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ईरान युद्ध का फैलता दायरा, 12 देशों में हमले; 787 लोगों की मौत, खाड़ी देशों तक पहुंचा संघर्ष

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तेहरान।
अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध तेजी से फैलता जा रहा है। चार दिनों से लगातार ईरान, इज़रायल और कई अन्य देशों में धमाकों और मिसाइल हमलों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। संघर्ष का असर अब पूरे क्षेत्र में दिखाई देने लगा है और कई देश इसकी चपेट में आ चुके हैं।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार ईरान में अब तक कम से कम 787 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं इज़रायल में 11 लोगों की जान गई है। इसके अलावा छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। खाड़ी देशों में भी कई नागरिक हमलों में हताहत हुए हैं।

संघर्ष की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले शुरू किए। इसके जवाब में तेहरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें दागीं। इन हमलों का निशाना इज़रायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने रहे।

ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps का दावा है कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी सेना के 27 ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही तेल अवीव और इज़रायल के अन्य हिस्सों पर भी मिसाइलें दागी गईं।

इज़रायल की वायुसेना का कहना है कि उसने पिछले 24 घंटों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों में 1200 से अधिक हथियार गिराए। इन हमलों में सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

ईरान में सबसे भीषण घटना दक्षिण पूर्वी शहर मीनाब में हुई। यहां एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में करीब 180 बच्चों की मौत होने की खबर है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इस घटना को बेहद दुखद बताया है।

इज़रायल में भी मिसाइल हमलों से नुकसान हुआ है। केंद्रीय इज़रायल के बेत शेमेश इलाके में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में नौ लोगों की मौत हो गई। तेल अवीव में भी कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

खाड़ी देशों में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के पास ड्रोन हमले हुए। कुवैत में मिसाइल हमलों से तीन लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए। संयुक्त अरब अमीरात में भी तीन लोगों की जान गई और 68 लोग घायल बताए गए हैं।

लेबनान में इज़रायली हवाई हमलों से कम से कम 40 लोगों की मौत और 246 लोग घायल हुए हैं। वहीं ओमान में बंदरगाह क्षेत्र पर ड्रोन हमले से एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए। कतर में भी मिसाइल हमलों से 16 लोग घायल बताए गए हैं।

संघर्ष के कारण कई देशों में हवाई सेवाएं और सार्वजनिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कतर में हवाई यातायात अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। स्कूलों को ऑनलाइन मोड में चलाने का फैसला लिया गया है और रमज़ान के सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।

इस संकट में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी भी अहम भूमिका निभा रही है। रिपोर्टों के अनुसार मध्य पूर्व में लगभग 40 हजार से 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। उनके प्रमुख ठिकाने कतर, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ा तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरे पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और दुनिया की नजर इस युद्ध के अगले कदम पर टिकी हुई है।

sorcs : Al-jazeera