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वेस्ट बैंक में बस्तियों की हिंसा रिकॉर्ड स्तर पर: संयुक्त राष्ट्र

नई दिल्ली:

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों से जुड़ी हिंसा वर्ष 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, औसतन प्रतिदिन छह ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनमें लोगों के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना मिल रही है। संगठन का कहना है कि इस वर्ष अब तक ऐसे हमलों की संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल पिछले सप्ताह ही बस्ती से जुड़े हमलों में 30 से अधिक फिलिस्तीनी घायल हुए और बड़े पैमाने पर संपत्ति, बुनियादी ढांचे तथा लोगों की आजीविका को नुकसान पहुंचा।

दुजारिक के अनुसार, मौजूदा समय में हिंसा की रफ्तार पिछले सभी वर्षों की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन औसतन छह घटनाएं दर्ज होना इस बात का संकेत है कि वेस्ट बैंक में सुरक्षा और मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष अब तक बस्ती से जुड़ी हिंसा और आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण 2,200 से अधिक फिलिस्तीनी अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इसके अलावा, इजरायली अधिकारियों द्वारा मकानों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई के कारण भी सैकड़ों अन्य लोग विस्थापित हुए हैं।

वेस्ट बैंक लंबे समय से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद का प्रमुख केंद्र रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, वेस्ट बैंक में स्थापित अधिकांश इजरायली बस्तियों को अवैध माना जाता है। हालांकि इजरायल इस मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण रखता है और क्षेत्र में बस्तियों का विस्तार वर्षों से जारी है।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी यरुशलम को छोड़कर वेस्ट बैंक में पांच लाख से अधिक इजरायली बाशिंदे विभिन्न बस्तियों में रहते हैं। वहीं, इस क्षेत्र में लगभग 30 लाख फिलिस्तीनी भी निवास करते हैं, जिनके लिए सुरक्षा, आवाजाही और आजीविका से जुड़े मुद्दे लगातार चुनौती बने हुए हैं।

वेस्ट बैंक पर इजरायल का नियंत्रण वर्ष 1967 के युद्ध के बाद से है। तब से यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और शांति वार्ताओं का एक प्रमुख विषय रहा है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं समय-समय पर यहां बढ़ती हिंसा और मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त करती रही हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इजरायल पर किए गए बड़े हमले और उसके बाद शुरू हुए गाजा युद्ध के दौरान तथा उसके बाद वेस्ट बैंक में हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय आबादी पर सामाजिक, आर्थिक और मानवीय दबाव लगातार बढ़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने संकेत दिया है कि यदि मौजूदा स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो क्षेत्र में मानवीय संकट और गहरा सकता है। संगठन ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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