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फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले ईरानी प्रशंसकों को बड़ा झटका

नई दिल्ली

फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब केवल कुछ दिन बचे हैं। दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह चरम पर है। लेकिन इसी बीच ईरान से जुड़ी एक खबर ने लाखों फुटबॉल प्रशंसकों को निराश कर दिया है। ईरान के हजारों समर्थक, जिन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम को स्टेडियम में बैठकर समर्थन देने का सपना देखा था, अब शायद ऐसा नहीं कर पाएंगे।

रिपोर्टों के अनुसार फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए ईरानी प्रशंसकों को आवंटित बड़ी संख्या में टिकट रद्द कर दिए गए हैं। इस फैसले ने ईरान में नाराजगी की लहर पैदा कर दी है। ईरानी फुटबॉल महासंघ ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला

फीफा के नियमों के मुताबिक विश्व कप में हिस्सा लेने वाली हर टीम को अपने मैचों के लिए टिकटों का एक निर्धारित हिस्सा मिलता है। यह हिस्सा संबंधित देश का फुटबॉल महासंघ अपने प्रशंसकों के बीच वितरित करता है।

ईरानी फुटबॉल महासंघ का दावा है कि उसने आधिकारिक प्रक्रिया के तहत टिकटों का वितरण शुरू कर दिया था। कई प्रशंसकों ने यात्रा की तैयारी भी कर ली थी। कुछ लोगों ने होटल बुक किए थे। कई ने लंबी दूरी की उड़ानों की व्यवस्था की थी।

लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले बड़ी संख्या में टिकट रद्द होने की खबर सामने आई। इससे हजारों प्रशंसकों की योजनाओं पर पानी फिर गया।

ईरान ने जताया कड़ा विरोध

ईरानी फुटबॉल महासंघ ने अपने बयान में कहा कि कानूनी और आधिकारिक अधिकारों से समर्थकों को वंचित करना अंतरराष्ट्रीय खेल भावना के विपरीत है। महासंघ का कहना है कि विश्व कप जैसे वैश्विक मंच पर सभी देशों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

बयान में सीधे किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन संकेत दिए गए कि इस फैसले के पीछे खेल से इतर राजनीतिक कारण हो सकते हैं।

ईरान का मानना है कि मौजूदा भू राजनीतिक परिस्थितियों का असर खेल जगत पर भी दिखाई दे रहा है।

अमेरिका, ईरान और इजरायल तनाव का असर

पिछले कुछ महीनों से मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े टकराव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया है। अब इसके असर खेल आयोजनों पर भी दिखाई देने लगे हैं।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में हो रहा है। ऐसे समय में ईरान की भागीदारी कई तरह की चुनौतियों से घिरी रही।

वीजा प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठे। ईरानी टीम के खिलाड़ियों को आखिरकार यात्रा की अनुमति मिल गई, लेकिन टीम से जुड़े कुछ अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ को अब भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बेस कैंप भी बदलना पड़ा

सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से ईरानी टीम को अपना बेस कैंप अमेरिका के एरिजोना से हटाकर मेक्सिको के तिजुआना में स्थानांतरित करना पड़ा।

इस बदलाव से टीम की तैयारियों पर असर पड़ा। खिलाड़ियों को लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ रही है। इसके बावजूद टीम विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयारी कर रही है।

विश्व कप में ईरान का अभियान

ईरान फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप जी में शामिल है। टीम अपने अभियान की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगी। इसके बाद बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला होगा।

यह विश्व कप ईरान की सातवीं भागीदारी है। इसलिए देश के फुटबॉल प्रेमियों को इस बार टीम से काफी उम्मीदें हैं।

एक और संकट, अपने ही देश में घटता समर्थन

ईरानी टीम केवल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से नहीं जूझ रही। देश के भीतर भी माहौल पहले जैसा नहीं रहा।

कभी फुटबॉल ईरान में राष्ट्रीय एकता का प्रतीक माना जाता था। विश्व कप के दौरान लोग सड़कों पर निकलकर जश्न मनाते थे। घरों में सामूहिक रूप से मैच देखे जाते थे। जीत और हार पूरे देश की भावनाओं से जुड़ी होती थी।

लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है।

तेहरान के कई नागरिकों का कहना है कि समाज में बढ़ते राजनीतिक विभाजन का असर राष्ट्रीय टीम पर भी पड़ा है। कुछ लोग अब टीम का समर्थन करने को राजनीतिक नजरिए से देखने लगे हैं।

1998 से 2026 तक बदला माहौल

1998 विश्व कप के लिए ईरान के क्वालिफाई करने की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं। उस समय सड़कों पर हजारों लोग जश्न मनाने निकल पड़े थे।

लेकिन 2026 में हालात अलग हैं।

तेहरान की सड़कें शांत हैं। फुटबॉल को लेकर पहले जैसा उत्साह दिखाई नहीं देता। कई प्रशंसक कहते हैं कि वे अब भी अपने देश से प्यार करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम से पहले जैसा भावनात्मक जुड़ाव महसूस नहीं करते।

टिकट रद्द होने से बढ़ी नाराजगी

कनाडा, यूरोप और अन्य देशों में रहने वाले ईरानी मूल के लोग भी इस फैसले से निराश हैं।

कई लोगों ने महीनों पहले टिकट खरीदने और यात्रा की योजना बनाई थी। लेकिन वीजा संबंधी अनिश्चितता और टिकट विवाद ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है।

कुछ प्रशंसकों का कहना है कि यदि उन्हें निष्पक्ष अवसर मिलता तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी टीम का समर्थन करने स्टेडियम जरूर पहुंचते।

फीफा की प्रतिक्रिया

फीफा ने कहा है कि वह ईरानी फुटबॉल महासंघ के साथ मिलकर समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है। संगठन का कहना है कि वह चाहता है कि अधिक से अधिक ईरानी समर्थक मैचों में शामिल हो सकें।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि रद्द किए गए टिकटों का अंतिम समाधान क्या होगा और कितने प्रशंसक वास्तव में स्टेडियम पहुंच पाएंगे।

विश्व कप पर राजनीति की परछाईं

फुटबॉल को अक्सर दुनिया को जोड़ने वाला खेल कहा जाता है। लेकिन फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले सामने आया यह विवाद दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खेलों को पूरी तरह अलग रखना हमेशा आसान नहीं होता।

ईरान के लिए यह विश्व कप केवल खेल प्रतियोगिता नहीं रह गया है। यह पहचान, प्रतिनिधित्व और वैश्विक राजनीति से जुड़ा मुद्दा भी बन गया है।

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि फीफा और संबंधित पक्ष इस विवाद का समाधान कैसे निकालते हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मैदान के बाहर की चुनौतियों के बावजूद ईरानी टीम मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है।

फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद है कि अंततः खेल की भावना ही जीत हासिल करेगी और विश्व कप का सबसे बड़ा मंच राजनीति नहीं बल्कि खेल प्रतिभा के लिए याद किया जाएगा।

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