Bangladesh Election 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू, 12.7 करोड़ मतदाता कतार में
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, ढाका
बांग्लादेश में आज राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 12.77 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता देश के 64 ज़िलों में फैले 42,761 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह चुनाव 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले जनआंदोलन के बाद सत्ता परिवर्तन और पूर्व प्रधानमंत्री के पद से हटने के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था की वापसी की अहम कसौटी माना जा रहा है।
सुबह साढ़े सात बजे मतदान शुरू होते ही राजधानी ढाका सहित कई शहरों में लंबी कतारें देखने को मिलीं। ढाका की सड़कों पर असामान्य सन्नाटा था, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अपने पैतृक गांवों में वोट डालने के लिए शहर छोड़ चुके थे। कई परिवार नावों से नदी पार कर अपने मतदान केंद्रों की ओर जाते दिखे। कुछ लोगों ने सफर के दौरान नाव पर ही नमाज़ अदा की—जो इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी आस्था और संकल्प का प्रतीक बना।
चुनावी परिदृश्य: किनके बीच मुकाबला?
इस बार मुख्य मुकाबला Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) और 11 दलों के उस गठबंधन के बीच है, जिसका नेतृत्व Jamaat-e-Islami कर रही है। इस गठबंधन में युवाओं द्वारा गठित नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (NCP) भी शामिल है।
अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता Muhammad Yunus ने इसे देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला “निर्णायक क्षण” बताया है। उन्होंने मतदान से पहले अपने संदेश में कहा, “यह केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की संप्रभु इच्छा का प्रतिबिंब है। हमारा नैतिक दायित्व है कि हर मतदाता को भयमुक्त और उत्सवपूर्ण माहौल में मतदान का अवसर मिले।”
लोकतांत्रिक ढांचा और मतदान प्रक्रिया
बांग्लादेश की संसद, जिसे जातीय संसद (Jatiyo Shangsad) कहा जाता है, एकसदनीय (unicameral) व्यवस्था पर आधारित है और इसमें कुल 350 सीटें हैं।
- 300 सीटों पर प्रत्यक्ष चुनाव ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ प्रणाली से होता है।
- 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिन्हें पार्टियों के प्रदर्शन के अनुपात में आवंटित किया जाता है।
- 151 सीटें जीतने वाली पार्टी को सरकार बनाने का अधिकार मिलता है।
चुनाव आयोग के प्रमुख एएमएम नासिर उद्दीन ने मतदान को “देश के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक” बताया है। उन्होंने राजनीतिक दलों से परिणामों को लोकतांत्रिक भावना से स्वीकार करने की अपील की है।
इस बार 51 राजनीतिक दलों के 2,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं—जो अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक प्रतिनिधित्व है।
पहली बार पोस्टल बैलेट की सुविधा
इस चुनाव की एक विशेषता यह भी है कि पहली बार देश के भीतर और बाहर रहने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा दी गई है। लगभग 1.5 करोड़ प्रवासी कामगार, जिनकी रेमिटेंस बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है, अब इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
प्रमुख मुद्दे: स्थिरता, महंगाई और भ्रष्टाचार
ढाका से रिपोर्टिंग कर रहे विश्लेषकों के अनुसार, मतदाताओं की प्राथमिकता में “स्थिरता” सबसे ऊपर है। 2024 के छात्र आंदोलन और उसके बाद हुई राजनीतिक उथल-पुथल ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
राजधानी ढाका, जिसे दुनिया के सबसे कम रहने योग्य शहरों में गिना जाता है, तेज़ी से बढ़ती आबादी, बेरोज़गारी, प्रदूषण और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है।
- महंगाई दर में लगातार वृद्धि
- आवास और रोज़गार की कमी
- भ्रष्टाचार के आरोप
- पुलिस और प्रशासनिक तंत्र में रिश्वतखोरी
रिक्शा चालकों से लेकर छोटे दुकानदारों तक का कहना है कि उन्हें रोज़मर्रा के काम के लिए भी अनौपचारिक भुगतान करना पड़ता है।
पद्मा ब्रिज जैसे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। विश्व बैंक द्वारा फंडिंग वापस लेने के बाद इस पुल को करदाताओं के पैसे से पूरा किया गया था।
सुरक्षा और हिंसा की आशंका
हालांकि अंतरिम सरकार का कहना है कि चुनाव-पूर्व माहौल अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन कुछ घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। दिसंबर में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन और हिंसा को जन्म दिया था।
चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों ने देशभर में व्यापक तैनाती की है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रहे।
जनता की उम्मीदें
मतदाताओं की उम्मीदें स्पष्ट हैं—
- कानून-व्यवस्था में सुधार
- रोज़गार के अवसर
- भ्रष्टाचार पर अंकुश
- महिलाओं की सुरक्षा
- आर्थिक स्थिरता
ढाका के एक बुजुर्ग मतदाता ने कहा, “हम चाहते हैं कि अगली सरकार जनता के मुद्दों पर ध्यान दे, न कि केवल सत्ता की राजनीति पर।”
लोकतंत्र की नई सुबह?
2024 में लंबे समय तक सत्ता में रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद यह पहला आम चुनाव है। ऐसे में यह वोट सिर्फ सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बहाल करने का अवसर भी है।
अगर चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न होता है, तो यह बांग्लादेश के लिए एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है।
आज की लंबी कतारों, नावों से गांव लौटते परिवारों और मतदान केंद्रों पर उमड़ती भीड़ के बीच एक बात साफ़ है—बांग्लादेश की जनता लोकतंत्र में अपनी आस्था जताने के लिए तैयार है।
अब नज़रें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि आने वाले वर्षों में देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा—राजनीतिक स्थिरता की ओर या फिर नए संघर्षों की ओर।

