गोंडोला की सवारी अपने आप में एक बड़ा रोमांच है। केबल कार में बैठकर जब पर्यटक ऊपर की ओर बढ़ते हैं, तो नीचे बर्फ से ढके जंगल और दूर तक फैली पर्वत श्रृंखलाएं साफ नजर आती हैं।

सर्दियों के मौसम में यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों की भारी भीड़ जुटती है। पेशेवर स्कीयर्स से लेकर नए पर्यटक तक यहां स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और स्लेज राइडिंग का मजा लेते हैं। हालांकि, ये सभी गतिविधियां बर्फ की मोटाई और मौसम विभाग की अनुमति पर निर्भर करती हैं।

गुरेज और तुलैल घाटी में भी बदला मौसम

मौसम का यह बदलाव केवल गुलमर्ग तक सीमित नहीं है। उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले में स्थित गुरेज और तुलैल घाटी के ऊपरी हिस्सों से भी ताजा बर्फबारी की खबरें आई हैं।

गुरेज घाटी अपनी शांत वादियों, बहती नदियों और सीमावर्ती गांवों के लिए जानी जाती है। यहां ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से तापमान में काफी गिरावट आई है। हालांकि, बर्फबारी से जहां पर्यटकों के चेहरों पर खुशी आई है, वहीं स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन की चुनौतियां भी बढ़ने लगी हैं। अत्यधिक बर्फबारी के कारण कई बार दूरदराज के क्षेत्रों का सड़क संपर्क कट जाता है।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला उत्तर भारत का मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि इस मौसमी प्रणाली के असर से आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जैसे ऊंचाई वाले जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में भी हल्की ठंडी हवाएं चलने लगी हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

पर्यटकों के लिए सुरक्षा सलाह जारी

गुलमर्ग और अफरवात चोटी की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  1. गर्म कपड़ों की तैयारी: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हवा चलने से अचानक तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। इसलिए भारी गर्म कपड़े, दस्ताने और कान ढकने वाली टोपी साथ रखें।
  2. सही जूतों का चुनाव: बर्फ पर फिसलने से बचने के लिए वॉटरप्रूफ और अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें।
  3. मौसम का अपडेट लें: अफरवात चोटी पर जाने या गोंडोला की टिकट बुक करने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी जरूर लें।
  4. प्रशिक्षित गाइड की मदद लें: स्कीइंग या स्लेज राइड जैसी गतिविधियां करते समय हमेशा प्रमाणित और अनुभवी संचालकों की देखरेख में ही आगे बढ़ें।

ताजा बर्फबारी ने कश्मीर में पर्यटन उद्योग को एक नई ऊर्जा दी है। होटल व्यवसायियों और स्थानीय दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार सर्दियों के सीजन में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे। गुलमर्ग की वादियां एक बार फिर अपने नए और सफेद रूप में मेहमानों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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