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हज 2026: मक्का में भारतीय हाजियों की बदहाली, संजय सिंह ने खोला मोर्चा

नई दिल्ली | मुस्लिम नाउ ब्यूरो

हज 2026 की शुरुआत से पहले ही सऊदी अरब के मक्का (अजीजिया) से भारतीय हाजियों की बदहाली की विचलित करने वाली खबरें सामने आ रही हैं। जंग के नाम पर 10,000 रुपये अतिरिक्त वसूलने के बाद अब सुविधाओं के नाम पर हाजियों को ‘नरक’ जैसी स्थिति में धकेलने के आरोपों ने भारत के मुस्लिम समाज और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो: बदहाली की खुली पोल

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो साझा करते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। उनके मुताबिक:

  • आसफ अल कुरैशी हॉस्टल की हालत अत्यंत दयनीय है।
  • प्रति व्यक्ति लगभग 4 लाख रुपये लेने के बावजूद परिवारों को अलग कर दिया गया है।
  • एक ही कमरे में 16 लोगों को ठूंसा गया है।
  • लिफ्ट खराब है और 16 लोगों पर महज एक गंदा वॉशरूम उपलब्ध है।
  • कमरों के भीतर वॉशरूम का गंदा पानी जमा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।

“यह नाकाबिल-ए-बर्दाश्त है। हज कमेटी ऑफ इंडिया को इस पर फौरन कार्रवाई करनी चाहिए।” — संजय सिंह, सांसद


भारतीय दूतावास का हस्तक्षेप

मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर बढ़ते गुस्से को देखते हुए रियाद स्थित भारतीय दूतावास (India in Saudi Arabia) ने सक्रियता दिखाई है। दूतावास ने हज मिशन को टैग करते हुए इस मामले की तत्काल जांच और समाधान के निर्देश दिए हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: सियासत बनाम हकीकत

इस मुद्दे पर डिजिटल जगत दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है:

  1. आक्रोशित पक्ष: कई यूजर्स ने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि हर साल हाजियों के साथ ऐसा ही होता है। पूर्व अल्पसंख्यक मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान भी ऐसी शिकायतें आई थीं।
  2. बचाव पक्ष: कुछ यूजर्स इसे महज एक ‘प्लमिंग इश्यू’ बता रहे हैं और इसे राजनीतिक रंग न देने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, कुछ अन्य लोग सीधे तौर पर सरकार का बचाव करते हुए होटल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

बुजुर्ग हाजियों की सुरक्षा पर सवाल

हाजियों की बदहाली पर ‘blessed_mom’ जैसी सोशल मीडिया यूजर्स ने चिंता जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी और ऐसी गंदगी के बीच बुजुर्ग हाजी अपना सफर कैसे मुकम्मल करेंगे? गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भीषण गर्मी के कारण कई भारतीय हाजियों की जान जा चुकी है, ऐसे में इस बार की अव्यवस्था बड़े हादसे को दावत दे सकती है।


निष्कर्ष

लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते हाजियों की यह तस्वीर हज कमेटी और सरकार के उन दावों पर बड़ा सवालिया निशान है, जिनमें ‘सुगम हज’ का वादा किया गया था। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि भारतीय हज मिशन इन शिकायतों पर कितनी जल्दी एक्शन लेता है।

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