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पीएम मोदी से सवाल पूछने के लिए अमेरिकी पत्रकार सबरीना सिद्दीकी पर ऑनलाइन गालियों की बौछार

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

संयुक्त राज्य अमेरिका में वाशिंगटन पोस्ट की पत्रकार सबरीना सिद्दीकी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव वाले सवाल पूछने पर हिंदुत्व समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म से उनपर गालियों की बौछार की जा रही है. इसके लिए विशेष तौर से ट्विटर हैंडल का सहारा लिया जा रहा है और उन्हें अपमानजनक तरीके से ट्रोल किया जा रहा है.सिद्दीकी द वाशिंगटन पोस्ट के लिए व्हाइट हाउस कवर करती हैं.

अमेरिका प्रवास के दौरान जब पत्रकार सीधे पीएम मोदी से सवाल कर रहे थे, इस दौरान सिद्दीकी ने पूछा, ‘‘भारत ने लंबे समय से खुद को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में गौरवान्वित किया है, लेकिन कई मानवाधिकार समूह हैं जो कहते हैं कि आपकी सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया है और अपने आलोचकों को चुप कराने का प्रयास किया है. जब आप यहां व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में खड़े हैं, जहां कई विश्व नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्धताएं जताई हैं, तो आप और आपकी सरकार अपने देश में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों में सुधार और उन्हें बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाने को तैयार हैं?’’

मोदी ने इस सवाल पर आश्चर्य जताया और जवाब में कहा, लोकतंत्र हमारी आत्मा है. लोकतंत्र हमारी रगों में दौड़ता है. हम लोकतंत्र में रहते हैं,हमारी सरकार ने लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों को अपनाया है.हमने हमेशा साबित किया है कि लोकतंत्र परिणाम दे सकता है. और जब मैं कहता हूं पहुंचाओ, तो यह जाति, पंथ, धर्म, लिंग की परवाह किए बिना होता है. भेदभाव के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं है.”

सिद्दीकी के खिलाफ प्रतिक्रिया का नेतृत्व भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय कर रहे हैं. उन्होंने उनके सवाल को प्रेरित बताया और टूलकिट गैंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा,प्रधानमंत्री मोदी ने मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रेरित सवाल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया. अपने जवाब में उन्होंने मुसलमानों या किसी अन्य संप्रदाय का उल्लेख नहीं किया, संविधान, पात्रता के आधार पर सरकारी संसाधनों तक पहुंच और जाति, पंथ, धर्म या भूगोल के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होने की बात कही.इसी तरह के प्रश्न पर राष्ट्रपति बिडेन की ठंडी प्रतिक्रिया के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रेरित सवाल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया. अपने जवाब में उन्होंने मुसलमानों या किसी अन्य संप्रदाय का उल्लेख नहीं किया, संविधान, पात्रता के आधार पर सरकारी संसाधनों तक पहुंच और जाति, पंथ, धर्म या भूगोल के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होने की बात कही.इसी तरह के प्रश्न पर राष्ट्रपति बिडेन की ठंडी प्रतिक्रिया के बाद, यह टूलकिट गिरोह के लिए एक और झटका था.

इसके तुरंत बाद, हिंदुत्व और भाजपा समर्थक ट्विटर अकाउंट सिद्दीकी पर पिल पड़े. उन्हें पाकिस्तानी इस्लामवादी करार दिया. सवाल के पीछे उनकी मंशा के बारे में साजिश के सिद्धांत उठाए. वह केवल भारत को निशाना बनाती है. ऐसे ही एक ट्विटर हैंडल से कहा गया, नफरत पाकिस्तानियों के डीएनए में है.

ऑपइंडिया जैसी भाजपा समर्थक वेबसाइटें तो इससे भी आगे बढ़ गईं और रिपोर्ट करने लगीं कि वह पाकिस्तानी माता-पिता की बेटी हैं और इस्लामवादियों के दावों को दोहरा रही हैं.

रिपोर्ट में कहा गया,अशिक्षित लोगों के लिए, वह पत्रकार जिसने इस्लामवादियों और वाम-उदारवादियों के दावों को दोहराते हुए चतुराई से निर्मित प्रश्न उठाया, भारत में मुसलमानों पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कोई और नहीं बल्कि सबरीना सिद्दीकी हैं.पाकिस्तानी माता-पिता की बेटी हैं.

इंटरनेट पर उन्हें भारत विरोधी बताए जाने के आरोपों के जवाब में, सिद्दीकी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपनी और अपने भारत में जन्मे पिता की भारतीय क्रिकेट टीम का उत्साह बढ़ाते हुए एक तस्वीर साझा की है. उन्हांेने कहा, चूंकि कुछ लोगों ने मेरी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को मुद्दा बनाने का फैसला किया है, इसलिए पूरी तस्वीर प्रदान करना ही सही लगता है. कभी-कभी पहचान जितनी दिखती है उससे कहीं अधिक जटिल होती है.

दुर्व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी से उन लोगों का पता लगाने को कहा है जो पत्रकार को ट्रोल कर रहे हैं.उन्होंने ट्वीट किया-श्रीमान प्रधान मंत्री यह साबित करने के लिए कि आपने अमेरिका में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या वादा किया था, क्या आप कृपया यह पता लगाएंगे कि वॉल स्ट्रीट संवाददाता को कौन ट्रोल कर रहा है? क्या यह आपकी अपनी निजी ट्रोल सेना नहीं है? अगर ऐसा है तो क्या आप उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे? मुझे गंभीर संदेह है.

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने एक पत्रकार के तौर पर बेहतरीन काम करने के लिए सिद्दीकी की सराहना की. उन्होंने यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हुसैन ओबामा वाली टिप्पणी ने भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव के संबंध में उनके नेता पीएम मोदी को पहले ही गलत साबित कर दिया है.

उन्हांेने लिखा-सबरीना सिद्दीकी आपको चिंता करने की जरूरत नहीं. आपको कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है. एक पत्रकार के तौर पर आपने बहुत अच्छा काम किया है. आपको पूरे अंक. असम के बीजेपी सीएम पहले ही अपने नेता नरेंद्र मोदी को गलत साबित कर चुके हैं.” .