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फीफा वर्ल्ड कप 2026: मोरक्को की ऐतिहासिक जीत, कतर से हार के बाद कनाडा के इस्माइल कोने को लगी गंभीर चोट

बैंकुवर/मैसाचुसेट्स:

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप स्टेज मुकाबलों में ड्रामा, रोमांच और अनहोनी का एक ऐसा कॉकटेल देखने को मिल रहा है जिसकी कल्पना किसी फुटबॉल प्रशंसक ने नहीं की थी। इस टूर्नामेंट में मुस्लिम बहुल देशों (Muslim Countries in World Cup) का सफर अब तक मिला-जुला रहा है। मैदान पर कभी उम्मीदें परवान चढ़ रही हैं तो कभी दिल तोड़ने वाले हादसे सामने आ रहे हैं। इस हफ्ते की दो सबसे बड़ी खबरों ने सुर्खियां बटोरी हैं—पहली तरफ जहां मोरक्को (Morocco Football Team) ने स्कॉटलैंड को हराकर इतिहास रच दिया है, वहीं दूसरी तरफ कतर और कनाडा के बीच हुए एक बेहद आक्रामक मैच में कनाडा के स्टार मिडफील्डर इस्माइल कोने (Ismael Kone Injury) का पैर फ्रैक्चर हो गया है, जिसके बाद कतर फुटबॉल एसोसिएशन ने खेल भावना दिखाते हुए उनके जल्द ठीक होने की दुआ की है।

मोरक्को बनाम स्कॉटलैंड: इस्माइल सैबारी ने दागा वर्ल्ड कप 2026 का सबसे तेज गोल

मैसाचुसेट्स के बोस्टन स्टेडियम में खेले गए ग्रुप सी (Group C) के एक बेहद कड़े मुकाबले में मोरक्को के ‘एटलास लायंस’ (Atlas Lions) ने स्कॉटलैंड को 1-0 से मात देकर अपनी बादशाहत साबित कर दी। इस मैच की सबसे बड़ी यूएसपी रहा वह गोल, जिसने इतिहास के पन्नों में अपनी जगह बना ली है।

मात्र 70 सेकंड में रचा इतिहास

मैच शुरू होने के ठीक 1 मिनट और 10 सेकंड (70 सेकंड) के भीतर मोरक्को के युवा मिडफील्डर इस्माइल सैबारी (Ismael Saibari) ने स्कॉटिश डिफेंस को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया। रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी ब्राहिम डियाज (Brahim Diaz) से मिले एक बेहद सटीक और जादुई पास को नियंत्रित करते हुए सैबारी ने गेंद को स्कॉटलैंड के गोलकीपर एंगस गन के सिर के ऊपर से नेट के ऊपरी हिस्से में दे मारा।

यह गोल मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड चेकिया के मिकाल सादिलेक के नाम था, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 मिनट 7 सेकंड में गोल दागा था।

सैबारी ने की मोहम्मद सालाह की बराबरी

इस जादुई गोल के साथ ही इस्माइल सैबारी ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं:

  • वह मिस्र के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सालाह (Mohamed Salah) के बाद दुनिया के दूसरे ऐसे अफ्रीकी खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपने पहले दोनों फीफा वर्ल्ड कप मैचों में लगातार गोल किए हैं।
  • यह वर्ल्ड कप इतिहास में मोरक्को की तरफ से किया गया अब तक का सबसे तेज गोल है।
  • अफ्रीकी महाद्वीप के इतिहास में यह दूसरा सबसे तेज वर्ल्ड कप गोल है। इस सूची में पहला स्थान घाना के असामोह ज्ञान (Asamoah Gyan) का है, जिन्होंने 2006 में चेक रिपब्लिक के खिलाफ रिकॉर्ड बनाया था।

(नोट: वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज गोल आज भी तुर्की के हाकान सुकुर के नाम है, जिन्होंने 2002 में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच शुरू होने के मात्र 11 सेकंड के भीतर गोल दाग दिया था।)

ऑप्टा के आंकड़े: मोरक्को का पासिंग गेम

फुटबॉल डेटा एनालिटिक्स फर्म ऑप्टा (OptaJoe) के अनुसार, स्कॉटलैंड के खिलाफ इस मैच में मोरक्को ने कुल 601 सफल पास पूरे किए। साल 1966 के बाद से आधिकारिक रिकॉर्ड्स में किसी भी अफ्रीकी टीम द्वारा फीफा वर्ल्ड कप के एकल मैच में किए गए यह सबसे ज्यादा पासेज हैं। मैच के दूसरे हाफ में बिलाल एल खन्नौस और अचरफ हकीमी ने गोल करने के कई और मौके बनाए, लेकिन स्कॉटिश गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव किए। स्कॉटलैंड के जॉन मैक्गिन और स्कॉट मैकटोमिने ने बराबरी की बहुत कोशिश की, लेकिन मोरक्को के मजबूत डिफेंस के आगे उनकी एक न चली। इस जीत के साथ मोरक्को 4 अंकों के साथ अपने ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच गया है।

कनाडा बनाम कतर: 6-0 की ऐतिहासिक जीत पर भारी पड़ी इस्माइल कोने की चोट

वैंकूवर के बीसी प्लेस (BC Place) स्टेडियम में खेले गए ग्रुप बी के मुकाबले में कनाडा ने कतर को 6-0 के भारी अंतर से हराकर इतिहास तो रचा, क्योंकि यह वर्ल्ड कप इतिहास में कनाडा की पहली जीत थी। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत का जश्न उस वक्त फीका पड़ गया जब कनाडा के 24 वर्षीय उभरते हुए मिडफील्डर इस्माइल कोने (Ismaël Koné) एक गंभीर हादसे का शिकार हो गए।

