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रमज़ान 2025 : मस्जिद अल-हरम में ये सात प्रतिष्ठित इमाम पढ़ाएंगे तरावीह की नमाज़

मुस्लिम नाउ ब्यूरो,मक्का

सऊदी अरब के मस्जिद अल-हरम में 1446 (2025) के दौरान तरावीह की नमाज़ का नेतृत्व करने के लिए सात प्रमुख और प्रतिष्ठित इमामों की नियुक्ति की घोषणा की गई है. इस निर्णय के तहत, दो पवित्र मस्जिदों के मामलों की जनरल प्रेसीडेंसी ने इन इमामों को चुना है, जो इस्लाम के सबसे पवित्र महीने के दौरान मस्जिद अल-हरम में तरावीह की नमाज़ का नेतृत्व करेंगे.

यह नियुक्ति इस्लामी प्रार्थना के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में की गई है और इसके तहत इन इमामों का कार्य न केवल नमाज़ का नेतृत्व करना, बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए एक आध्यात्मिक और सूक्ष्म अनुभव प्रदान करना भी होगा.

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इन सात इमामों की सूची में कुछ विश्वप्रसिद्ध नाम शामिल हैं, जो अपने सस्वर पाठ, कुरान की तिलावत और आध्यात्मिक नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं. इनमें से सबसे प्रमुख नामों में शेख अब्दुर रहमान अस सुदैस, शेख माहेर अल मुइकली, शेख अब्दुल्ला जुहानी, शेख बंदर बलीलाह, शेख यासिर दावसरी, शेख बद्र अल तुर्की और शेख वलीद अल शमसन का नाम शामिल है.

इमामों की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

इन इमामों को अपनी भूमिकाओं में नमाज़ का नेतृत्व करने के अलावा, हजयात्रियों को धार्मिक उपदेश देना और उन्हें एक सहज और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना भी शामिल है. शेख सुदैस और शेख मुइकली, जो पहले भी हज और लैलात अल-क़द्र जैसे प्रमुख इस्लामी आयोजनों के दौरान नमाज़ का नेतृत्व कर चुके हैं, इस बार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

उनकी तिलावत के कारण इन दोनों इमामों को वैश्विक स्तर पर पहचान प्राप्त है, खासकर रमज़ान और हज के दौरान.

सऊदी अरब द्वारा किए गए विस्तार के प्रभाव

सऊदी अरब ने मस्जिद अल-हरम के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है, जिसके कारण 2025 के रमज़ान में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के मस्जिद अल-हरम आने की संभावना है. इस विशाल विस्तार के बाद, मस्जिद में एक साथ लाखों लोग नमाज़ अदा कर सकेंगे.

स्वास्थ्य प्रोटोकॉल और सुरक्षा उपाय

मस्जिद अल-हरम में आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सऊदी अधिकारियों ने विशेष रूप से स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने का आश्वासन दिया है. रमज़ान के दौरान, सऊदी अरब ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के उपायों को सुनिश्चित किया है.

आध्यात्मिक महत्व और वैश्विक प्रसारण

तरावीह की नमाज़, जो रमज़ान के दौरान हर रात अदा की जाती है, मक्का में लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. इस आयोजन को दुनियाभर में लाइव प्रसारित किया जाता है, जिससे अरबों लोग इसका हिस्सा बनते हैं. इस नमाज़ का उद्देश्य न केवल एक धार्मिक कर्तव्य पूरा करना होता है, बल्कि यह एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करता है, जो सभी मुसलमानों के दिलों को जोड़ता है.

2025 के रमज़ान में मस्जिद अल-हरम में तरावीह नमाज़ का नेतृत्व करने वाले सात इमामों की नियुक्ति ने न केवल इस्लामी धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, बल्कि यह मस्जिद के विस्तार और दुनिया भर के मुसलमानों के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है. इस वर्ष रमज़ान में श्रद्धालुओं के अनुभव को सुरक्षित, व्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं.

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