हज यात्रियों के सामान पर नई पाबंदियों से विवाद, कश्मीरी हाजियों का भेदभाव का आरोप
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श्रीनगर।
सऊदी अरब से हज यात्रा पूरी कर लौटने वाले जम्मू-कश्मीर के हज यात्रियों (Kashmiri Hajj Pilgrims) के लिए एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। अधिकारियों द्वारा वापसी यात्रा से ठीक पहले सामान ले जाने (Baggage Allowance) को लेकर लगाए गए नए प्रतिबंधों और नियमों के बाद यात्रियों में गहरा असंतोष है। हाजियों का आरोप है कि उनके सामान का एक बड़ा हिस्सा सीधे श्रीनगर भेजने के बजाय पहले हवाई मार्ग से अहमदाबाद लाया जाएगा और फिर वहां से सड़क मार्ग (By Road) के जरिए श्रीनगर पहुंचाया जाएगा। यात्रियों ने इस व्यवस्था को बेहद असुविधाजनक और भेदभावपूर्ण बताया है।
जम्मू और कश्मीर हज कमेटी (J&K Hajj Committee) ने वापसी उड़ानों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार हज यात्री 2 जून से वापस लौटना शुरू करेंगे। हालांकि, इस खुशी के मौके के बीच सामान कटौती की अचानक आई खबरों ने यात्रियों को तनाव में डाल दिया है।
40 किलो की जगह केवल 5 किलो चेक-इन सामान ला सकेंगे साथ
सऊदी अरब से ‘ग्रेटर कश्मीर’ को फोन पर आपबीती बताते हुए कई यात्रियों ने कहा कि शुरुआत में उन्हें 40 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति दी गई थी और उसी के अनुसार शुल्क भी लिया गया था। लेकिन अब अचानक नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नए नियमों के मुताबिक, यात्री अब उड़ानों में केवल 35 किलोग्राम कुल सामान ही ला पाएंगे, जिसमें से मात्र 5 किलोग्राम ही वे अपने साथ चेक-इन बैग में रख सकते हैं। बाकी का 30 किलोग्राम सामान अहमदाबाद के रास्ते सड़क मार्ग से श्रीनगर भेजा जाएगा। इसके अलावा उन्हें 7 किलोग्राम हैंड बैगेज (Hand Baggage) साथ रखने की छूट होगी।
एक हज यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा:
“हमसे 40 किलो के हिसाब से चार्ज लिया गया था। अब हमसे कहा जा रहा है कि हमारा जरूरी सामान अहमदाबाद से सड़क मार्ग से कश्मीर भेजा जाएगा। इस अव्यवस्था से हमें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।”
कुछ यात्रियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले हाजियों की तुलना में कश्मीरी हज यात्रियों के लिए अलग नियम (Different Rules) लागू किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से अनुचित है। कुछ लोग इस मुद्दे का समाधान न होने पर वापसी उड़ानों का बहिष्कार करने पर भी विचार कर रहे हैं।
उपहार और पवित्र खजूरों के खराब होने का सता रहा है डर
यात्रियों की सबसे बड़ी चिंता अपने परिवारों और रिश्तेदारों के लिए खरीदे गए उपहारों और पवित्र खजूरों (Dates) को लेकर है। सड़क मार्ग से परिवहन में होने वाली देरी के कारण इन चीजों के सड़ने या खराब होने का खतरा बना हुआ है।
इसके साथ ही, कश्मीर के दूर-दराज के जिलों (Far-flung Districts) से ताल्लुक रखने वाले यात्रियों का कहना है कि श्रीनगर वापस आने के बाद दोबारा अपना सामान लेने के लिए केंद्र पर आना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक बोझ साबित होगा।
अधिकारियों की सफाई: श्रीनगर एयरपोर्ट पर रनवे मेंटेनेंस है मुख्य वजह
विवाद बढ़ता देख जम्मू-कश्मीर राज्य हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी (Executive Officer) शुजात अहमद कुरैशी ने इस पर प्रशासनिक पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी भेदभाव के तहत नहीं, बल्कि श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Srinagar Airport) पर चल रहे रनवे मेंटेनेंस (Runway Maintenance) और परिचालन संबंधी मजबूरियों के कारण लिया गया है।
Concerned over reports that Haj pilgrims from J&K travelling from Jeddah to Srinagar were stopped for immigration/customs clearance at Ahmedabad & asked to send their luggage separately by road. The same luggage’s were allowed during departure. Our Hajjis do not deserve this… pic.twitter.com/b9WTrAMzlF
— Waheed Ur Rehman Para (@parawahid) May 30, 2026
कुरैशी ने बताया:
- लोड कैपेसिटी में कटौती: अकासा एयर (Akasa Air), जो इस बार हज उड़ानों का संचालन कर रही है, उसने तकनीकी कारणों और हवाई पट्टी की स्थिति को देखते हुए विमान की लोड क्षमता को कम कर दिया है। अत्यधिक वजन के साथ विमान का श्रीनगर में लैंड करना सुरक्षित नहीं है।
- सामान की नई व्यवस्था: इसी वजह से यात्रियों को 5 किलो चेक-इन और 7 किलो हैंड बैग साथ लाने को कहा गया है। बाकी का 30 किलो सामान सड़क मार्ग से सुरक्षित पहुंचाया जाएगा।
- पेरिशेबल आइटम्स पर सलाह: प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे खजूर या जल्दी खराब होने वाला सामान अपने उसी बैग में रखें जिसे वे फ्लाइट में साथ ला रहे हैं। कमेटी कोशिश कर रही है कि सड़क मार्ग वाला सामान भी 3 से 4 दिनों के भीतर श्रीनगर पहुंच जाए।
राजनीतिक गलियारों में गूंजा मुद्दा, तत्काल हस्तक्षेप की मांग
प्रशासन की इस सफाई के बावजूद यात्रियों का गुस्सा थमा नहीं है। यह मामला अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। पुलवामा से नवनिर्वाचित विधायक और जेकेपीडीपी (JKPDP) नेता वहीद उर रहमान पारा ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी हज यात्रियों को जेद्दा से श्रीनगर लौटते समय अहमदाबाद में आव्रजन और सीमा शुल्क (Immigration & Customs Clearance) के लिए रोकना और उनके सामान को सड़क मार्ग से भेजना परेशान करने वाला है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रस्थान के समय इसी सामान की अनुमति दी गई थी, इसलिए हमारे हाजियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

