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दिल्ली दौरे में डॉ अम्मार रिजवी की हामिद अंसारी और किदवई परिवार से अहम मुलाकातें

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

लखनऊ से दिल्ली तक का यह दौरा सिर्फ शिष्टाचार मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा। इसमें देश की राजनीति, लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और पुरानी राजनीतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अम्मार रिजवी ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान देश की कई प्रमुख हस्तियों से मुलाकात की। इन बैठकों में देश के मौजूदा हालात, सामाजिक सौहार्द, प्रशासनिक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

दिल्ली में डॉ अम्मार रिजवी की सबसे अहम मुलाकात भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति Hamid Ansari से हुई। यह मुलाकात उनके आवास पर हुई। दोनों नेताओं के बीच देश की राजनीतिक स्थिति, सामाजिक समरसता, विकास और अंतरराष्ट्रीय हालात पर लंबी बातचीत हुई।

डॉ अम्मार रिजवी ने मुलाकात के बाद कहा कि हामिद अंसारी भारतीय कूटनीति और प्रशासनिक अनुभव का बड़ा नाम हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हामिद अंसारी देश के दो बार उपराष्ट्रपति रह चुके हैं। इसके साथ ही वे भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की मजबूत आवाज बने।

डॉ रिजवी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे बड़े मंच पर हामिद अंसारी ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा। खासकर कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने भारत की स्थिति को प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने रखा। उन्होंने सऊदी अरब, ईरान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में राजनयिक जिम्मेदारियां निभाईं और अपने कार्यकाल में कई अहम भूमिकाएं अदा कीं।

उन्होंने यह भी कहा कि हामिद अंसारी का शैक्षणिक क्षेत्र में भी अहम योगदान रहा है। वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति रहे और उस दौरान छात्रों व शिक्षकों के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते थे।

मुलाकात के दौरान हामिद अंसारी ने देश के मौजूदा माहौल पर चिंता और उम्मीद दोनों जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी एकजुटता का है। देश के लोगों को मिलकर हर चुनौती का सामना करना चाहिए। उन्होंने विकासशील भारत को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।

डॉ अममार रिजवी ने इस बातचीत को सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और अनुभवी लोगों से संवाद हमेशा नई दिशा देता है। देश की बदलती परिस्थितियों में ऐसे विचार विमर्श की अहमियत और बढ़ जाती है।

दिल्ली दौरे के दौरान डॉ रिजवी ने भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त Nasim Zaidi से भी मुलाकात की। इस बैठक में लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनाव व्यवस्था और प्रशासनिक अनुभवों को लेकर चर्चा हुई।

डॉ नसिम जैदी भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था का एक जाना पहचाना चेहरा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में काम किया और नागरिक उड्डयन सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली। मुलाकात के दौरान लोकतंत्र की मजबूती और प्रशासनिक सुधार जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।

राजनीतिक और प्रशासनिक बैठकों के अलावा डॉ अममार रिजवी का यह दौरा भावनात्मक रूप से भी अहम रहा। उन्होंने भारत सरकार की पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिवंगत Mohsina Kidwai के आवास पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की।

इस दौरान उन्होंने मोहसिना किदवई की बेटी सीमा किदवई, राजी किदवई और इमरान किदवई से मुलाकात की। डॉ रिजवी ने अपने और अपने परिवार की ओर से गहरे दुख का इजहार किया और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

मोहसिना किदवई को याद करते हुए डॉ रिजवी भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि वह बेहद सादगी पसंद और जमीन से जुड़ी नेता थीं। उनके पास राजनीतिक अनुभव के साथ लोगों से जुड़ने की खास क्षमता थी।

डॉ रिजवी ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Hemvati Nandan Bahuguna की कैबिनेट में मोहसिना किदवई के साथ काम करने का अवसर मिला था। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय कैबिनेट में कुल 12 मंत्री थे। इनमें वरिष्ठ नेता Narayan Dutt Tiwari भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि समय के साथ राजनीति बहुत बदल गई, लेकिन उस दौर के नेताओं की सादगी और जनसंपर्क आज भी मिसाल माने जाते हैं। डॉ रिजवी ने कहा कि अब उस दौर के कैबिनेट मंत्रियों में वह स्वयं ही जीवित हैं। ऐसे में पुरानी यादें और भी ज्यादा भावुक कर देती हैं।

उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में भी अहम जिम्मेदारी निभाई। केंद्र सरकार में लंबे समय तक मंत्री रहीं। रेलवे सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का काम संभाला और अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया।

डॉ रिजवी ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक अनुभवी और लोकप्रिय महिला नेता को खो दिया है। खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी एक अलग पहचान थी। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की कमी लंबे समय तक महसूस होती है।

अपने संदेश में डॉ अममार रिजवी ने दिवंगत नेता की मगफिरत की दुआ की और परिवार को इस दुख को सहने की ताकत देने की प्रार्थना की।

दिल्ली का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। एक तरफ इसमें देश के वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक चेहरों से संवाद हुआ। दूसरी तरफ एक पुराने राजनीतिक साथी को श्रद्धांजलि देने का अवसर भी बना। इन मुलाकातों ने यह साफ किया कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं होती, बल्कि रिश्तों, संवाद और अनुभवों की निरंतरता भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।

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