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सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 की घोषणा, नसर और Bandanawaz सम्मानित

अलीगढ़

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 के लिए इस साल के सम्मानितों के नामों की घोषणा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार प्रमुख इस्लामी दार्शनिक और विद्वान प्रो. हुसैन नसर को दिया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए कर्नाटक के गुलबर्गा स्थित ख्वाजा Bandanawaz Educational Society का चयन किया गया है।

दोनों पुरस्कार 17 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सर सैयद डे स्मृति समारोह में प्रदान किए जाएंगे। यह समारोह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाता है।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा, साहित्य, सामाजिक सुधार, इतिहास, सांप्रदायिक सद्भाव और दूसरे संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

प्रो. हुसैन नसर को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

इस वर्ष का इंटरनेशनल सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड 2026 प्रो. हुसैन नसर को प्रदान किया जाएगा। वह अमेरिका की जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज के प्रोफेसर हैं।

प्रो. नसर को इस्लामी दर्शन, धर्म, विज्ञान और सभ्यता पर अपने व्यापक अध्ययन के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। उन्होंने इस्लाम, आध्यात्मिकता, आधुनिकता और धार्मिक चिंतन से जुड़े विषयों पर लंबे समय तक काम किया है।

उन्हें एक गहरे सांस्कृतिक आलोचक और धर्मशास्त्री के रूप में भी जाना जाता है। उनका अकादमिक काम इस्लामी बौद्धिक परंपरा को आधुनिक दुनिया के संदर्भ में समझने की कोशिश करता है।

प्रो. नसर की शैक्षणिक यात्रा भी काफी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी MIT से भौतिकी में बीए की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से भूविज्ञान और भूभौतिकी में एमए किया। उन्होंने हार्वर्ड से विज्ञान के इतिहास में डॉक्टरेट की उपाधि भी हासिल की।

विज्ञान और धर्म के बीच संबंधों को लेकर उनके अध्ययन को विशेष महत्व दिया जाता है। उनके लेखन में आधुनिक विज्ञान, इस्लामी दर्शन, धर्म और आध्यात्मिक ज्ञान जैसे विषय प्रमुख रहे हैं।

कई चर्चित किताबों के लेखक हैं नसर

प्रो. हुसैन नसर ने इस्लाम और सभ्यता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर किताबें लिखी हैं। उनकी चर्चित पुस्तकों में Science and Civilisation in Islam, Religion and the Order of Nature, The Heart of Islam और Islam: Religion, History, and Civilisation शामिल हैं।

उनकी किताब Science and Civilisation in Islam वर्ष 1968 में प्रकाशित हुई थी। इसमें इस्लामी सभ्यता में विज्ञान के विकास और उसकी बौद्धिक परंपरा पर विस्तार से चर्चा की गई है।

इसी तरह The Heart of Islam में इस्लाम की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को समझाने का प्रयास किया गया है।

प्रो. नसर को प्रतिष्ठित गिफोर्ड लेक्चर देने का अवसर भी मिला। ब्रिटेन में आयोजित होने वाली यह व्याख्यान श्रृंखला धर्म और दर्शन के क्षेत्र में विशेष प्रतिष्ठा रखती है। उनके गिफोर्ड व्याख्यान बाद में Knowledge and the Sacred नाम से पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुए।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. नसर को अंतरराष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार दिया जाना उनके लंबे अकादमिक और बौद्धिक योगदान की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

Bandanawaz Educational Society को राष्ट्रीय सम्मान

नेशनल सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड 2026 कर्नाटक के गुलबर्गा स्थित ख्वाजा बंधानवाज एजुकेशनल सोसाइटी को दिया जाएगा।

यह संस्था गुलबर्गा स्थित प्रसिद्ध सूफी दरगाह ख्वाजा बंधानवाज यानी गेसूदराज से जुड़ी है। संस्था की स्थापना वर्ष 1958 में हुई थी।

पिछले कई दशकों में सोसाइटी ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। संस्था के तहत 15 से अधिक शैक्षणिक संस्थान संचालित होते हैं।

इनमें ख्वाजा बंधानवाज यूनिवर्सिटी यानी KBNU भी शामिल है। विश्वविद्यालय की स्थापना 2018 में हुई थी। इसके अलावा संस्था के तहत करीब 20 कॉलेज भी संचालित किए जाते हैं।

ख्वाजा बंधानवाज एजुकेशनल सोसाइटी चिकित्सा, इंजीनियरिंग, नर्सिंग और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में भी काम कर रही है।

