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NEET UG 2026 परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता बने ऑल इंडिया टॉपर,टाॅप 138 में दिल्ली के मो. अहमदुल्लाह और मो. फव्वाज भी

नई दिल्ली

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी NEET UG 2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम आखिरकार घोषित हो गया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को परिणाम जारी करते हुए देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म कर दिया। इस बार पंजाब के लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। उन्होंने 99.9999 पर्सेंटाइल के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। हरियाणा के पांशुल बंसल ने भी समान पर्सेंटाइल हासिल किया और उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2 मिली। राजस्थान के उपलक्ष्य गोयल तीसरे स्थान पर रहे। वहीं दिल्ली के मोहम्मद अहमदुल्लाह शमीम और मोहम्मद फ़व्वाज़ ने भी शीर्ष 138 रैंकधारकों में जगह बनाकर राजधानी का नाम रोशन किया।

इस वर्ष करीब 20 लाख विद्यार्थियों ने NEET UG 2026 परीक्षा दी थी। इनमें से 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवार सफल घोषित किए गए हैं। अब यही छात्र देश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली काउंसलिंग में भाग लेंगे।

एनटीए ने समय पर परिणाम जारी कर यह भी स्पष्ट किया कि इससे मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ सकेगी। अब जल्द ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी और विभिन्न राज्यों की काउंसलिंग एजेंसियां प्रवेश कार्यक्रम जारी करेंगी। इससे लाखों छात्रों को बिना देरी के दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलेगी।

टॉप रैंकर्स में कई राज्यों की मजबूत मौजूदगी

इस बार की मेरिट सूची पर नजर डालें तो देश के अलग अलग राज्यों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के छात्रों ने शीर्ष स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

बिहार के आयुष भालोटिया चौथे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र की कुडाले श्रावणी कृष्णा ने पांचवीं रैंक हासिल कर देश की सर्वोच्च महिला अभ्यर्थी बनने का गौरव प्राप्त किया। बिहार की रिया रंजन छठे स्थान पर रहीं। इससे यह साफ दिखाई देता है कि इस बार प्रतियोगिता बेहद कड़ी रही और देशभर के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

महाराष्ट्र सबसे आगे रहा

एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शीर्ष 138 रैंकधारकों में सबसे अधिक 22 छात्र महाराष्ट्र से हैं। इसके बाद राजस्थान के 18, पंजाब के 11, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के 9 9, जबकि दिल्ली और गुजरात के 8 8 छात्र शामिल हैं। हरियाणा, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और बिहार के छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

यह परिणाम केवल किसी एक राज्य की सफलता नहीं बल्कि पूरे देश में चिकित्सा शिक्षा के प्रति बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बेहतर तैयारी का संकेत देता है।

मेहनत और अनुशासन ने दिलाई सफलता

ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल करने वाले आयुष भालोटिया ने बताया कि उन्होंने परीक्षा में 710 अंक प्राप्त किए। उनकी तैयारी पूरी तरह अनुशासित रही। वे प्रतिदिन लगभग छह घंटे कोचिंग करते थे। इसके अलावा पांच से सात घंटे घर पर स्वयं पढ़ाई करते थे। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और पुराने प्रश्नपत्रों का लगातार अभ्यास उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना।

ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल करने वाले कृतिक जैन ने बताया कि उन्होंने कभी किसी विशेष रैंक को लक्ष्य नहीं बनाया। उनका उद्देश्य केवल अपनी तैयारी को बेहतर बनाना था। उन्होंने कहा कि उनके माता पिता ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। अच्छे अंक आने पर प्रोत्साहित किया और कमजोर प्रदर्शन होने पर निराश होने के बजाय आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।

ऑल इंडिया रैंक 52 हासिल करने वाली गुंजन ने भी अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन छह से सात घंटे स्वाध्याय करती थीं। कोचिंग सहित उनकी कुल पढ़ाई लगभग दस घंटे प्रतिदिन होती थी। उनका मानना है कि निरंतर अभ्यास ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

दिल्ली के छात्रों ने भी बढ़ाया सम्मान

राजधानी दिल्ली के लिए भी यह परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। मोहम्मद फ़व्वाज़ और मोहम्मद अहमदुल्लाह शमीम ने शीर्ष 138 रैंकधारकों में स्थान बनाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इसके अलावा दिल्ली के कई अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इनमें काशवी ढल, थेजस वरुण रेड्डी, हंसिका, अंकुर कुमार, कुशाग्र मित्तल, अनन्या सिन्हा, आदित्य बनर्जी, नभ्य मोहन मेहता और पनव सहारन शामिल हैं।

महिलाओं ने फिर दिखाई अपनी ताकत

इस वर्ष के परिणामों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। यह आंकड़ा बताता है कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है और इस बार भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।

551 शहरों में हुई थी परीक्षा

NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 21 जून 2026 को किया गया था। परीक्षा के लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कुल 5440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की गई ताकि देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके।

एनटीए ने परिणाम घोषित करने से पहले अंतिम उत्तर कुंजी भी जारी की थी। इससे अभ्यर्थियों को अपने उत्तरों का मिलान करने का अवसर मिला और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी।

अब काउंसलिंग पर रहेगी नजर

परिणाम जारी होने के बाद अब छात्रों की निगाहें एमसीसी काउंसलिंग और राज्य स्तरीय काउंसलिंग पर टिकी हैं। जल्द ही एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष, बीएएमएस, बीएचएमएस और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं पर नजर रखें और सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें।

सफलता का सबसे बड़ा संदेश

इस वर्ष का NEET UG 2026 Result एक बार फिर यह संदेश देता है कि कठिन से कठिन प्रतियोगी परीक्षा भी निरंतर मेहनत, अनुशासित दिनचर्या, सही रणनीति और आत्मविश्वास के बल पर जीती जा सकती है। शीर्ष रैंक हासिल करने वाले लगभग सभी विद्यार्थियों ने एक ही बात दोहराई। नियमित पढ़ाई करें। समय का सही उपयोग करें। शिक्षकों की सलाह मानें। परिवार के सहयोग को अपनी ताकत बनाएं और हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करें।

लाखों अभ्यर्थियों के बीच हुई इस कठिन प्रतिस्पर्धा में सफल होने वाले छात्रों ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी शॉर्टकट से नहीं बल्कि धैर्य, मेहनत और लगातार प्रयास से मिलती है। अब इन विद्यार्थियों के सामने देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेकर डॉक्टर बनने का सपना साकार करने का अवसर है।