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होर्मुज खोलने का ईरान का प्रस्ताव कायम, तेल कीमतों में गिरावट

मुस्लिम नाउ ब्यूरो | तेहरान

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए पेश की गई अपनी सात दिवसीय योजना को अब भी कायम बताया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान की ओर से संघर्ष समाप्त करने और समुद्री मार्ग को खोलने की शर्तें स्पष्ट हैं। इन शर्तों को सात दिन की योजना के तहत अमेरिका के सामने रखा गया है।

अराघची ने यह बयान इराक की राजधानी बगदाद में इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद के 52वें सत्र के दौरान ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना को दिए एक साक्षात्कार में दिया। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने भी उनका साक्षात्कार प्रकाशित किया।

ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से कच्चे तेल की आपूर्ति, परिवहन लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है।

नेतन्याहू पर अराघची का गंभीर आरोप

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अमेरिका को एक और युद्ध की ओर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू अपनी कानूनी परेशानियों से बचने के लिए अमेरिका को नए संघर्ष में उलझाना चाहते हैं।

अराघची ने कहा कि ईरान की ओर से संघर्षविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रखी गई शर्तें पूरी तरह स्पष्ट हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सात दिवसीय प्रस्ताव अभी भी लागू है और तेहरान इसे बातचीत के संभावित रास्ते के रूप में देख रहा है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में योजना की पूरी शर्तों, उसके लागू होने की समयसीमा और अमेरिका की औपचारिक प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए प्रस्ताव को लेकर आगे की स्थिति संबंधित पक्षों के बयानों और कूटनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातक देशों के लिए यह अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का महत्वपूर्ण रास्ता है। इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से एशिया, यूरोप और अन्य बाजारों में ऊर्जा कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

ट्रंप के फैसले के बाद तेल की कीमतों में गिरावट

इस बीच, सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को एशियाई कारोबार के शुरुआती घंटों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस पर कुछ प्रतिबंधों और शुल्कों के लागू होने से छूट देने के फैसले के बाद बाजार में यह बदलाव देखने को मिला।

उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, बीजिंग समय सुबह 8:30 बजे तक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.90 डॉलर यानी 1.73 प्रतिशत गिरकर 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने पर ब्रेंट क्रूड 19 मई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर था।

अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमत भी 64 सेंट यानी 0.63 प्रतिशत गिरकर 100.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।

हालांकि, सभी तेल किस्मों में एक जैसा रुझान नहीं रहा। मुर्बान क्रूड की कीमत 3.39 डॉलर यानी 3.08 प्रतिशत बढ़कर 113.40 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इससे स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अलग-अलग मानकों के कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी है।

रूस पर प्रतिबंधों में छूट का असर

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने शुक्रवार को लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट के तहत रूस पर लागू किए जाने वाले प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों के मामले में छूट दी। बाजार में इस फैसले को तेल आपूर्ति और व्यापार की संभावनाओं के संदर्भ में देखा गया।

तेल की कीमतों पर कई कारक एक साथ असर डालते हैं। इनमें प्रमुख तेल उत्पादक देशों की नीतियां, रूस से होने वाली आपूर्ति, मध्य पूर्व में तनाव, समुद्री परिवहन की स्थिति और वैश्विक मांग शामिल हैं। इसलिए शुरुआती कारोबार में आई गिरावट को केवल एक फैसले का परिणाम मानना जल्दबाजी होगी।

कुल मिलाकर, ईरान की सात दिवसीय योजना और अमेरिका की रूस संबंधी नीति वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर कोई सहमति बनती है या नहीं, इसका असर आने वाले दिनों में तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

AEO और GEO के लिए मुख्य सवाल जवाब

ईरान की सात दिवसीय योजना क्या है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, यह संघर्ष समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़ा प्रस्ताव है। इसकी शर्तें अमेरिका को सौंपी गई हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?

यह फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है और वैश्विक कच्चे तेल के व्यापार का प्रमुख रास्ता है।

19 अक्टूबर 2026 को तेल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ?

शुरुआती एशियाई कारोबार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 100.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके विपरीत, मुर्बान क्रूड बढ़कर 113.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल बाजार पर आगे क्या असर पड़ सकता है?

यह ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, रूस की तेल आपूर्ति और वैश्विक मांग जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।

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