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शारजाह में सात साल की भारतीय बच्ची की गिरकर मौत

शारजाह।

संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में सात साल की भारतीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची अपने परिवार के साथ शारजाह के अल नब्बा इलाके में रहती थी। बताया जा रहा है कि वह परिवार के फ्लैट की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। हादसे के समय बच्ची घर में अकेली थी।

मृत बच्ची की पहचान सफा मुबारक के रूप में हुई है। वह अजमान के एक स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा थी। सफा अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। उसके माता पिता मूल रूप से भारत के केरल के रहने वाले हैं और लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं।

परिवार के अनुसार, सफा अगले सप्ताह स्कूल खुलने का इंतजार कर रही थी। परिवार हाल ही में केरल से छुट्टियां बिताकर यूएई लौटा था। घर लौटने के बाद बच्ची अपने स्कूल जाने को लेकर उत्साहित थी। लेकिन सोमवार को हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

घर में अकेली थी बच्ची

परिवार के सदस्य मंसूर अली ने बताया कि हादसे के समय सफा घर में अकेली थी। उसके पिता मुबारक अली किसी काम से नीचे कार तक गए थे। बच्ची की मां मुर्शिदा मुबारक पहले ही अपने काम के लिए घर से निकल चुकी थीं। वह शारजाह की एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करती हैं।

परिवार के मुताबिक, सफा उस समय सो रही थी। उसके पिता थोड़ी देर के लिए नीचे गए थे। इसी दौरान बच्ची की नींद खुली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसने कमरे की स्लाइडिंग खिड़की का दरवाजा खोला और इसके बाद वह नीचे गिर गई।

परिवार के चाचा मंसूर अली ने बताया कि घटना को देखकर यही लगता है कि बच्ची ने खिड़की खोली और दुर्घटनावश नीचे गिर गई। उन्होंने कहा कि घटना के समय उसके पिता अभी नीचे ही थे।

हादसा इतना गंभीर था कि बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में अफरा तफरी मच गई। माता पिता के लिए यह विश्वास करना बेहद कठिन था कि कुछ ही समय पहले तक उनके साथ रहने वाली उनकी बेटी अब उनके बीच नहीं रही।

स्कूल लौटने की तैयारी में थी सफा

सफा अजमान के एक स्कूल में कक्षा दो की छात्रा थी। छुट्टियां खत्म होने के बाद अगले सप्ताह स्कूल दोबारा खुलना था। परिवार के मुताबिक, सफा स्कूल जाने को लेकर काफी खुश थी।

कुछ समय पहले ही वह अपने माता पिता के साथ केरल गई थी। छुट्टियां बिताने के बाद परिवार वापस शारजाह लौटा था। घर लौटने के बाद सामान्य दिनचर्या शुरू होने वाली थी। बच्ची की पढ़ाई और स्कूल को लेकर परिवार भी तैयारियों में जुटा था।

किसी ने नहीं सोचा था कि छुट्टियों के बाद घर लौटने का यह समय परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी लेकर आएगा।

सफा अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। ऐसे में उसकी मौत ने परिवार के दुख को और गहरा कर दिया है। उसके रिश्तेदारों के मुताबिक, माता पिता सदमे में हैं और इस समय उनके लिए अपनी भावनाओं को संभालना बेहद मुश्किल है।

पिता स्वास्थ्य क्षेत्र में करते हैं काम

परिवार के अनुसार, सफा के पिता मुबारक अली दुबई के एक स्वास्थ्य संस्थान में कार्यरत हैं। उनकी मां मुर्शिदा शारजाह में रियल एस्टेट कंपनी के साथ काम करती हैं।

परिवार लंबे समय से यूएई में रह रहा था। रोज की तरह माता पिता अपने काम में व्यस्त थे। इसी बीच घर में हुई कुछ मिनटों की घटना ने परिवार की पूरी जिंदगी बदल दी।

