प्रोफेसर तौकीर अहमद सीआरएसआई कांस्य पदक से सम्मानित, जामिया का नाम रोशन
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रसायन विज्ञान विभाग के प्रख्यात प्रोफेसर तौकीर अहमद को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए वर्ष 2025 का सीआरएसआई (केमिकल रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया) कांस्य पदक प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें 3 से 5 जुलाई 2025 के बीच आईआईटी गांधीनगर में आयोजित 35वीं सीआरएसआई-एसीएस राष्ट्रीय रसायन संगोष्ठी और एसीएस व्याख्यान श्रृंखला के दौरान प्रदान किया गया।
सीआरएसआई द्वारा दिया जाने वाला कांस्य पदक, रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट और मौलिक अनुसंधान कार्य को मान्यता देने वाला भारत का एक प्रतिष्ठित सम्मान है। प्रोफेसर अहमद को यह सम्मान विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन ऊर्जा और नैनोकैटेलिसिस जैसे उभरते और अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर किए गए उनके प्रभावशाली शोध योगदान के लिए दिया गया है। उनके कार्यों ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय में एक नई दिशा स्थापित की है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट के समाधान की दिशा में भी प्रभावी भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर प्रोफेसर अहमद ने “डिज़ाइनिंग ऑफ फंक्शनल हेटेरोस्ट्रक्चर्स फॉर स्केलेबल हाइड्रोजन प्रोडक्शन यूज़िंग ओवरऑल कटैलिसिस” विषय पर अपना सीआरएसआई कांस्य पदक व्याख्यान भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने अपने शोध कार्य की प्रमुख उपलब्धियों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भावी संभावनाओं को विस्तार से साझा किया। यह व्याख्यान संगोष्ठी में उपस्थित देशभर के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और अकादमिक प्रतिनिधियों द्वारा अत्यंत सराहा गया।

प्रोफेसर तौकीर अहमद, जो कि रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (FRSC) के फेलो भी हैं, ने IIT रुड़की से स्नातक और IIT दिल्ली से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वे पिछले दो दशकों से रसायन विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय रूप से शोध और शिक्षण कार्य में संलग्न हैं। उनकी शोध रुचियों में हरित हाइड्रोजन उत्पादन, कार्बन डाइऑक्साइड रिडक्शन रिएक्शन (CO₂RR) और नाइट्रोजन रिडक्शन रिएक्शन (NRR) के लिए फंक्शनल हेटेरोस्ट्रक्चर्स का डिज़ाइन और विकास प्रमुख हैं। उनका उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा समाधान विकसित करना है।
प्रो. अहमद ने अब तक 228 से अधिक शोध पत्र और 3 पुस्तकें प्रकाशित की हैं। उनके कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता मिली है, जिसकी पुष्टि उनके लगभग 10,000 साइटेशन्स, 59 का H-इंडेक्स और 186 का i10-इंडेक्स से होती है। उन्होंने 16 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है, जो स्वयं अब विभिन्न संस्थानों में शोध और शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
प्रोफेसर अहमद को इससे पूर्व भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें एमआरएसआई मेडल, एसएमसी ब्रोंज मेडल, आईएससीएएस मेडल, इंस्पायर्ड टीचर्स प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया अवार्ड, डीएसटी-डीएफजी अवार्ड, IIT दिल्ली एलुमनाई फैकल्टी अवार्ड, डॉ. एस.एस. देशपांडे राष्ट्रीय पुरस्कार, विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार और शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार शामिल हैं।
इतना ही नहीं, प्रोफेसर अहमद को भारत की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी का सदस्य चुना गया है और उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (USA) द्वारा प्रकाशित सूची में वर्ष 2020 से लगातार पांच वर्षों तक विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में भी शामिल किया गया है। यह उपलब्धि उनकी वैश्विक वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने प्रोफेसर अहमद को इस उल्लेखनीय सम्मान के लिए बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है बल्कि भारतीय रसायन विज्ञान जगत के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने प्रोफेसर अहमद की उपलब्धि को जामिया की शैक्षणिक और शोध गुणवत्ता का प्रतीक बताया।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद प्रोफेसर अहमद ने कहा कि वे इस उपलब्धि से सम्मानित और प्रेरित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विशेष रूप से उनके द्वारा किए गए हरित हाइड्रोजन ऊर्जा पर शोध कार्य की अंतरराष्ट्रीय मान्यता का प्रमाण है। उन्होंने अपने छात्रों, शोध सहयोगियों, मार्गदर्शकों, मित्रों और परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान अकेले उनका नहीं, बल्कि एक पूरी टीम की मेहनत का फल है।
उल्लेखनीय है कि केमिकल रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया (CRSI) की स्थापना वर्ष 1999 में भारत की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर की गई थी। इसका उद्देश्य देश में रसायन विज्ञान और रासायनिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को पहचानना, प्रोत्साहित करना और आगे बढ़ाना है। सीआरएसआई रासायनिक अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने और रसायन विज्ञान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करती है। सोसायटी का रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (UK), अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (ACS), एशियन, जर्मन और फ्रेंच केमिकल सोसाइटीज़ के साथ भी सक्रिय सहयोग है।
इस पुरस्कार के माध्यम से न केवल प्रोफेसर अहमद के कार्यों को सम्मानित किया गया है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा भी है कि वे भी नवीन ऊर्जा समाधानों और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से समाज के प्रति अपना योगदान दे सकते हैं।

