सीरिया में सुरक्षा खतरे की घंटी: शद्दादी जेल से 1,500 आईएस कैदी फरार
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली/काहिरा
सीरिया के पूर्वी हिस्से में स्थित शद्दादी जेल से इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े कैदियों के बड़े पैमाने पर फरार होने की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि जेल से करीब 120 आईएस कैदी फरार हुए हैं। हालांकि, कुर्द वेबसाइट रुदाव की रिपोर्ट में कुर्द-नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) के प्रवक्ता फरहाद शमी के हवाले से दावा किया गया है कि लगभग 1,500 आईएस सदस्य जेल से भाग निकले।
सीरियाई आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, कैदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही सीरियाई सेना और मंत्रालय की विशेष बलों की इकाइयों ने शद्दादी शहर में प्रवेश किया। इसके बाद शहर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया गया। मंत्रालय ने कहा कि अब तक 81 फरार कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शेष की तलाश जारी है।
इससे पहले, सीरियाई सेना ने एक बयान में कहा था कि शद्दादी में स्थित उस जेल से “कुछ” इस्लामिक स्टेट लड़ाके भागे हैं, जो पहले एसडीएफ के नियंत्रण में थी। हालांकि, सेना ने उस समय फरार कैदियों की संख्या स्पष्ट नहीं की थी। सीरियाई सेना ने इस घटना के लिए कुर्द-नियंत्रित एसडीएफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने आतंकवादियों को भागने में मदद की।

कुर्द सशस्त्र संगठन एसडीएफ के प्रवक्ता फरहाद शमी ने दावा किया कि सीरियाई सेना द्वारा शद्दादी पर छापेमारी किए जाने के बाद जेल में अफरा-तफरी मच गई, जिसका फायदा उठाकर कैदी फरार हो गए। उन्होंने कहा कि यह घटना सैन्य कार्रवाई के दौरान हुई, न कि किसी पूर्व नियोजित रिहाई के तहत।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सीरियाई सेना और एसडीएफ के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल के दिनों में सीरियाई सेना ने कुर्द-नियंत्रित क्षेत्रों और शहरों में व्यापक सैन्य अभियान चलाए हैं। कई दिनों तक चले संघर्ष के बाद दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है, हालांकि यह संघर्षविराम अभी भी नाजुक स्थिति में बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद सत्ता में आए नए राष्ट्रपति अहमद अल-सर्राह ने एसडीएफ को सीरियाई सेना में एकीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस उद्देश्य से एसडीएफ के साथ बातचीत भी हुई, लेकिन वार्ता विफल रही। इसके बाद सीरियाई सेना ने कई इलाकों में कुर्द बलों से नियंत्रण वापस लेना शुरू किया, जिनमें रक्का और देइर अल-जोर जैसे रणनीतिक क्षेत्र भी शामिल हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, हालिया घटनाएं सीरिया में सुरक्षा स्थिति की गंभीरता और आईएस जैसे आतंकी संगठनों के दोबारा सक्रिय होने के खतरे को उजागर करती हैं। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि शेष फरार आतंकियों की गिरफ्तारी तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।