इस घटना ने एक बार फिर ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों के सामने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छोटे बच्चे खिड़की, बालकनी और ऊंचाई वाले स्थानों के खतरे को हमेशा समझ नहीं पाते। इसलिए घर में ऐसी जगहों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

शारजाह पुलिस कर रही जांच

हादसे के बाद स्थानीय अधिकारियों की कार्रवाई शुरू हो गई है। शारजाह पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है।

परिवार बच्ची का अंतिम संस्कार यूएई में ही करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन से संबंधित कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। परिवार के सदस्य सोमवार को जरूरी कागजी कार्रवाई के लिए अधिकारियों के संपर्क में थे।

बच्ची के पिता और अन्य परिजन इस कठिन समय में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। परिवार के लिए यह समय बेहद पीड़ादायक है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सावधानी जरूरी

शारजाह में भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच इस घटना की खबर से दुख का माहौल है। यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय परिवार ऊंची इमारतों में रहते हैं। इनमें छोटे बच्चों वाले परिवार भी शामिल हैं।

ऐसे घरों में खिड़कियों और बालकनी की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। बच्चों की पहुंच वाली खिड़कियों पर मजबूत सुरक्षा लॉक और सुरक्षा गार्ड लगाए जा सकते हैं। स्लाइडिंग खिड़कियों को इस तरह सुरक्षित करना जरूरी है कि छोटा बच्चा उन्हें आसानी से न खोल सके।

विशेषज्ञ लंबे समय से माता पिता को सलाह देते रहे हैं कि बच्चों को खिड़कियों, बालकनी और ऊंचाई वाली जगहों के पास अकेला न छोड़ें। घर में फर्नीचर को भी खिड़की से दूर रखना उपयोगी होता है। कई बार बच्चे कुर्सी या मेज पर चढ़कर खिड़की तक पहुंच सकते हैं।

यह हादसा इसी बात की गंभीर याद दिलाता है कि बच्चों की सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। खासकर अपार्टमेंट और ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों को खिड़की और बालकनी की नियमित जांच करनी चाहिए।

एक परिवार की जिंदगी में छा गया सन्नाटा

सफा की मौत से उसके माता पिता ने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया है। जिस बच्ची के लिए अगले सप्ताह स्कूल लौटने की तैयारी चल रही थी, अब उसी घर में मातम है।

परिवार के रिश्तेदार उनके साथ हैं। वे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी में मदद कर रहे हैं।

फिलहाल शारजाह पुलिस की जांच का इंतजार है। पुलिस की जांच से हादसे की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

सात साल की सफा की मौत एक परिवार के लिए कभी न भरने वाला दुख बन गई है। साथ ही यह घटना यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासी परिवारों के लिए बच्चों की घरेलू सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी भी है।

AEO सवाल और जवाब

शारजाह में सात साल की बच्ची की मौत कैसे हुई?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, सफा मुबारक शारजाह के अल नब्बा इलाके में अपने परिवार के तीसरी मंजिल के फ्लैट से गिर गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सफा मुबारक कौन थी?
सफा मुबारक सात साल की भारतीय बच्ची थी। वह अजमान के एक स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती थी और अपने माता पिता की इकलौती संतान थी।

हादसे के समय बच्ची के माता पिता कहां थे?
परिवार के अनुसार, उसकी मां काम पर जा चुकी थीं। पिता कुछ समय के लिए नीचे कार तक गए थे। बच्ची उस दौरान घर में अकेली थी।

सफा का परिवार कहां का रहने वाला है?
परिवार मूल रूप से केरल का रहने वाला है और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा था।

क्या मामले की जांच हो रही है?
हां। शारजाह पुलिस घटना की जांच कर रही है।

बच्चों को खिड़की से गिरने से कैसे बचाया जा सकता है?
खिड़कियों पर सुरक्षा लॉक और मजबूत गार्ड लगाना चाहिए। बच्चों को खिड़की और बालकनी के पास अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। खिड़की के पास ऐसी कुर्सी या मेज भी नहीं रखनी चाहिए जिस पर चढ़कर बच्चा आसानी से ऊंचाई तक पहुंच सके।