इसके प्रमुख संस्थानों में ख्वाजा बंधानवाज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बंधानवाज कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और बंधानवाज स्कूल ऑफ नर्सिंग शामिल हैं। संस्था कई स्कूलों का संचालन भी करती है।

शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे इस काम को देखते हुए सोसाइटी को राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चुना गया है।

पुरस्कार राशि भी तय

सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों श्रेणियों में पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

अंतरराष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार के साथ 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

वहीं राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार के साथ 1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन लोगों और संस्थाओं के योगदान को सामने लाना है, जिन्होंने सर सैयद अहमद खान की शैक्षिक और सामाजिक सुधार की सोच से जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किया है।

पुरस्कार के लिए जिन क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है, उनमें सर सैयद अध्ययन, दक्षिण एशियाई अध्ययन, उर्दू साहित्य, मध्यकालीन इतिहास, सामाजिक सुधार, सांप्रदायिक सद्भाव और अंतरधार्मिक संवाद शामिल हैं। पत्रकारिता और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्य भी पुरस्कार के दायरे में आते हैं।

पांच सदस्यीय जूरी ने किया चयन

पुरस्कार विजेताओं के चयन के लिए एक प्रतिष्ठित जूरी का गठन किया गया था। इस जूरी की अध्यक्षता प्रो. आजरमी दुख्त सफवी ने की।

जूरी में कई जाने माने शिक्षाविद और साहित्यकार शामिल रहे। इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली के कला संकाय के पूर्व डीन प्रो. अनीसुर रहमान भी शामिल थे।

इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के केए निजामी सेंटर फॉर कुरानिक स्टडीज के मानद निदेशक प्रो. एआर किदवई जूरी के सदस्य रहे।

प्रख्यात लेखक और अल बरकात एजुकेशनल सोसाइटी, अलीगढ़ से जुड़े सैयद मोहम्मद अशरफ भी चयन समिति का हिस्सा थे।

एएमयू के कला संकाय के पूर्व डीन प्रो. इम्तियाज हसनैन भी जूरी में शामिल रहे।

सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. शफी किदवई ने जूरी के संयोजक की भूमिका निभाई।

सर सैयद डे पर होगा सम्मान

सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 के विजेताओं को 17 अक्टूबर को आयोजित सर सैयद डे स्मृति समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

सर सैयद अहमद खान की जयंती के अवसर पर हर वर्ष अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सर सैयद डे एएमयू के सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजनों में शामिल है।

इस वर्ष का समारोह भी विश्वविद्यालय के लिए खास माना जा रहा है। एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्लामी दर्शन और अकादमिक शोध के लिए पहचाने जाने वाले प्रो. हुसैन नसर को सम्मानित किया जाएगा। दूसरी ओर शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही ख्वाजा बंधानवाज एजुकेशनल सोसाइटी को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा।

दोनों चयन सर सैयद अहमद खान की उस व्यापक सोच से जुड़े दिखाई देते हैं, जिसमें शिक्षा को समाज के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया था।

एएमयू कुलपति ने दी अंतिम मंजूरी

पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मंजूरी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने दी।

सर सैयद अकादमी के निदेशक और जूरी संयोजक प्रो. शफी किदवई ने पुरस्कार विजेताओं की जानकारी साझा की।

एएमयू के सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कारों की खासियत यह है कि इनमें केवल अकादमिक उपलब्धियों को ही नहीं देखा जाता। सामाजिक सुधार, साहित्य, इतिहास, पत्रकारिता, सांप्रदायिक सद्भाव और अंतरधार्मिक संवाद जैसे क्षेत्रों को भी महत्व दिया जाता है।

इसी वजह से इस वर्ष एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विद्वान और एक शैक्षणिक संस्था को अलग अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जा रहा है।

प्रो. हुसैन नसर का चयन वैश्विक स्तर पर इस्लामी दर्शन और अध्ययन में उनके योगदान को रेखांकित करता है। वहीं ख्वाजा बंधानवाज एजुकेशनल सोसाइटी का सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उसके लंबे संस्थागत काम को पहचान देता है।

17 अक्टूबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जब दोनों सम्मान प्रदान किए जाएंगे, तब यह आयोजन केवल पुरस्कार समारोह नहीं होगा। यह सर सैयद अहमद खान की उस विरासत को भी याद करने का अवसर होगा, जिसमें शिक्षा, ज्ञान, सामाजिक सुधार और संवाद को समाज की प्रगति का आधार माना गया था।

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