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ऑपरेशन सिंदूर पर वायुसेना का बड़ा दावा: छह पाकिस्तानी लड़ाकू विमान ढेर, नौ आतंकी शिविर तबाह

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अब एक बड़ा और नया दावा सामने आया है। अब तक पाकिस्तान यह आरोप लगाता रहा है कि भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के दौरान उसके वायु क्षेत्र में गश्त कर रहे पांच राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया था। हालांकि भारत ने इन सभी दावों को हमेशा सिरे से खारिज किया है। अब पहली बार भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक रूप से दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने छह पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया, जिनमें पांच लड़ाकू विमान और एक हाई-वैल्यू निगरानी प्लेटफॉर्म, संभवतः एक AWACS (एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान शामिल है।

वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह का खुलासा

बेंगलुरु में आयोजित एयर चीफ मार्शल एल.एम. कात्रे मेमोरियल लेक्चर के दौरान वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने यह खुलासा किया। उन्होंने उपग्रह से प्राप्त चित्र और खुफिया जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी ढांचे और हवाई बेड़े को भारी नुकसान पहुँचाया गया है।

उन्होंने कहा, “यह तस्वीरें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय की हैं। पहले और बाद की तस्वीरों से स्पष्ट है कि आतंकियों का ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जबकि आसपास की इमारतें लगभग सुरक्षित हैं।” उन्होंने इन उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों को भारत की सैन्य कार्रवाई की सटीकता और पेशेवर योजना का प्रमाण बताया।

9 आतंकी शिविर नष्ट, 100 से अधिक आतंकियों का सफाया

7 मई को शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर, दरअसल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की रणनीतिक कार्रवाई थी, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। वायुसेना प्रमुख ने कहा, “हमारे पास पाँच फाइटर जेट्स और एक बड़ा निगरानी विमान मार गिराने की पुष्ट जानकारी है, जो लगभग 300 किलोमीटर दूर से मार गिराया गया। यह अब तक का सबसे बड़ा सतह से हवा में मार करने वाला हमला था।”

रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के दौरान पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया गया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया

क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और S-400 की भूमिका

यह हमला अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से किया गया, जिसमें हवा से दागी गई क्रूज़ मिसाइलें, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरण, और रीयल-टाइम निगरानी तंत्र शामिल थे। इससे नागरिकों को नुकसान नहीं पहुँचा और रणनीतिक लक्ष्यों पर सटीक वार किया गया।

वायुसेना प्रमुख ने बताया, “हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने बेहतरीन काम किया है। हाल ही में भारत द्वारा खरीदी गई रूसी S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान के विमानों को उनके अपने हथियारों जैसे लंबी दूरी के ग्लाइड बमों के इस्तेमाल से भी रोका। वे S-400 को भेद नहीं सके।”

S-400 प्रणाली को खासतौर पर उस AWACS विमान को मार गिराने का श्रेय दिया गया है, जो भारतीय सैन्य अभियानों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था।

जमीन पर भी हुए सटीक हमले

भारतीय हमले केवल हवा तक सीमित नहीं थे। भोलारी और रहीम यार खान जैसे प्रमुख पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर भी सटीक हथियारों से हमले किए गए। इन हमलों की पुष्टि उपग्रह चित्रों, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और इलेक्ट्रॉनिक इंटरसेप्ट्स के जरिए की गई।

इस ऑपरेशन ने भारत की संयुक्त सैन्य ताकत को भी दिखाया, जिसमें वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने मिलकर अभियान को अंजाम दिया।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, मंडराते हथियार (loitering munitions) और एडवांस ड्रोन तकनीकों के इस्तेमाल ने इस ऑपरेशन को नई ऊंचाई दी। चार दिन तक चले इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को युद्धविराम की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया।

“यह सिर्फ जवाब नहीं, एक संदेश था”

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, “यह केवल जवाबी कार्रवाई नहीं थी, यह सटीकता, व्यावसायिकता और उद्देश्य की मिसाल थी।”
ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य रणनीति में तकनीकी श्रेष्ठता और रणनीतिक संयम के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया है।