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हरियाणा में कश्मीर जा रही बस पर पथराव, यात्रियों में दहशत

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, करनाल, श्रीनगर

हरियाणा में दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक यात्री बस पर पथराव की घटना ने जम्मू कश्मीर में चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है। बस में सवार यात्रियों के मुताबिक, हरियाणा नंबर की एक कार में बैठे कुछ लोगों ने पहले बस चालक से बहस की। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर बस के शीशे और नंबर प्लेट तोड़ दिए। इस दौरान जम्मू कश्मीर के पंजीकरण नंबर वाली गाड़ी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं। बस चालक ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने यात्रियों को जान से मारने, गाड़ी में आग लगाने और गोली चलाने की धमकी दी।

घटना के बाद जम्मू कश्मीर के नेताओं, धार्मिक हस्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यात्रियों की सुरक्षा का सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारूक और दूसरे नेताओं ने घटना पर चिंता जताई। दूसरी ओर, हरियाणा पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेने और कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, विवाद पार्किंग और रास्ता देने को लेकर हुआ था। पुलिस ने इसे धार्मिक मामला मानने से इनकार किया है।

करनाल के पास कहां हुई घटना?

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक स्लीपर बस हरियाणा में करनाल के आगे नीलोखेड़ी स्थित डिवाइन स्टार होटल के पास रुकी थी। बस चालक वकार ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि यात्री रात के खाने के लिए वहां ठहरे थे। इसी दौरान पार्किंग में पहले से खड़ी हरियाणा नंबर की एक बलेनो कार में बैठे लोगों से विवाद शुरू हो गया।

वकार के मुताबिक, बस खड़ी करने के लगभग एक मिनट बाद पास से आवाज आई कि आतंकवादी गाड़ी यहां से हटाओ। चालक ने जब इसका कारण पूछा, तो उसे कथित तौर पर तुरंत गाड़ी हटाने और जम्मू कश्मीर के नंबर वाली गाड़ी हरियाणा में खड़ी नहीं करने की बात कही गई।

चालक का आरोप है कि इसके बाद एक व्यक्ति ने बस की सामने वाली विंडशील्ड पर वार किया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। फिर बस की आगे और पीछे की नंबर प्लेट तोड़ दी गईं। वकार ने बताया कि इस दौरान कुछ और लोग भी वहां पहुंच गए। उनके अनुसार, हमलावर बार बार कह रहे थे कि जम्मू कश्मीर की गाड़ी हरियाणा में नहीं चलने दी जाएगी।

बस चालक ने यह भी आरोप लगाया कि यात्रियों और बस के कर्मचारियों को गोली मारने, गाड़ी जलाने और जान से खत्म करने की धमकियां दी गईं। उन्होंने कहा कि सड़कें पूरे देश के लोगों के इस्तेमाल के लिए हैं। हरियाणा की गाड़ियां भी जम्मू कश्मीर जाती हैं। ऐसे में किसी राज्य के यात्रियों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।

बुजुर्ग यात्री घायल, यात्रियों में डर

इस घटना में एक बुजुर्ग यात्री के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कश्मीर के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि बस में मौजूद यात्रियों को शारीरिक चोट के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा। रात के सफर में अचानक हुई इस घटना ने यात्रियों को डरा दिया।

वकार के अनुसार, बस में कुल 35 यात्री सवार थे। उन्होंने बताया कि घटना के समय लगभग 80 प्रतिशत यात्री बस से बाहर थे और केवल चार या पांच लोग अंदर मौजूद थे। बस में स्लीपर सीटें थीं और इसकी क्षमता 40 यात्रियों की थी।

घटना के बाद बस और यात्रियों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए। इनमें दिल्ली से श्रीनगर जा रही बस पर कथित हमले को लेकर चिंता जताई गई। जम्मू कश्मीर में लोगों ने सवाल उठाया कि क्या दूसरे राज्यों में यात्रा करने वाले कश्मीरी नागरिकों को केवल अपनी गाड़ी के पंजीकरण नंबर की वजह से निशाना बनाया जा सकता है।

हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के पीछे की मंशा को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। बस चालक के आरोप, पुलिस का शुरुआती बयान और सोशल मीडिया पर सामने आए दावे इस मामले के अलग अलग पहलू हैं।

हरियाणा पुलिस ने क्या कहा?

हरियाणा पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, यह विवाद धार्मिक कारणों से नहीं हुआ था। पुलिस ने बताया कि बस के एक यात्री और कार में सवार दो युवकों के बीच रास्ता देने और पार्किंग को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद कार सवार युवकों ने बस पर पत्थर और ईंटें फेंकीं।

पुलिस के बयान में दोनों पक्षों के शराब के नशे में होने की बात भी कही गई। आरोपियों की पहचान मोहित और सावन के रूप में बताई गई, जो युनिसपुरा गांव के निवासी बताए गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। मीडिया रिपोर्टों में दोनों युवकों को हिरासत में लिए जाने और बलेनो कार जब्त किए जाने की जानकारी भी दी गई।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उसका कहना है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की ओर से इसे पार्किंग और रास्ता देने का विवाद बताया गया है, लेकिन बस चालक के बयान में जम्मू कश्मीर के पंजीकरण नंबर और कश्मीरियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का जिक्र है। यही वजह है कि इस घटना को लेकर जम्मू कश्मीर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा और यात्रियों को दी गई धमकियों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

