महमूदाबाद कॉलेज में रोवर्स-रेंजर्स कैंप संपन्न
लखनऊ
ज़): फखरुद्दीन अली अहमद गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, महमूदाबाद में आयोजित तीन दिवसीय रोवर्स-रेंजर्स प्रवेश प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। शिविर के अंतिम दिन की शुरुआत परंपरागत ध्वज सम्मान के साथ की गई, जिसके बाद कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सीमा सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना था। अंतिम दिन के पहले सत्र में प्रशिक्षकों—संजय कुमार कश्यप, कुमारी पूजा देवी और मीनाक्षी मौर्य—ने रोवर्स और रेंजर्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इसमें प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सीपीआर, मार्च पास्ट, गांठ बांधने की तकनीक, बीपी-6 के मूल सिद्धांत, बिना बर्तनों के भोजन तैयार करना और तंबू लगाने जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। इन अभ्यासों के माध्यम से छात्रों को आपात परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया गया।

दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर सर्वेश कुमार मिश्रा, जो कि जनपद सीतापुर के रोवर कमिश्नर और महिला गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, मिश्रिख के प्राचार्य हैं, का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रोवर्स-रेंजर्स आंदोलन युवाओं में शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।
प्राचार्या डॉ. सीमा सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों में ईमानदारी, समाज सेवा और टीमवर्क जैसे मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नृत्य, गीत और लघु नाटिका ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और माहौल को जीवंत बना दिया।

समापन समारोह में राष्ट्रगान के साथ शिविर के औपचारिक अंत की घोषणा की गई। इस अवसर पर डॉ. उपेंद्र प्रताप सिंह (रोवर इंचार्ज) और डॉ. ज़ेबा खान विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कॉलेज के अन्य शिक्षक और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह शिविर न केवल प्रशिक्षण का माध्यम बना, बल्कि छात्रों के भीतर आत्मविश्वास, नेतृत्व और सेवा भाव को भी सुदृढ़ करने में सफल रहा।

