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एएमयू इको फिएस्टा 2026: पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न हुआ दो दिवसीय महोत्सव

अलीगढ़

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र (सीईसी) के तहत कार्यरत ‘यूनिवर्सिटी इको क्लब’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय पर्यावरण जागरूकता और स्थिरता उत्सव “इको फिएस्टा 2026” का आज भव्य समापन हुआ। इस महोत्सव ने न केवल छात्रों के बीच पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा दिया, बल्कि सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) को जीवनशैली में उतारने का एक नया विजन भी प्रदान किया।

दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक संध्याओं के माध्यम से छात्रों को प्रकृति के करीब लाने का प्रयास किया गया।

इको वॉक: स्वास्थ्य और पर्यावरण का संगम

महोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन की शुरुआत एक उत्साहपूर्ण ‘इको वॉक’ के साथ हुई। इस वॉक को एएमयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर आसिम जफर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पैदल मार्च इको क्लब से शुरू होकर एम.एम. हॉल तक गया और वापस क्लब पर आकर समाप्त हुआ।

इस पैदल यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्रों और विश्वविद्यालय समुदाय को यह संदेश देना था कि छोटे-छोटे कदम भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वॉक में वन्यजीव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सतीश कुमार, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. अहमद मसूद खान और इको क्लब के मेंटर्स डॉ. शरद कुमार व डॉ. अयाज अहमद सहित सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लिया।


वेस्ट मैनेजमेंट वर्कशॉप: कचरे से कंचन बनाने की कला

इको फिएस्टा के दौरान सीईसी कॉम्प्लेक्स में “बेस्ट यूज़ ऑफ वेस्ट मटेरियल” (अपशिष्ट सामग्री का सर्वोत्तम उपयोग) विषय पर एक व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई। इस सत्र की मुख्य संसाधन व्यक्ति सुश्री नाज़िया बेगम थीं।

कार्यशाला के दौरान उन्होंने छात्रों को वेस्ट यूटिलाइजेशन और अपसाइकिलिंग (Upcycling) की आधुनिक तकनीकें सिखाईं। उन्होंने प्रदर्शित किया कि कैसे हम अपने घरों से निकलने वाले प्लास्टिक, कागज और अन्य कचरे को सजावटी और उपयोगी वस्तुओं में बदलकर पर्यावरण पर पड़ने वाले बोझ को कम कर सकते हैं। यह सत्र पूरी तरह से पर्यावरणीय जिम्मेदारी और टिकाऊ प्रथाओं पर केंद्रित रहा।


प्रतिभा और जागरूकता: प्रतियोगिता खंड

छात्रों की रचनात्मकता और ज्ञान को परखने के लिए कई स्तरों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया:

  • पर्यावरण प्रश्नोत्तरी (Environmental Quiz): आमिर जिलानी के पर्यवेक्षण में आयोजित इस क्विज में छात्रों ने पारिस्थितिकी तंत्र और जलवायु परिवर्तन से संबंधित कठिन सवालों के जवाब दिए।
  • पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग: मोहम्मद अनस बिन एहसान और सारा मुस्तफा के समन्वय में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपनी कला के माध्यम से प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याओं को चित्रित किया।

इन प्रतियोगिताओं का निर्णय इको क्लब की अध्यक्ष प्रोफेसर ओरुस इलियास और मेंटर डॉ. शरद कुमार द्वारा किया गया।


सम्मान समारोह और सांस्कृतिक संध्या

महोत्सव के समापन सत्र में सभी विजेताओं, प्रतिभागियों और कड़ी मेहनत करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन प्रोफेसर ओरुस इलियास, इको क्लब के सचिव श्री अब्दुर रहमान और मेंटर्स द्वारा किया गया।

उत्सव का समापन यूनिवर्सिटी वेस्टर्न म्यूजिक क्लब की एक शानदार सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। संगीत की धुनों के बीच छात्रों ने पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी उनकी बेहतरीन प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया।


नेतृत्व और सहयोग

इससे पूर्व, महोत्सव के उद्घाटन सत्र में एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून, प्रति-कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान, अलीगढ़ मंडल की आयुक्त सुश्री संगीता सिंह (IAS) और सीईसी समन्वयक प्रोफेसर मोहम्मद रिजवान खान ने शिरकत की थी। कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए अनिवार्य हैं।

इस महोत्सव की सफलता में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एएमयू शाखा और दवाखाना तिब्बिया कॉलेज, एएमयू का विशेष सहयोग रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।


मुख्य बिंदु:

  • स्थान: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, सीईसी परिसर।
  • उद्देश्य: छात्रों में स्थिरता और इको-फ्रेंडली आदतों का विकास।
  • प्रमुख आकर्षण: इको वॉक, अपसाइकिलिंग वर्कशॉप और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • सहयोगी संस्थान: एसबीआई और दवाखाना तिब्बिया कॉलेज।

एएमयू के इस “इको फिएस्टा 2026” ने स्पष्ट कर दिया है कि शैक्षणिक संस्थान केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को एक हरित और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने के लिए भी तत्पर हैं।