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फीफा वर्ल्ड कप 2026 मोरक्को क्या कतर जैसा चमत्कार दोबारा दोहरा पाएगा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है। फुटबॉल के इस सबसे बड़े महाकुंभ में इस बार कुल आठ अरब देश हिस्सा ले रहे हैं। यह अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इन सभी टीमों में सबसे ज्यादा नजरें मोरक्को पर टिकी हैं। कतर में खेले गए साल 2022 के वर्ल्ड कप में इस टीम ने जो इतिहास रचा था उसे फुटबॉल प्रेमी कभी नहीं भूल सकते। अब पूरी दुनिया यह देखना चाहती है कि क्या एटलस लॉयंस अपने पुराने करिश्मे को फिर से दोहरा पाएंगे या नहीं।

साल 2022 से पहले मोरक्को ने सिर्फ पांच बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया था। साल 1986 में वह केवल राउंड ऑफ 16 तक ही पहुंच पाए थे। यही कारण था कि कतर वर्ल्ड कप में उनसे किसी को बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं। लेकिन उन्होंने जो किया उसने फुटबॉल की पूरी कहानी को बदल कर रख दिया।

कतर 2022 में कैसे ग्रुप एफ में मचाई थी खलबली

साल 2022 के वर्ल्ड कप में मोरक्को को ग्रुप एफ में रखा गया था। इस ग्रुप में उनके साथ क्रोएशिया, बेल्जियम और कनाडा जैसी मजबूत टीमें थीं। फुटबॉल के पंडित मान रहे थे कि इस ग्रुप से क्रोएशिया और बेल्जियम बहुत आसानी से आगे निकल जाएंगे।

उस समय टीम के मुख्य कोच वालिद रेग्रागुई थे। मोरक्को ने अपने सफर की शुरुआत क्रोएशिया के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर की। इसके बाद उन्होंने जो किया उसने सबको हैरान कर दिया। मोरक्को ने बेल्जियम जैसी दिग्गज टीम को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही मोरक्को टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक टीम बनकर उभरी। इस मैच में रोमेन सिस और जकारिया अबौखलाल ने शानदार गोल किए थे। अशरफ हकीमी, सोफियान अमराबत और गोलकीपर यासीन बोनो के खेल ने इस जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। अपने आखिरी ग्रुप मैच में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से मात दी। हकीम जियेच और यूसुफ एन-नेसिरी ने गोल दागकर अपनी टीम को ग्रुप में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। मोरक्को 30 साल में पहली बार नॉकआउट स्टेज में जगह बनाने में कामयाब रहा था।

स्पेन और रोनाल्डो की टीम को चटाई थी धूल

राउंड ऑफ 16 में मोरक्को का सामना स्पेन से था। स्पेन की टीम में रोड्रि, सर्जियो बुस्केट्स और पेड्रि जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे। पूरी दुनिया को लग रहा था कि स्पेन का पासिंग गेम मोरक्को पर भारी पड़ेगा। स्पेन ने मैच में 1000 से ज्यादा पास पूरे किए और गेंद को अपने पास ही रखा। लेकिन मोरक्को के डिफेंस ने कमाल का अनुशासन दिखाया। रोमेन सिस और नायफ अगुएर्ड ने स्पेन के हर हमले को नाकाम कर दिया। गोलकीपर यासीन बोनो दीवार बनकर खड़े हो गए। मैच पेनल्टी शूटआउट में गया जहां कप्तान अशरफ हकीमी ने आखिरी पेनल्टी पर शानदार गोल करके इतिहास रच दिया। मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट को 3-0 से जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

