PoliticsReligionTOP STORIES

दिल्ली में, नरसिंहानंद ने हिंदुओं को ललकारा- मुसलमानों पर हावी हो जाओ

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश के डासना देवी मंदिर के प्रधान पुजारी यति नरसिंहानंद ने एक बार फिर देश में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैला दी है. इस बार, नरसिंहानंद ने हिंदू महापंचायत के बैनर तले रविवार को दिल्ली के बुराड़ी में एक नफरती सम्मेलन में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया.

उत्तराखंड के धर्म संसद में, उन्होंने हिंदुओं से खुद को हथियारों से लैस करने का आह्वान किया था.सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में नरसिंहानंद को देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक के खिलाफ जहर उगलते सुना जा सकता है.

वो अपने भाषण में कहते हैं,“मैं इन सभाओं से थक गया हूँ जो अच्छे नहीं हैं. अधिक बच्चों को जन्म देना ही एकमात्र उपाय है. यदि आप पुनरुत्पादन करने में सक्षम हैं, तो इसे करें और अपने बच्चों को लड़ने के लिए पर्याप्त सक्षम बनाएं. ”उन्होंने हिंदुओं से अधिक बच्चे पैदा करने का आह्वान किया.

एक अन्य वीडियो में, उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों ने राम मंदिर को ध्वस्त करने की शपथ ली है जिस दिन एक मुस्लिम प्रधानमंत्री सत्ता में आता है. इसे अंजाम दे दिया जाएगा.उन्होंने कहा, हर मुसलमान ने शपथ ली है कि जिस दिन हम देश की व्यवस्था संभाल लेंगे, हम इस मंदिर (अयोध्या में राम मंदिर) को तोड़ देंगे और इसे फिर से मस्जिद बना देंगे.

यह दावा करते हुए कि एक मुसलमान कम से कम 2039 तक सत्ता में आ जाएगा, उन्होंने हिंदुओं को संभावित तबाही की चेतावनी दी.उन्होंने कहा, एक बार जब देश का पीएम मुसलमान बन जाएगा तो आप में से 50 फीसदी लोग धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बन जाएंगे. आज हमारे पास जितने मुसलमान हैं, वे अरब देशों से नहीं हैं. ये सभी हमारे लोग थे. ”
उन्होंने कहा,“40 प्रतिशत हिंदू मारे जाएंगे. 10 प्रतिशत हिंदू अपनी बहनों और बेटियों को मुसलमानों को दे देंगे और शरणार्थी शिविरों या विदेश में रहेंगे. यह हिंदुओं का भविष्य है. ”
नरसिंहानंद ने हिंदुओं से अपना भविष्य बदलने का आह्वान किया. यदि आप भविष्य को बदलना चाहते हैं, तो एक आदमी बनो, वह दोहराते है, एक आदमी वह है जिसके हाथ में एक हथियार है.

 हिंदू महापंचायती
पिछले साल जंतर मंतर पर इसी तरह का आयोजन करने वाले संगठन द्वारा आयोजित हिंदू महापंचायत में नरसंहार की भावनाएं शामिल थीं और इसमें नरसिंहानंद, उनकी करीबी सहयोगी पिंकी चैधरी और दक्षिणपंथी समाचार संगठन सुदर्शन न्यूज के एंकर सुरेश चव्हाणके सहित प्रमुख हिंदुत्व नेताओं ने भाग लिया था.
इस आयोजन में चव्हाणके ने यह भी व्यक्त किया कि वह समान अधिकारों के खिलाफ हैं और भारत में मुसलमानों को वही अधिकार मिलने चाहिए जो पाकिस्तान में हिंदुओं को मिलते हैं.

द क्विंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, विवादास्पद घटना को पहले दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके अलावा, इस कार्यक्रम को कवर कर रहे तीन मुस्लिम पत्रकारों पर हिंदुत्व के गुंडों ने हमला किया. वैसे इस तरह के खुराफातियों को जब और अनर्गल बकने का मौका मिल जाता है, जब ओवैसी जैसे नेता कहते हैं-इंशाअल्लाह ! एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री हिजाबी होगा.