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दुबई में खान सर का जलवा, सर सैयद डे सम्मेलन में उमड़ी भीड़

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई।

मशहूर शिक्षक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले खान सर इन दिनों चर्चा में हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व छात्रों के आमंत्रण पर वह दुबई पहुंचे, जहां 17 और 18 अक्टूबर को आयोजित सर सैयद डे सम्मेलन 2026 में उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। इस कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। आयोजकों ने खान सर की मौजूदगी को विद्यार्थियों के लिए सीखने, करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अनुभव हासिल करने का अवसर बताया।

दुबई में आयोजित यह सम्मेलन सर सैयद अहमद खान की शैक्षिक विरासत को याद करने के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है। दुनिया के अलग अलग देशों में बसे एएमयू के पूर्व छात्र हर साल सर सैयद डे के मौके पर मिलते हैं। वे शिक्षा, सामाजिक सुधार और आधुनिक सोच को बढ़ावा देने में सर सैयद के योगदान को याद करते हैं। इस बार दुबई सम्मेलन में खान सर की भागीदारी ने कार्यक्रम को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी।

खान सर को सुनने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन

एएमयू एलुमनाई यूएई की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, खान सर को सर सैयद डे सम्मेलन 2026 में आमंत्रित किया गया था। यह कार्यक्रम 17 और 18 अक्टूबर को दुबई की एतिसलात अकादमी, मुहैसना 2 में आयोजित किया गया।

आयोजकों ने सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की थी। सोशल मीडिया पर जारी आमंत्रण में खान सर के संबोधन को विद्यार्थियों और परिवारों के लिए उपयोगी बताया गया। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, पढ़ाई के प्रति प्रेरणा, शिक्षा की सुलभता और तकनीक की बदलती भूमिका जैसे विषयों का उल्लेख किया गया।

खान सर की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत में उनके शिक्षण वीडियो देखने वाले विद्यार्थियों के बीच उन्हें सुनने की उत्सुकता रहती है। हालांकि, दुबई सम्मेलन में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या के बारे में आयोजकों की ओर से कोई प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

पटना से दुबई तक खान सर की लोकप्रियता

खान सर बिहार की राजधानी पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए जाने जाते हैं। पढ़ाने का उनका सहज और बातचीत वाला अंदाज विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय है। कठिन विषयों को आम बोलचाल की भाषा में समझाने की उनकी शैली ने उन्हें ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में भी पहचान दिलाई है।

उनके शिक्षण वीडियो बड़ी संख्या में देखे जाते हैं। सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई विद्यार्थी उनके व्याख्यानों से जुड़ते हैं। यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता अब भारत के बाहर रहने वाले भारतीय विद्यार्थियों और परिवारों तक भी पहुंची है।

दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में खान सर की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भारतीय शिक्षा जगत की लोकप्रिय हस्तियों को विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के कार्यक्रमों में भी आमंत्रित किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को शिक्षकों से सीधे संवाद करने और अपने सवालों के जवाब पाने का अवसर मिल सकता है।

सर सैयद अहमद खान की विरासत से जुड़ा सम्मेलन

सर सैयद डे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और उसके पूर्व छात्रों के लिए खास महत्व रखता है। यह दिन सर सैयद अहमद खान की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम माना और आधुनिक शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास किए।

उनके प्रयासों से शुरू हुआ अलीगढ़ आंदोलन भारतीय मुस्लिम समाज में आधुनिक शिक्षा और शैक्षणिक सुधार की चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। अलीगढ़ में स्थापित मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज आगे चलकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। आज एएमयू के पूर्व छात्र भारत के साथ दुनिया के कई देशों में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

सर सैयद डे के अवसर पर पूर्व छात्र अपने संस्थान से जुड़े अनुभव साझा करते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत पर चर्चा करते हैं। दुबई में आयोजित सम्मेलन भी इसी परंपरा का हिस्सा है।

विदेशों में भी मनाया जाता है सर सैयद डे

सर सैयद अहमद खान की जयंती पर कार्यक्रम केवल भारत तक सीमित नहीं रहते। विदेशों में रहने वाले एएमयू के पूर्व छात्र भी इस अवसर पर आयोजन करते हैं। रूस की राजधानी मॉस्को में भी एएमयू के पूर्व छात्रों ने सर सैयद डे मनाया था। ऐसे कार्यक्रमों में सर सैयद के शैक्षिक योगदान और अलीगढ़ आंदोलन की विरासत को याद किया जाता है।

विदेशों में होने वाले ये आयोजन पूर्व छात्रों को अपने विश्वविद्यालय से जुड़े रहने का अवसर देते हैं। साथ ही, नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को शिक्षा, सामाजिक सुधार और ज्ञान के महत्व से परिचित कराने में भी मदद कर सकते हैं।

दुबई सम्मेलन में खान सर की भागीदारी ने शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को चर्चा का एक प्रमुख विषय बनाया। उनके संबोधन से विद्यार्थियों को पढ़ाई, करियर और तैयारी से जुड़े व्यावहारिक सुझाव मिलने की उम्मीद थी।

शिक्षा और प्रेरणा पर रहेगा जोर

सर सैयद डे सम्मेलन 2026 का महत्व केवल एक लोकप्रिय शिक्षक की मौजूदगी तक सीमित नहीं है। यह कार्यक्रम शिक्षा के बदलते स्वरूप और विद्यार्थियों की जरूरतों पर चर्चा का अवसर भी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच छात्रों को सही मार्गदर्शन, अध्ययन की रणनीति और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा की जरूरत होती है।

खान सर की शिक्षण शैली इसी संदर्भ में विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय हुई है। दूसरी ओर, सर सैयद अहमद खान की विरासत शिक्षा को सामाजिक प्रगति से जोड़ने का संदेश देती है। इन दोनों पहलुओं का एक ही मंच पर आना सम्मेलन को विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए प्रासंगिक बनाता है।

दुबई में आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय शिक्षा जगत, एएमयू के पूर्व छात्रों और विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच संवाद का एक अवसर है। इससे यह भी पता चलता है कि शिक्षा और प्रेरणा से जुड़े कार्यक्रमों में भारतीय शिक्षकों की भागीदारी देश की सीमाओं से आगे तक पहुंच रही है।

सवाल और जवाब

1. दुबई में खान सर का कार्यक्रम कब आयोजित हुआ?

आयोजकों की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, सर सैयद डे सम्मेलन 2026 का आयोजन 17 और 18 अक्टूबर को किया गया।

2. दुबई में सर सैयद डे सम्मेलन कहां आयोजित हुआ?

कार्यक्रम दुबई के एतिसलात अकादमी, मुहैसना 2 में आयोजित किया गया।

3. सम्मेलन में खान सर को क्यों आमंत्रित किया गया?

उनकी भागीदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों और परिवारों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, पढ़ाई, प्रेरणा और शिक्षा में तकनीक की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा करना था।

4. सर सैयद डे क्यों मनाया जाता है?

यह दिन सर सैयद अहमद खान की जयंती पर मनाया जाता है। उनके शैक्षिक योगदान और आधुनिक शिक्षा के प्रसार के प्रयासों को याद किया जाता है।

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