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दुनिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटी में शामिल हुआ जामिया हमदर्द: फार्मेसी में मिली 59वीं रैंक

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

भारत के शिक्षा जगत और विशेष रूप से मुस्लिम समाज के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आई है। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित संस्थान जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराते हुए दुनिया के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची में जगह बना ली है। प्रतिष्ठित ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026’ (QS World University Rankings) में जामिया हमदर्द को फार्मेसी और फार्माकोलॉजी (Pharmacy & Pharmacology) विषय में दुनिया भर में 59वां स्थान प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर है। यह पहली बार नहीं है जब जामिया हमदर्द ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को साबित किया है, लेकिन विश्व रैंकिंग में 59वें पायदान पर पहुंचना यह दर्शाता है कि यह संस्थान अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में विकसित देशों की बड़ी यूनिवर्सिटीज को कड़ी टक्कर दे रहा है।

उत्साह का माहौल और ‘विरासत’ की जीत

इस बड़ी कामयाबी की जानकारी जामिया हमदर्द ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए साझा की है। विश्वविद्यालय ने अपनी पोस्ट में गर्व के साथ लिखा— “जामिया हमदर्द: जहाँ विरासत आधुनिक शिक्षा से मिलती है।” संस्थान ने इसे अपनी कड़ी मेहनत और शोध (Research) के प्रति समर्पण का परिणाम बताया है।

जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, न केवल विश्वविद्यालय परिसर में बल्कि देश भर के शिक्षाविदों और मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर लोग इसे भारतीय मुसलमानों के शैक्षणिक उत्थान और ‘मुस्लिम इदारों’ (संस्थानों) की बढ़ती ताकत के रूप में देख रहे हैं।

फार्मेसी क्षेत्र में वैश्विक दबदबा

जामिया हमदर्द शुरू से ही फार्मेसी की पढ़ाई और रिसर्च के लिए जाना जाता रहा है। भारत सरकार की एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग में भी यह संस्थान अक्सर देश में पहले स्थान पर रहता है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 59वीं रैंक मिलना यह साबित करता है कि यहाँ की लैब्स, शोध पत्र (Research Papers) और फैकल्टी का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैंकिंग से न केवल जामिया हमदर्द की साख बढ़ेगी, बल्कि यहाँ से डिग्री लेने वाले छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरियों और शोध के अवसर भी काफी बढ़ जाएंगे।

एक विजन की सफलता

जामिया हमदर्द की इस सफलता के पीछे इसके संस्थापकों का वह विजन है, जिसमें उन्होंने पारंपरिक यूनानी चिकित्सा और आधुनिक विज्ञान के संगम की कल्पना की थी। आज यह संस्थान मेडिकल, नर्सिंग, आईटी और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना चुका है।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को बधाई दी है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा और संसाधनों के साथ काम किया जाए, तो भारत के अल्पसंख्यक संस्थान दुनिया के नक्शे पर अपनी चमक बिखेर सकते हैं।

जामिया हमदर्द की वेबसाइट (www.jamiahamdard.ac.in) पर भी इस गौरवशाली उपलब्धि को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। यह रैंकिंग न केवल एक नंबर है, बल्कि उन हजारों छात्रों के सपनों को मिलने वाली उड़ान है जो यहाँ से पढ़कर दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दे रहे हैं।