मैच के 51वें मिनट में मैदान पर पसरा सन्नाटा

कनाडा मैच में पूरी तरह हावी था और काइल लारिन के शुरुआती गोल व जोनाथन डेविड की ऐतिहासिक हैट्रिक (वर्ल्ड कप में किसी कनाडाई खिलाड़ी की पहली हैट्रिक) की बदौलत आगे चल रहा था। तभी मैच के 51वें मिनट में कतर के मिडफील्डर आसिम मादिबो (Assim Madibo) ने पीछे से इस्माइल कोने पर एक बेहद खतरनाक और जानलेवा टैकल किया।

टैकल इतना भयानक था कि कोने का बायां पैर वहीं मैदान पर फ्रैक्चर हो गया। मैदान पर मौजूद खिलाड़ी तुरंत मेडिकल टीम को बुलाने लगे और पूरा स्टेडियम सन्न रह गया। मैदान पर ही आपातकालीन स्थिति में कोने के पैर को एक इन्फ्लेटेबल सपोर्ट सिस्टम (हवा से भरा हुआ सुरक्षा कवच) में रखा गया और उन्हें तुरंत स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया।

कतर को मिला रेड कार्ड, 9 खिलाड़ियों पर सिमटी टीम

इस खतरनाक फाउल के बाद वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR Review) की मदद ली गई और ऑन-फील्ड अंपायर ने आसिम मादिबो को सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया। कतर की टीम पहले हाफ में ही होमाम अल अमीन के बाहर होने के बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी, मादिबो के बाहर जाने के बाद वे सिर्फ 9 खिलाड़ियों के साथ खेलने पर मजबूर हो गए और मैच पूरी तरह एकतरफा हो गया। कनाडा के नाथन सालिबा ने मैदान पर उतरकर जब टीम का चौथा गोल दागा, तो उन्होंने कोने की जर्सी हवा में लहराकर अपने भाई जैसे साथी को यह गोल समर्पित किया।

कनाडा सॉकर और कोच जेसी मार्श का बड़ा बयान

कनाडा सॉकर (Canada Soccer) ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए पुष्टि की कि इस्माइल कोने के निचले हिस्से (पैर) की हड्डी टूट गई थी, जिसके लिए उनकी सफल सर्जरी की जा चुकी है। हालांकि वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगे, लेकिन वे फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बचे हुए सभी मैचों से बाहर हो चुके हैं।

कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श (Jesse Marsch) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होते हुए कहा:

“जब हमारी मेडिकल टीम मैदान पर कोने के पास पहुंची, तब तक दर्द इतना ज्यादा था कि उन्हें शांत करने के लिए तुरंत सेडेटिव्स (दर्द कम करने वाली दवाएं) देनी पड़ीं। वह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है, लेकिन हमारी प्राथमिकता उसका करियर और स्वास्थ्य है।”

कोने ने इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक संदेश

अस्पताल के बेड से इस्माइल कोने ने अपने प्रशंसकों के लिए एक बेहद दिल छू लेने वाला संदेश लिखा:

“आप सभी का प्यार और दुआएं मुझ तक पहुंची हैं, ईमानदारी से कहूं तो बहुत-बहुत शुक्रिया। मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि मुझे इतना प्यार करने वाले लोग मिले, क्योंकि हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं होता। मैं अपनी टीम के साथियों से कहना चाहता हूं कि हमारी यह भाईचारे वाली बॉन्डिंग मेरे लिए सब कुछ है। जो आप लोगों ने कल मैदान पर मेरे लिए किया, वह मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। मैं बहुत जल्द वापसी करूंगा।”

कतर फुटबॉल एसोसिएशन ने पेश की खेल भावना की मिसाल

भले ही यह चोट कतरी खिलाड़ी के खराब टैकल की वजह से लगी थी, लेकिन मैच खत्म होने के बाद कतर फुटबॉल एसोसिएशन (QFA) ने खेल भावना की एक बेहतरीन मिसाल पेश की। कतर बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर कनाडा सॉकर को टैग करते हुए इस्माइल कोने के लिए एक विशेष “Get Well Soon” (जल्द ठीक होने का संदेश) जारी किया। कतरी बोर्ड ने लिखा कि खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता अपनी जगह है, लेकिन किसी भी खिलाड़ी की चोट फुटबॉल बिरादरी के लिए दुखद है और वे कोने के जल्द से जल्द मैदान पर लौटने की प्रार्थना करते हैं।

निष्कर्ष: मुस्लिम देशों के लिए आगे की राह

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब तक का सफर यह दिखाता है कि फुटबॉल के इस महाकुंभ में बने रहने के लिए केवल आक्रामकता नहीं, बल्कि रणनीतिक अनुशासन की भी जरूरत है। जहाँ एक तरफ मोरक्को अपने बेमिसाल पासिंग गेम, सूझबूझ और इस्माइल सैबारी की शानदार फॉर्म के दम पर विश्व फुटबॉल के दिग्गजों को चौंका रहा है; वहीं दूसरी तरफ कतर जैसी टीमों को मैदान पर अपने अनुशासन और डिफेंसिव रणनीति में बड़े सुधार करने होंगे, क्योंकि रेड कार्ड और हिंसक टैकल न केवल मैच का परिणाम बदलते हैं, बल्कि विपक्षी खिलाड़ियों के करियर को भी खतरे में डाल देते हैं।