उमर अब्दुल्ला और मीरवाइज उमर फारूक ने जताई चिंता

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण मामला नहीं होना चाहिए था। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरियाणा सरकार और पुलिस आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

मीरवाइज उमर फारूक ने भी श्रीनगर जा रही बस पर हमले की खबर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक बुजुर्ग यात्री घायल हुआ और दूसरे यात्रियों को मानसिक आघात पहुंचा। उन्होंने जम्मू कश्मीर के पंजीकरण नंबर वाली गाड़ियों को कथित तौर पर दी जा रही धमकियों का भी जिक्र किया।

मीरवाइज ने संबंधित अधिकारियों से कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तेजी से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनके बयान का मुख्य सवाल यह था कि देश के किसी भी हिस्से में सफर करने वाले नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए।

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने भी घटना को लेकर नाराजगी जताई। राइजिंग कश्मीर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कश्मीरियों के प्रति नफरत को लेकर सवाल उठाया और बस पर हमले की आलोचना की।

वहीं, वजाहत फारूक भट ने घटना की निंदा करते हुए हरियाणा पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरोपियों को न्याय के दायरे में लाना जरूरी है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय एकता का अर्थ केवल नारे लगाना नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा करना भी है।

सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर बहस

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। इमरान नबी डार ने दावा किया कि दिल्ली से श्रीनगर जा रही जम्मू कश्मीर नंबर की बस पर कुरुक्षेत्र के पास पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। उन्होंने एक बुजुर्ग यात्री के घायल होने और परिवारों के डर का उल्लेख किया।

इमरान रजा अंसारी ने भी बस पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को नुकसान पहुंचाना और किसी यात्री को घायल करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने हरियाणा पुलिस से मामले की जांच करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इस बीच, जसीब शबीर भट ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि हरियाणा की घटना के अगले दिन पंजाब के लुधियाना में भी एक बस पर हमला हुआ। उन्होंने इस दावे के साथ नफरत और हिंसा पर सवाल उठाए। हालांकि, लुधियाना की कथित घटना के बारे में स्वतंत्र पुष्टि और विस्तृत जानकारी के बिना दोनों मामलों को एक ही सिलसिले का हिस्सा मानना उचित नहीं होगा।

कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

हरियाणा में दिल्ली श्रीनगर बस पर पथराव का मामला अब केवल एक वाहन को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं रह गया है। इसने दूसरे राज्यों में यात्रा करने वाले जम्मू कश्मीर के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर बहस शुरू कर दी है।

यदि बस चालक के आरोप सही साबित होते हैं, तो जम्मू कश्मीर के पंजीकरण नंबर को लेकर यात्रियों को धमकाना और उन्हें आतंकवादी कहना गंभीर चिंता का विषय होगा। वहीं, पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार विवाद पार्किंग और रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था। जांच में इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर तथ्य सामने लाना जरूरी है।

इस मामले में हरियाणा पुलिस की जिम्मेदारी केवल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यात्रियों के बयान, घायल व्यक्ति की जानकारी, बस को हुए नुकसान और कथित धमकियों की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी एक घटना के कारण दूसरे राज्यों के लोगों के प्रति नफरत या संदेह न बढ़े।

देश के राजमार्गों पर रोजाना हजारों लोग एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा करते हैं। कश्मीरी यात्रियों को भी दूसरे भारतीय नागरिकों की तरह सुरक्षित यात्रा का अधिकार है। किसी विवाद का समाधान कानून के तहत होना चाहिए, न कि पत्थरबाजी, धमकी या हिंसा के जरिए।

अब सबकी नजर जांच और कानूनी कार्रवाई पर है। आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और बस चालक के लगाए गए आरोपों की जांच में क्या सामने आता है, इससे आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। इस बीच, जम्मू कश्मीर के नेताओं ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

संक्षिप्त जानकारी

क्या हुआ? हरियाणा में दिल्ली से श्रीनगर जा रही यात्री बस पर कथित तौर पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। एक बुजुर्ग यात्री घायल हुआ।

घटना कहां हुई? बस चालक के अनुसार, घटना करनाल के आगे नीलोखेड़ी स्थित डिवाइन स्टार होटल के पास हुई।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की? हरियाणा पुलिस ने दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लेने और बलेनो कार जब्त करने की जानकारी दी। पुलिस ने शुरुआती जांच में विवाद को पार्किंग और रास्ता देने से जुड़ा बताया।

कश्मीरी नेताओं ने क्या मांग की? उमर अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारूक और अन्य नेताओं ने घटना पर चिंता जताई तथा निष्पक्ष जांच, सख्त कार्रवाई और कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

मुख्य सवाल क्या है? जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हमला केवल पार्किंग विवाद का नतीजा था या इसमें कश्मीरी पहचान के प्रति शत्रुता की भी भूमिका थी।

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