भीड़ हिंसा पर सीनियर IPS अब्दुर रहमान का सवाल—ज़हर कौन फैला रहा है?
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, मुंबई
महाराष्ट्र के सीनियर आईपीएस रहे अब्दुर रहमान ने जलगांव की ताज़ा घटना को लेकर देश के लिए एक खतरनाक चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यह महज़ एक अपराध नहीं, बल्कि एक भयावह ट्रेंड का हिस्सा है—जहाँ किसी बहाने से मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें साजिश के तहत प्रताड़ित किया जा रहा है और भीड़ के हवाले कर दिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—अगर समय पर पुलिस कार्रवाई न करती तो एक मासूम मुस्लिम युवा की जान भीड़ के हाथों चली जाती।
जलगांव की घटना
11 अगस्त को छोटा बेटावत गाँव का रहने वाला सुलेमान रहीम खान पठान अपने सपनों को पूरा करने के लिए जामनेर के एक इंटरनेट कैफ़े पहुँचा था। मक़सद सिर्फ इतना था कि वह पुलिस भर्ती का ऑनलाइन फॉर्म भर सके। वहीं बैठी एक लड़की से वह फॉर्म भरने को लेकर बात कर रहा था—लेकिन इसी छोटे से संवाद को बहाना बनाकर अचानक 8-10 लोग कैफ़े में घुसे और सुलेमान पर टूट पड़े।
भीड़ ने सुलेमान को बेरहमी से पीटा, फिर उसे उसके गाँव घसीट ले गए और उसके ही परिवार के सामने उसकी जानलेवा पिटाई की। नतीजा—सुलेमान की मौत।
बड़ा सवाल
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए SIT बनाई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी बेरोज़गार और कम पढ़े-लिखे युवा हैं, जो आज हत्या के आरोपी बन चुके हैं। लेकिन सवाल ये है—
👉 कौन है जो मासूम मुस्लिम युवाओं को भीड़ से मरवा रहा है?
👉 कौन है जो बेरोज़गार हिंदू युवाओं को नफ़रत के नाम पर हत्यारा बना रहा है?
अब्दुर रहमान की कड़ी टिप्पणी
अब्दुर रहमान ने साफ कहा—
“यह सब समाज में फैलाए गए जहर का नतीजा है। जब तक जहरीले और नफ़रती भाषण देने वालों पर सख़्त कार्रवाई नहीं होगी, जब तक उन्हें संरक्षण मिलता रहेगा, तब तक यह सिलसिला रुकेगा नहीं। अफ़सोस की बात है कि जिनके हाथों में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी है, वही ताक़तवर लोगों को छूट दे रहे हैं।”
यह घटना न सिर्फ जलगांव, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की छवि पर एक काला धब्बा है।
जलगांव जिला के छोटा बेटावत का रहनेवाला सुलेमान रहीम खान पठान 11 अगस्त को अपने घर से 15 km दूर जामनेर के एक इंटरनेट कैफ़े में पुलिस भर्ती का ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए गया था. फॉर्म भरने के क्रम में एक लड़की से बातचीत करने लगा. हो सकता है फॉर्म कैसे भरा जाएं इस के बारे में बात कर…
— Abdur Rahman (@AbdurRahman_IPS) August 15, 2025
उम्मीद
SIT से उम्मीद है कि वे सिर्फ आरोपियों को सज़ा तक सीमित न रहें, बल्कि इस घटना की जड़ों तक जाएँ और देश के सामने सच रखें—ताकि यह सिलसिला हमेशा के लिए थमे।

