सऊदी अरब ने विज्ञापनों में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर लगाई रोक ,उल्लंघन किया तो भुगतनी पड़ेगी सजा
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, रियाद
सऊदी अरब ने विज्ञापनों में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा देश ने व्यावसायिक मामलों में किसी भी देश के प्रतीकों और लोगो तथा धार्मिक और पवित्र चीजों के प्रतीकों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.
मध्य पूर्व स्थित मीडिया गल्फ न्यूज ने रविवार (17 नवंबर) को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी.देश के वाणिज्य मंत्री. माजिद अल कसाबी ने कहा, यह निर्णय इन प्रतीकों की पवित्रता की रक्षा के लिए सऊदी की प्रतिबद्धता के मद्देनजर लिया गया है.निर्देश में कहा गया है कि किसी भी प्रकार के प्रचार अभियान और अन्य व्यावसायिक मामलों में राष्ट्रीय, धार्मिक और पवित्र प्रतीकों का उपयोग नहीं किया जाएगा.
इस निर्देश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सऊदी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. यह निर्देश आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के 90 दिन बाद प्रभावी होगा. इन 90 दिनों के भीतर उल्लंघनकर्ताओं को सुधार करने का अवसर दिया जाएगा. दूसरे शब्दों में, जिन संगठनों की गतिविधियों में धार्मिक प्रतीक हैं, उन्हें उन्हें बदलने का अवसर दिया जाएगा.

सऊदी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक मामलों में सऊदी ध्वज का उपयोग पहले से ही प्रतिबंधित है। इस ध्वज पर कालिमा उत्कीर्ण है। इसमें एक ताड़ का पेड़ और दो तलवार के प्रतीक भी हैं.इसके अलावा, नया निर्देश मुद्रित वस्तुओं, अन्य वस्तुओं, उपहारों और प्रचार सामग्री पर सऊदी नेताओं के नाम और छवियों के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाता है.
इस बीच, सऊदी की राजधानी रियाद में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में काबा जैसी दिखने वाली एक वस्तु को मंच पर प्रदर्शित किया गया. उस मंच पर कलाकार नाच-गा रहे थे. ऐसी ही एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस पर कड़ी आलोचना शुरू हो गई. इसके बाद सऊदी की ओर से ऐसे निर्देश आये. हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह निर्णय घटना के बाद लिया गया था या नहीं.
मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधियों में इन प्रतीकों के दुरुपयोग या शोषण को रोकना है.
नए विनियमन के तहत, किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को लाभ के लिए ऐसे प्रतीकों या लोगो का उपयोग करते हुए पाया गया तो उसे दंडात्मक नगरपालिका उल्लंघन विनियमों में उल्लिखित दंड का सामना करना पड़ेगा. आधिकारिक राजपत्र में निर्णय प्रकाशित होने के 90 दिनों के बाद ये उपाय प्रभावी होंगे, जिससे व्यवसायों को अनुपालन के लिए एक संक्रमण अवधि मिलेगी.