अलीगंज हादसे में कितने मुस्लिम छात्र बने शिकार,मौलाना मदनी ने जताई गहरी चिंता
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, लखनउ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली है। इस दर्दनाक हादसे में कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों और घायलों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
अलीगंज कोचिंग सेंटर में कैसे भड़की आग
यह भयानक हादसा लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट की वजह से कोचिंग सेंटर की इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त अंदर बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे थे। धुआं और आग फैलने से वहां भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए कुछ बच्चों ने खिड़कियों और छज्जों से नीचे छलांग लगा दी। इस अफरा-तफरी में कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
काल के गाल में समा गए ये 15 छात्र
इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस और प्रशासन ने जिन 15 मृत छात्रों की पहचान की है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- सागर
- अनामिका
- नीलेश
- संयम
- अनुछा (अनुष्ठा)
- सुखमनी
- आदित्य श्रीवास्तव
- ज्योति
- भविष्य
- अब्दुल रहमान
- सूरज भाह (सूरज शाह)
- भाहजान (शाहजान)
- जयनिल चक्रवर्ती
- मोहम्मद अम्मार
- सुमल्या
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे 9 मासूम
आग की लपटों के बीच से किसी तरह सुरक्षित बाहर निकले 9 छात्र फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। इन सभी का इलाज लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे इन बच्चों की निगरानी कर रही है। गंभीर रूप से घायल छात्रों के नाम ये हैं:
- जयंत
- लवप्रीत
- मोहम्मद आसिफ
- भुवन श्रीवास्तव
- पंकज
- शैलेन्द्र
- अभिषेक
- पंकज जोशी
- गौरव कुमार
मौलाना महमूद मदनी ने सरकार से की यह बड़ी मांग
इस दर्दनाक हादसे पर दिल्ली से जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि ट्यूशन पढ़ने आए बच्चों की इस तरह मौत होना पूरे देश के लिए एक आंखें खोलने वाली घटना है। यह खबर अंदर तक झकझोर देने वाली है।
मौलाना मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने साफ कहा कि अगर इस घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा और पूरी सरकारी सहायता दी जाए।
अलीगंज, लखनऊ के भीषण अग्निकांड में अनेक छात्रों की मृत्यु पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद का गहरा शोक*
— Jamiat Ulama-i-Hind (@JamiatUlama_in) June 22, 2026
नई दिल्ली, 22 जून: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने अलीगंज, लखनऊ में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग की घटना में दो दर्जन से अधिक लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक और… pic.twitter.com/mRFrEdQQNz
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी नियमों की पोल खोल दी है। संकरी गलियों में चल रहे इन सेंटरों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था न के बराबर होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजामों की जांच की गई होती, तो आज 15 घरों के चिराग नहीं बुझते। प्रशासन ने अब शहर के अन्य कोचिंग सेंटरों की जांच करने की बात कही है। पीड़ितों के रिश्तेदार और स्थानीय लोग अस्पताल के बाहर अपनों की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं।