क्वार्टर फाइनल में उनका सामना पुर्तगाल से हुआ। इस टीम में क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसा महान खिलाड़ी शामिल था। मैच के हाफ टाइम से ठीक पहले यूसुफ एन-नेसिरी ने एक शानदार हेडर के जरिए गोल करके मोरक्को को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद पुर्तगाल ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगा दिया। लेकिन यासीन बोनो के शानदार बचाव और मजबूत डिफेंस के दम पर मोरक्को ने इस बढ़त को आखिरी मिनट तक बचाए रखा। इस हार के बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो मैदान से रोते हुए बाहर निकले थे। मोरक्को इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने वाला पहला अरब और अफ्रीकी देश बन गया था। हालांकि सेमीफाइनल में फ्रांस ने उनका सफर रोक दिया था।

नए कोच मोहम्मद औहाबी और नई रणनीति

अब साल 2026 के वर्ल्ड कप में मोरक्को बिल्कुल बदले हुए रूप में दिखाई दे रहा है। पुराने कोच वालिद रेग्रागुई अब टीम के साथ नहीं हैं। सेनेगल के खिलाफ अफ्रीका कप ऑफ नेशन्स के फाइनल में मिली हार के बाद उन्होंने अपना पद छोड़ दिया था। अब टीम की कमान मोहम्मद औहाबी के हाथों में है।

मोहम्मद औहाबी एक ऐसे कोच हैं जो टीम को अधिक आक्रामक और आधुनिक फुटबॉल खिलाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने साल 2025 में मोरक्को की अंडर-20 टीम को फीफा अंडर-20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताया था।

पुराने कोच रेग्रागुई पर अक्सर बहुत ज्यादा रक्षात्मक खेल खेलने के आरोप लगते थे। लेकिन नए कोच मोहम्मद औहाबी टीम को 4-1-4-1 या 4-3-3 के फॉर्मेशन में खिलाना पसंद करते हैं। इस सिस्टम में विंग्स का इस्तेमाल बहुत तेजी से किया जाता है। खेल में काउंटर अटैक और सटीक क्रॉसेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

ग्रुप सी का समीकरण और आगे की राह

मोहम्मद औहाबी अपनी टीम में नए और युवा खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं। उन्होंने फ्रांस की अंडर-21 टीम के कप्तान रह चुके 18 साल के मिडफील्डर अयूबा बुआदी को टीम में शामिल किया है। इसके अलावा टीम के पास अशरफ हकीमी जैसा अनुभवी कप्तान और ब्राहिम डियाज जैसा शानदार खिलाड़ी मौजूद है। मिडफील्ड में सोफियान अमराबत और अजीद्दीन औनाही खेल को संभाल रहे हैं।

इस बार के वर्ल्ड कप में मोरक्को को ग्रुप सी में रखा गया है। इस ग्रुप में उनके साथ ब्राजील, स्कॉटलैंड और हैती जैसी टीमें हैं। ब्राजील की टीम कार्लो एंसेलोटी की देखरेख में रिकॉर्ड छठे खिताब के लिए मैदान पर उतरेगी। 14 जून 2026 को मोरक्को का पहला ही मुकाबला ब्राजील से होना है।

मैचतारीख (2026)मुकाबला
मैच 114 जूनब्राजील बनाम मोरक्को
मैच 220 जूनस्कॉटलैंड बनाम मोरक्को
मैच 325 जूनमोरक्को बनाम हैती

अगर हम इस ग्रुप को देखें तो मोरक्को से उम्मीद की जा रही है कि वह आसानी से अगले दौर में पहुंच जाएगा। स्कॉटलैंड और हैती के खिलाफ उनका पलड़ा भारी माना जा रहा है। हालांकि नए कोच औहाबी को अपनी नई रणनीति को पूरी तरह लागू करने के लिए बहुत कम समय मिला है। नई व्यवस्था को सेट होने में थोड़ा वक्त लगता है। 2022 में भी रेग्रागुई को टूर्नामेंट से ठीक पहले जिम्मेदारी मिली थी और उन्होंने कमाल कर दिया था। लेकिन फुटबॉल में हर बार ऐसा चमत्कार हो यह जरूरी नहीं है। मोरक्को के सामने इस बार चुनौती खुद को दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों में बनाए रखने की है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एटलस लॉयंस एक बार फिर फुटबॉल जगत को चौंका पाएंगे।

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