इस्लाम मानती हूं, लेकिन अब नाम में फातिमा नहीं लगाती: राखी सावंत
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री और टीवी जगत की जानी मानी शख्सियत राखी सावंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई विवाद या नया बयान नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक पहचान और निजी जीवन से जुड़ा खुलासा है। राखी सावंत ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि वह आज भी इस्लाम को मानती हैं, नमाज पढ़ती हैं और उमराह भी कर चुकी हैं, लेकिन अब अपने नाम के साथ “फातिमा” नहीं लगातीं।
राखी सावंत ने यह खुलासा मशहूर डिजिटल शो “द बॉम्बे जर्नी” में बातचीत के दौरान किया। इस इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने संघर्ष, रिश्तों, शादी, मानसिक आघात और धर्म परिवर्तन से जुड़े सवालों का भी बेबाकी से जवाब दिया।
जब इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया था, तो राखी ने अपने खास अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हां, उन्होंने इस्लाम कबूल किया था। इसके पीछे उनकी शादी थी। राखी ने अपने पूर्व पति आदिल खान दुर्रानी का जिक्र करते हुए हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने उसी वजह से धर्म परिवर्तन किया था।

इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपना नाम भी बदला था, तो उन्होंने कहा कि शादी के बाद उन्होंने “फातिमा” नाम अपनाया था। हालांकि अब वह सार्वजनिक जीवन में केवल राखी सावंत के नाम से ही पहचानी जाती हैं।
राखी ने साफ शब्दों में कहा, “मैं राखी सावंत हूं। मैं इस्लाम में हूं, लेकिन अब फातिमा नाम नहीं लगाती।”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग उनके बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग उनकी धार्मिक आस्था की सराहना कर रहे हैं तो कुछ लोग इसे उनकी निजी पसंद बता रहे हैं।
इंटरव्यू के दौरान राखी सावंत ने यह भी बताया कि वह नियमित रूप से नमाज अदा करती हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वह अपनी धार्मिक जिम्मेदारियों को निभाने की कोशिश करती हैं।
राखी ने यह भी खुलासा किया कि वह अब तक आठ बार उमराह कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मक्का और मदीना की यात्रा उनके लिए आध्यात्मिक शांति का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हज सीजन खत्म होने के बाद वह एक बार फिर उमराह के लिए सऊदी अरब जाने की योजना बना रही हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में राखी सावंत ने कारोबारी आदिल खान दुर्रानी से शादी की थी। उसी दौरान उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार किया था और अपना नाम फातिमा रखा था। उनकी शादी उस समय काफी चर्चा में रही थी। बाद में दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा और मामला कानूनी विवाद तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों अलग हो गए।

हालांकि शादी टूटने के बावजूद राखी सावंत ने कई मौकों पर कहा है कि उनका इस्लाम से जुड़ाव केवल शादी की वजह से नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने इस धर्म को समझने और अपनाने की कोशिश की है और वह आज भी इसकी शिक्षाओं का सम्मान करती हैं।
राखी सावंत लंबे समय से मनोरंजन जगत का चर्चित चेहरा रही हैं। अपने बयानों और बेबाक अंदाज की वजह से वह अक्सर खबरों में बनी रहती हैं। लेकिन इस बार उनकी चर्चा धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत पहचान को लेकर हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के धार्मिक और व्यक्तिगत फैसले अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं। ऐसे में राखी सावंत का यह बयान भी लोगों के बीच जिज्ञासा का कारण बना हुआ है।
फिलहाल राखी सावंत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस्लाम का पालन करती हैं, नमाज पढ़ती हैं और उमराह भी करती हैं। लेकिन उनकी पहचान आज भी राखी सावंत के रूप में ही है और वह अब अपने नाम के साथ फातिमा नहीं जोड़तीं।
राखी का यह बयान एक बार फिर दिखाता है कि वह अपनी जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलने से कभी नहीं हिचकिचातीं। यही वजह है कि वह लगातार लोगों की चर्चा और मीडिया की सुर्खियों में बनी रहती हैं।

