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गांधी जयंती पर AMU, जामिया और MANUU में स्वच्छता अभियान

मुस्लिम नाउ ब्यूरो | नई दिल्ली

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जामिया हमदर्द और हैदराबाद की मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी सफाई और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अभियानों में शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी और छात्र शामिल हुए। विश्वविद्यालयों से जुड़े स्कूलों और अलग अलग विभागों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया।

इन कार्यक्रमों का केंद्र केवल परिसर की सफाई नहीं रहा। स्वच्छता के साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी, सामूहिक भागीदारी और सफाई कर्मचारियों के सम्मान का संदेश भी दिया गया। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी AMU में स्वच्छता अभियान के साथ सफाई मित्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यहां 150 से अधिक सफाई मित्रों की स्वास्थ्य जांच की गई।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कॉमर्स विभाग ने स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत जागरूकता व्याख्यान और सफाई अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को साफ सफाई, स्वच्छता और स्वस्थ परिसर के लिए व्यक्तिगत तथा सामूहिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना था।

कॉमर्स विभाग के परिसर में शिक्षक और छात्रों ने सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने विभाग को साफ रखने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स के डीन प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ अली, कॉमर्स विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर मोहम्मद आसिफ खान, प्रोफेसर इरफान अहमद, प्रोफेसर मोहम्मद शमीम अंसारी, डॉ. अनवर अहमद और डॉ. नगमा अजहर सहित अन्य शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।

AMU के भाषाविज्ञान विभाग ने इस मौके पर सफाई मित्रों के सम्मान के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को उनके काम के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशंसा के प्रतीक दिए गए। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय के अलग अलग स्कूलों में भी सफाई मित्रों के सम्मान का कार्यक्रम हुआ। AMU ABK हाई स्कूल गर्ल्स में प्राथमिक और वरिष्ठ वर्ग में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। प्राथमिक सेक्शन से मुकेश और विजया लक्ष्मी तथा वरिष्ठ सेक्शन से ममता और राजेंद्र को उनकी सेवाओं के लिए सम्मान मिला।

स्कूल की वाइस प्रिंसिपल डॉ. सबा हसन ने सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से जुड़ा काम कई बार नजरों से ओझल रह जाता है। लेकिन किसी भी संस्थान के सुचारू संचालन के लिए यह बेहद जरूरी है।

AMU गर्ल्स स्कूल में भी सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम प्रिंसिपल अमना मलिक और वाइस प्रिंसिपल अलका अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुआ। सफाई मित्र ममता कुमारी, सुभाष और रवि कुमार को स्वच्छता और साफ सफाई में योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाणपत्र दिए गए।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में इस बार स्वच्छता अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सफाई मित्रों की सेहत से भी जुड़ा रहा। विश्वविद्यालय ने स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत विशेष सफाई मित्र सुरक्षा शिविर लगाया। इसका उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण पर ध्यान देना था।

इस शिविर में 150 से अधिक सफाई मित्रों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सा विशेषज्ञों ने मेडिसिन, स्त्री रोग, ईएनटी, नेत्र रोग और दंत चिकित्सा से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराईं। इसके अलावा फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच और ब्लड ग्लूकोज की जांच भी की गई।

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज यानी JNMC के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के शिक्षकों ने सफाई मित्रों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी। इन सत्रों में बीमारी से बचाव और काम से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर जागरूक किया गया। नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर इलाज की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

AMU की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान, रजिस्ट्रार प्रोफेसर सरोश उमर और डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रोफेसर मोहम्मद अथर अंसारी मौजूद रहे। प्रोफेसर अथर अंसारी ने स्वच्छता शपथ भी दिलाई।

सफाई मित्रों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने परिसर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सम्मान के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। मेडिकल अटेंडेंस स्कीम के निदेशक प्रोफेसर काजी एहसान अली ने नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सा सहायता को जरूरी बताया।

विश्वविद्यालय के हेल्थ ऑफिसर डॉ. अली जफर आबिदी ने बताया कि शिविर में सफाई मित्रों के लिए कई तरह की निवारक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को एक जगह उपलब्ध कराया गया। इस पहल में AMU की मेडिकल अटेंडेंस स्कीम, JNMC के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और यूनिवर्सिटी हेल्थ ऑफिस ने संयुक्त रूप से भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के समन्वय में ग्रीन एनर्जी की कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर सफिया काजमी, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री की चेयरपर्सन प्रोफेसर नेहा अग्रवाल, कम्युनिटी मेडिसिन की चेयरपर्सन प्रोफेसर उजमा एरम, प्रोफेसर साइरा मेह्नाज, लैंड एंड गार्डन्स के प्रभारी प्रोफेसर अनवर शहजाद और मेडिकल अटेंडेंस स्कीम के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आफताब अहमद सहित कई अधिकारियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अलावा हैदराबाद स्थित मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी यानी MANUU में भी स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत सफाई गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालय परिसर के अलग अलग हिस्सों में सफाई अभियान चलाया गया।

MANUU ने अभियान को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित परिसर से जोड़ा। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि अभियान का उद्देश्य साफ सफाई की आदत को बढ़ावा देना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करना है। इसमें सामूहिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

गांधी जयंती के मौके पर आयोजित इन गतिविधियों में एक बात समान रही। वह थी स्वच्छता को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर रोजमर्रा की जिम्मेदारी से जोड़ना। विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की भागीदारी ने इस संदेश को आगे बढ़ाया। वहीं सफाई मित्रों का सम्मान करके उनके काम को सार्वजनिक रूप से पहचान देने की कोशिश भी की गई।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य शिविर ने इस अभियान को एक अलग आयाम दिया। सफाई कर्मचारियों के काम की प्रकृति को देखते हुए स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श और बीमारी से बचाव की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इससे स्वच्छता अभियान के साथ सफाई मित्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का मुद्दा भी जुड़ा।

महात्मा गांधी जयंती पर हुए इन कार्यक्रमों का व्यापक संदेश यही रहा कि स्वच्छ परिसर केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों की भी भूमिका है। स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत आयोजित गतिविधियों ने जन भागीदारी, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सफाई मित्रों के सम्मान को एक साथ सामने रखा।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जामिया हमदर्द, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों ने यह दिखाया कि शैक्षणिक परिसर सामाजिक जागरूकता के महत्वपूर्ण केंद्र भी हो सकते हैं। इन अभियानों में सफाई, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सम्मान को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई।

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